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Moradabad News: निजी बसों के लिए शहर में स्थाई बस अड्डा नहीं
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मुरादाबाद। शहर के विभिन्न जगहों से दिल्ली समेत अन्य रूटों पर 20 से अधिक निजी बसों का संचालन किया जाता है। इनके लिए शहर में कोई स्थाई बस अड्डा नहीं बनाया गया है। इसके कारण शहर के आबादी वाले जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है। लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ईदगाह रोड, भूड़े का चौराहा, माल गोदाम, सिविल लाइंस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पारकर इंटर कॉलेज, लाजपत नगर, नागफनी थाने के पास समेत अन्य जगहों से रोज 20 से अधिक निजी बसों का संचालन दिल्ली समेत अन्य रूटों पर किया जाता है। यह बसें यात्रियों को दिल्ली 200 रुपये में पहुंचा देती हैं। दिल्ली के लिए बसों का संचालन सुबह 7:30 व दोपहर 2:30 बजे किया जाता है। इन बसों के लिए शहर में स्थाई बस अड्डा नहीं बनाया गया है। इसके कारण निजी बस चालक अपनी सहूलियत के हिसाब से बसों को जहां मर्जी हो वहां पर खड़ा कर देते हैं। शहर के प्रमुख और भीड़ वाले इलाकों में बसें खड़ी होने की वजह से आने जाने वाले वाहनों को परेशानी होती है। लाजपत नगर के रहने वाले हरीश सिधवानी ने बताया कि दिल्ली से आने वाली बसें शाम को शहर में आती हैं। इसके कारण शाम को सबसे अधिक जाम लगता है। जबकि शहर के अंदर निजी बसों का प्रवेश वर्जित है।
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शहर में लगता है जाम
- शहर के जगह-जगह बसों के खड़े होने और संचालन से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। पार्किंग नहीं होने से भी जाम की स्थिति बन जाती है। सबसे अधिक समस्या ईदगाह रोड, भूड़े का चौराहा, माल गोदाम के पास होती है।
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-निजी बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किया जाता है। इसलिए बसें चलाई जाती हैं। जिले के 100 से अधिक निजी बसों को परमिट जारी है। इन बसों को एक स्थान पर सवारी भरनी होती है।- राजेश सिंह, (प्रशासन) आरटीओ
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ईदगाह रोड, भूड़े का चौराहा, माल गोदाम, सिविल लाइंस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पारकर इंटर कॉलेज, लाजपत नगर, नागफनी थाने के पास समेत अन्य जगहों से रोज 20 से अधिक निजी बसों का संचालन दिल्ली समेत अन्य रूटों पर किया जाता है। यह बसें यात्रियों को दिल्ली 200 रुपये में पहुंचा देती हैं। दिल्ली के लिए बसों का संचालन सुबह 7:30 व दोपहर 2:30 बजे किया जाता है। इन बसों के लिए शहर में स्थाई बस अड्डा नहीं बनाया गया है। इसके कारण निजी बस चालक अपनी सहूलियत के हिसाब से बसों को जहां मर्जी हो वहां पर खड़ा कर देते हैं। शहर के प्रमुख और भीड़ वाले इलाकों में बसें खड़ी होने की वजह से आने जाने वाले वाहनों को परेशानी होती है। लाजपत नगर के रहने वाले हरीश सिधवानी ने बताया कि दिल्ली से आने वाली बसें शाम को शहर में आती हैं। इसके कारण शाम को सबसे अधिक जाम लगता है। जबकि शहर के अंदर निजी बसों का प्रवेश वर्जित है।
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शहर में लगता है जाम
- शहर के जगह-जगह बसों के खड़े होने और संचालन से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। पार्किंग नहीं होने से भी जाम की स्थिति बन जाती है। सबसे अधिक समस्या ईदगाह रोड, भूड़े का चौराहा, माल गोदाम के पास होती है।
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-निजी बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किया जाता है। इसलिए बसें चलाई जाती हैं। जिले के 100 से अधिक निजी बसों को परमिट जारी है। इन बसों को एक स्थान पर सवारी भरनी होती है।- राजेश सिंह, (प्रशासन) आरटीओ