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Moradabad News: वित्तीय अनियमितता में फंसे ग्राम प्रधान व दो तत्कालीन सचिव
Thu, 09 Oct 2025 02:11 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Thu, 09 Oct 2025 02:11 AM IST
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मुरादाबाद। बिलारी के गांव बिचौला ढूंकी में हुए नाली, सड़क व स्कूलों में निर्माण कार्याें में करीब एक लाख 90 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में ग्राम प्रधान व दो तत्कालीन सचिव फंस गए हैं। मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी ने दोषियों को एक सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस भेजा है।
ग्राम पंचायत बिचौला ढूंकी निवासी राजू यादव ने निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। मामले में जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी और सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद को जांच सौंपी थी। अधिकारियों ने भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 में हुए कार्यों की जांच की गई थी। इसमें नाली सीसी टाइल्स, स्कूल के बालक-बालिका शौचालय की मरम्मत कार्य और आरआरसी सेंटर व वर्मी कंपोस्ट की बाउंड्री वॉल, हैंडपंप की रिवोर के नाम पर करीब 31 लाख 13 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। जबकि जांच के दौरान करीब 29 हजार 19 हजार रुपये का ही व्यय पाया गया। इस मामले में जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान दिनेश कुमार यादव, तत्कालीन सचिव सुरेंद्र सिंह और तत्कालीन सचिव राहुल कुमार को वित्तीय अनियमितता का दोषी ठहराया है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा के अनुसार मामले में दोषियों को नोटिस भेजा है कि वह एक सप्ताह में अपना पक्ष रख सकते हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर शासकीय धनराशि के अव्यय, वित्तीय अनियमितता के संबंध में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत बिचौला ढूंकी निवासी राजू यादव ने निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। मामले में जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी और सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद को जांच सौंपी थी। अधिकारियों ने भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 में हुए कार्यों की जांच की गई थी। इसमें नाली सीसी टाइल्स, स्कूल के बालक-बालिका शौचालय की मरम्मत कार्य और आरआरसी सेंटर व वर्मी कंपोस्ट की बाउंड्री वॉल, हैंडपंप की रिवोर के नाम पर करीब 31 लाख 13 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। जबकि जांच के दौरान करीब 29 हजार 19 हजार रुपये का ही व्यय पाया गया। इस मामले में जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान दिनेश कुमार यादव, तत्कालीन सचिव सुरेंद्र सिंह और तत्कालीन सचिव राहुल कुमार को वित्तीय अनियमितता का दोषी ठहराया है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा के अनुसार मामले में दोषियों को नोटिस भेजा है कि वह एक सप्ताह में अपना पक्ष रख सकते हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर शासकीय धनराशि के अव्यय, वित्तीय अनियमितता के संबंध में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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