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Moradabad News: वार्ड-37 की गलियां बदहाल, सड़कों का पता न नालियों का

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 01:36 AM IST
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The streets of Ward 37 are in a bad state, neither roads nor drains are visible.
मुरादाबाद। मुरादाबाद के लाइनपार मंडी समिति के पीछे स्थित वार्ड-37 के एकता नगर की हालत बेहद खराब बनी हुई है। यहां की गलियां बदहाल हैं। न सड़कों का कोई नामोनिशान है और न ही नालियों की व्यवस्था। कई जगहों पर पहले बनी सड़कें अब टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई।
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इलाके के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों का गंदा पानी खाली प्लॉटों में भर रहा है, जिससे बदबू और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कूड़ा उठाने वाली गाड़ी मुख्य सड़क तक ही सीमित रहती है, गलियों में नहीं पहुंचती। ऐसे में लोगों को खुद ही कूड़ा बाहर ले जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार पार्षद से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही नजर आते हैं, इसके बाद इलाके की सुध लेने कोई नहीं आता। कॉलोनी की मुख्य सड़क ऊंची है, जबकि गलियां काफी नीची हैं, जिससे वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। गलियों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो जाता है।
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बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है और सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि कई इलाके चिह्नित किए गए हैं। जल्द समाधान होगा।


लोगों की बातचीत (फोटो)
हम लोग कई साल से इस समस्या को झेल रहे हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं और नालियों का कोई इंतजाम नहीं है। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। चुनाव आते ही नेता वादे करते हैं, फिर गायब हो जाते हैं।

- रामपाल

घर का गंदा पानी बाहर नहीं निकल पाता, जिससे बदबू और मच्छर बढ़ रहे हैं। बच्चों का बीमार होना आम बात हो गई है। सफाईकर्मी भी महीनों तक नहीं आते। हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

- आशीष शर्मा

बारिश के समय तो यहां रहना मुश्किल हो जाता है। पानी घुटनों तक भर जाता है और घर से निकलना भी चुनौती बन जाता है। कई बार पार्षद से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

- सुनीता

कूड़ा उठाने वाली गाड़ी गली में नहीं आती। हमें खुद कूड़ा मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। गंदगी के कारण पूरे इलाके में बदबू रहती है। छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

- प्रीति

गलियों की हालत इतनी खराब है कि लोगों को बाइक निकालना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार गिरकर चोट लग चुकी है। इसके बावजूद किसी अधिकारी ने आकर हालात नहीं देखे।


- भावना

बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो जाता है। गंदा पानी और कीचड़ के कारण परेशानी होती है। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द यहां सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए।
- रामभरोसे
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