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सिस्टम हुआ फेल, परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा खामियाजा
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) की परीक्षा स्थगित होने की सूचना के बाद रविवार सुबह केंद्रों पर अफरातफरी का आलम हो गया। जिले के 39 केंद्रों पर चल रही परीक्षा के बीच में ही कक्ष निरीक्षकों ने अचानक परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट लेकर उन्हें वापस भेज दिया। महीनों से तैयारी में जुटे परीक्षार्थियों को मायूस होने के साथ ही जाम में भी जूझना पड़ा। काफी संख्या में परीक्षार्थी शनिवार की रात ही बड़ी उम्मीदों के साथ यहां पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें टीईटी स्थगित होने से काफी निराश होना पड़ा।
दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा के लिए जनपद में कुल 34,357 परीक्षाथी पंजीकृत थे। सुबह की पाली में 39 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा होनी थी। इसमें 19,862 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा अपने निर्धारित समय पर सुबह 10 बजे शुरू हो गई। परीक्षार्थियों के अनुसार उन्हें प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट भी दे दी गई थी। परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र हल करना भी शुरू कर दिया था। सुबह करीब 10.30 से 10.45 के बीच परीक्षा केंद्र के स्टॉफ ने कमरों में जाकर परीक्षा स्थगित होने की सूचना दी। इसके बाद ड्यूटी दे रहे कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजिका (ओएमआर) शीट वापस लेनी शुरू कर दी। अचानक ये सब देख परीक्षार्थी हैरान रह गए। परीक्षार्थियों के मुताबिक कॉलेज स्टाफ से जब परीक्षा स्थगित होने की वजह पूछी, तो कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। केंद्र निरीक्षकों ने कहा कि ऊपर से ही आदेश मिला है। कई केंद्रों पर जरूर बताया गया कि कहीं पर पेपर आउट होने की वजह से ऐसा हुआ है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थी काफी मायूस थे।
अभ्यर्थी मायूस, अभिभावकों में गुस्सा
महिला अभ्यर्थियों को 40-50 किमी दूर से परीक्षा दिलाने लाए उनके अभिभावकों में इसे लेेकर काफी गुस्सा था। जैसे ही परीक्षा के बीच में ही केंद्र से परीक्षार्थी लौटे तो उन्हें देख अभिभावक भी सकते में रह गए । उनका कहना था कि इस तरह पेपर लीक होना बेहद गंभीर मामला है। इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है, जिसका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगताना पड़ेगा। सरकार परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम कराने के दावे कर रही थी इसके बावजूद पेपर आउट होना सरकार और सिस्टम का फेल होना ही है।
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परीक्षार्थियों की संख्या
प्राथमिक स्तर 19,862
उ.प्राथमिक स्तर 14,495
परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं
परीक्षा परीक्षा केंद्र पर्यवेक्षक सेक्टर मजिस्ट्रेट सचल दल
प्राथमिक स्तर 39 39 13 3
जूनियर स्तर 29 29 13 3
परीक्षा शुरू होते ही होने लगी थी पेपर आउट होने की चर्चा
सुबह परीक्षा शुरू होते ही पेपर आउट होने की चर्चाएं शुरू हो गई थी। सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें आने लगी थी। परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावक भी सोशल मीडिया पर इन्हें देखकर हैरान थे। कुछ ही देर बाद जब परीक्षा स्थगित होने पर अभ्यर्थी लौटने लगे, तब लोगों ने इन पर यकीन करना शुरू किया।
रविवार सुबह करीब 10 बजे के आसपास व्हाट्सएप पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव संजय उपाध्याय का पत्र मिला। इसमें टीईटी परीक्षा स्थगित होने संबंधी सूचना दी गई थी। इसमें बताया गया था कि टीईटी परीक्षा स्थगित कर दी गई और अब इसे बाद में कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने उक्त आदेशों की जानकारी जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को दी। इसके बाद करीब 10.30 बजे से परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट लेकर लौटा दिया गया। परीक्षा स्थगित होने के बाद जिले में कानून-व्यवस्था आदि किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई।
अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक
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दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा के लिए जनपद में कुल 34,357 परीक्षाथी पंजीकृत थे। सुबह की पाली में 39 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा होनी थी। इसमें 19,862 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा अपने निर्धारित समय पर सुबह 10 बजे शुरू हो गई। परीक्षार्थियों के अनुसार उन्हें प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट भी दे दी गई थी। परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र हल करना भी शुरू कर दिया था। सुबह करीब 10.30 से 10.45 के बीच परीक्षा केंद्र के स्टॉफ ने कमरों में जाकर परीक्षा स्थगित होने की सूचना दी। इसके बाद ड्यूटी दे रहे कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजिका (ओएमआर) शीट वापस लेनी शुरू कर दी। अचानक ये सब देख परीक्षार्थी हैरान रह गए। परीक्षार्थियों के मुताबिक कॉलेज स्टाफ से जब परीक्षा स्थगित होने की वजह पूछी, तो कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। केंद्र निरीक्षकों ने कहा कि ऊपर से ही आदेश मिला है। कई केंद्रों पर जरूर बताया गया कि कहीं पर पेपर आउट होने की वजह से ऐसा हुआ है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थी काफी मायूस थे।
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अभ्यर्थी मायूस, अभिभावकों में गुस्सा
महिला अभ्यर्थियों को 40-50 किमी दूर से परीक्षा दिलाने लाए उनके अभिभावकों में इसे लेेकर काफी गुस्सा था। जैसे ही परीक्षा के बीच में ही केंद्र से परीक्षार्थी लौटे तो उन्हें देख अभिभावक भी सकते में रह गए । उनका कहना था कि इस तरह पेपर लीक होना बेहद गंभीर मामला है। इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है, जिसका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगताना पड़ेगा। सरकार परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम कराने के दावे कर रही थी इसके बावजूद पेपर आउट होना सरकार और सिस्टम का फेल होना ही है।
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परीक्षार्थियों की संख्या
प्राथमिक स्तर 19,862
उ.प्राथमिक स्तर 14,495
परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं
परीक्षा परीक्षा केंद्र पर्यवेक्षक सेक्टर मजिस्ट्रेट सचल दल
प्राथमिक स्तर 39 39 13 3
जूनियर स्तर 29 29 13 3
परीक्षा शुरू होते ही होने लगी थी पेपर आउट होने की चर्चा
सुबह परीक्षा शुरू होते ही पेपर आउट होने की चर्चाएं शुरू हो गई थी। सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें आने लगी थी। परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावक भी सोशल मीडिया पर इन्हें देखकर हैरान थे। कुछ ही देर बाद जब परीक्षा स्थगित होने पर अभ्यर्थी लौटने लगे, तब लोगों ने इन पर यकीन करना शुरू किया।
रविवार सुबह करीब 10 बजे के आसपास व्हाट्सएप पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव संजय उपाध्याय का पत्र मिला। इसमें टीईटी परीक्षा स्थगित होने संबंधी सूचना दी गई थी। इसमें बताया गया था कि टीईटी परीक्षा स्थगित कर दी गई और अब इसे बाद में कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने उक्त आदेशों की जानकारी जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को दी। इसके बाद करीब 10.30 बजे से परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट लेकर लौटा दिया गया। परीक्षा स्थगित होने के बाद जिले में कानून-व्यवस्था आदि किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई।
अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक