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तहसील पर गरजे सपाई, गेट बंद होने पर भड़के, नोकझोंक-हंगामा
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मुरादाबाद। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में धांधली के विरोध में सपाई गुरुवार को तहसील पर जमकर गरजे। सपाइयों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गेट बंद होने पर कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा कर दिया। कुछ कार्यकर्ता गेट पर ही बैठ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। बाद में धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपने के बाद मामला शांत हुआ।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू की अगुवाई में सपाई गुरुवार को तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जयवीर सिंह यादव ने जिला प्रशासन को भाजपा कार्यकर्ता न बनने की चेतावनी दी। कहा कि वह अपना कर्त्तव्य ईमानदारी से निभाए। अधिकारी योगी और भाजपा एजेंट बनकर लोकतंत्र की हत्या न करें, वरना सपा सड़क से संसद तक विरोध करने से पीछे नहीं हटेगी।
शाने अली शानू ने कहा कि चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन योगी सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग कर इसकी हत्या का प्रयास किया। आज प्रदेश सरकार सत्ता के नशे में चूर है। वह विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर जेल में हत्या की साजिश रच रही है, सपा इसका कड़ा जवाब देगी।
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धरन को सांसद डॉ. एस टी हसन, देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नासिर कुरैशी, विजय यादव, अतहर हुसैन अंसारी, डीपी यादव, कैसर अली कुद्दुसी, विकास चौधरी, कसीमुल हक, नावेद अली, जुगल किशोर वाल्मीकि ने भी संबोधित किया। बाद में धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपने के बाद मामला शांत हुआ।
इस दौरान शीरीगुल, बाबर खां, आदित्य चौधरी, नेम सिंह बहेलिया, फुरकान अली, हाजी उस्मान अली, मुनशाद अली , असलम चौधरी, इफ्तखार अली, अफरोज वारसी, अमित प्रजापति, यास्मीन सैफी, नाग भारती, जयपाल सैनी, गजेंद्र यादव, कुलदीप तुरैहा, नसीम पाशा, फिरासत हुसैन गामा, धर्मेंद्र यादव, वीना विश्नोई, विमला कश्यप, सुनीता सिंह, सौरभ कपूर, सलाउद्दीन मंसूरी, वसीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
संबोधन को लेकर सपाइयों में हुई बहस
तहसील गेट पर धरना स्थल पर सपाइयों का हुजूम था। तय कार्यक्रम के मुताबिक एक बजे एसडीए सदर को ज्ञापन देना था। इसलिए सभी पदाधिकारियों को संबोधन का मौका नहीं मिल पाया, जिसे लेकर सपाइयों में बहस भी हुई।
सोशल डिस्टेंस की उड़ाईं धज्जियां, मास्क भी गायब
सपाइयों के धरना प्रदर्शन में कोविड प्रोटोकॉल की भी जमकर अनदेखी की गई। धरने में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा दीं। न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और मास्क दिखा।
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निवर्तमान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू की अगुवाई में सपाई गुरुवार को तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जयवीर सिंह यादव ने जिला प्रशासन को भाजपा कार्यकर्ता न बनने की चेतावनी दी। कहा कि वह अपना कर्त्तव्य ईमानदारी से निभाए। अधिकारी योगी और भाजपा एजेंट बनकर लोकतंत्र की हत्या न करें, वरना सपा सड़क से संसद तक विरोध करने से पीछे नहीं हटेगी।
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शाने अली शानू ने कहा कि चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन योगी सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग कर इसकी हत्या का प्रयास किया। आज प्रदेश सरकार सत्ता के नशे में चूर है। वह विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर जेल में हत्या की साजिश रच रही है, सपा इसका कड़ा जवाब देगी।
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धरन को सांसद डॉ. एस टी हसन, देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नासिर कुरैशी, विजय यादव, अतहर हुसैन अंसारी, डीपी यादव, कैसर अली कुद्दुसी, विकास चौधरी, कसीमुल हक, नावेद अली, जुगल किशोर वाल्मीकि ने भी संबोधित किया। बाद में धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपने के बाद मामला शांत हुआ।
इस दौरान शीरीगुल, बाबर खां, आदित्य चौधरी, नेम सिंह बहेलिया, फुरकान अली, हाजी उस्मान अली, मुनशाद अली , असलम चौधरी, इफ्तखार अली, अफरोज वारसी, अमित प्रजापति, यास्मीन सैफी, नाग भारती, जयपाल सैनी, गजेंद्र यादव, कुलदीप तुरैहा, नसीम पाशा, फिरासत हुसैन गामा, धर्मेंद्र यादव, वीना विश्नोई, विमला कश्यप, सुनीता सिंह, सौरभ कपूर, सलाउद्दीन मंसूरी, वसीम कुरैशी आदि मौजूद रहे।
संबोधन को लेकर सपाइयों में हुई बहस
तहसील गेट पर धरना स्थल पर सपाइयों का हुजूम था। तय कार्यक्रम के मुताबिक एक बजे एसडीए सदर को ज्ञापन देना था। इसलिए सभी पदाधिकारियों को संबोधन का मौका नहीं मिल पाया, जिसे लेकर सपाइयों में बहस भी हुई।
सोशल डिस्टेंस की उड़ाईं धज्जियां, मास्क भी गायब
सपाइयों के धरना प्रदर्शन में कोविड प्रोटोकॉल की भी जमकर अनदेखी की गई। धरने में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा दीं। न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और मास्क दिखा।