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Moradabad News: कांशीराम आवासीय कॉलोनी का रास्ता होगा बंद, 123 परिवार परेशान
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मुरादाबाद। एमडीए की बसाई गई कांशीराम आवासीय कॉलोनी कांठ रोड मऊ के मुख्य रास्ते को रेलवे बंद करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे प्रशासन ने हाल ही में क्षेत्र में लाल निशान लगाए और लोगों को बताया कि यह रेल की जमीन है, इसलिए यहां रास्ता बंद किया जाएगा। बृहस्पतिवार को जेसीबी ने खुदाई भी शुरू कर दी। इसके कारण 123 परिवार परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि 2008-09 में एमडीए ने यह कॉलोनी बसाई थी। ईडब्ल्यूएस की श्रेणी में लोगों ने यहां मकान खरीदे। जिस रास्ते को रेलवे बंद करने जा रहा है, वहीं से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर आती है। बच्चे स्कूल जाते हैं और इसी रास्ते से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लोग जाते हैं। रास्ता बंद होने से क्षेत्र के लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं बचेगा। स्थानीय निवासी कुशल मुद्गल, प्रेम शंकर मिश्रा, सुनीता सिंह, प्रदीप कुमार, अमित कुमार, नरदेव सिंह, अफराज मिर्जा, परवेज आलम आदि ने कहा कि पिछले वर्ष भी रेलवे ने रास्ता बंद करने के लिए कार्य किया था लेकिन मामला कमिश्नर के पास पहुंचा तो समस्या का समाधान मिलने तक काम रोक दिया गया। मऊ के लोगों ने बताया कि वह सभी फिर से शुक्रवार को कमिश्नर से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। उन्होंने भाजपा नेता और विकास प्राधिकरण के मानित सदस्य राजू कालरा को भी मामले की जानकारी दी है।
राजू कालरा ने बताया कि उन्होंने एमडीए के एक्सईएन से फोन पर बात की है। एक्सईएन का कहना है कि जिस रास्ते को बंद किया जा रहा है, वहीं पर सात प्लॉट खाली पड़े हैं जिनमें से चार या पांच सरकारी भूमि पर हैं। महज दो लोगों से सहमति लेकर जमीन लेंगे और लोगों के लिए रास्ता बनाएंगे। हालांकि तब तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नामित सदस्य ने कहा कि वह इस मुद्दे को मंगलवार को होने वाली बोर्ड की बैठक में भी उठाएंगे जिससे जल्दी समाधान हो सके।
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लोगों का कहना है कि 2008-09 में एमडीए ने यह कॉलोनी बसाई थी। ईडब्ल्यूएस की श्रेणी में लोगों ने यहां मकान खरीदे। जिस रास्ते को रेलवे बंद करने जा रहा है, वहीं से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर आती है। बच्चे स्कूल जाते हैं और इसी रास्ते से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लोग जाते हैं। रास्ता बंद होने से क्षेत्र के लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं बचेगा। स्थानीय निवासी कुशल मुद्गल, प्रेम शंकर मिश्रा, सुनीता सिंह, प्रदीप कुमार, अमित कुमार, नरदेव सिंह, अफराज मिर्जा, परवेज आलम आदि ने कहा कि पिछले वर्ष भी रेलवे ने रास्ता बंद करने के लिए कार्य किया था लेकिन मामला कमिश्नर के पास पहुंचा तो समस्या का समाधान मिलने तक काम रोक दिया गया। मऊ के लोगों ने बताया कि वह सभी फिर से शुक्रवार को कमिश्नर से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। उन्होंने भाजपा नेता और विकास प्राधिकरण के मानित सदस्य राजू कालरा को भी मामले की जानकारी दी है।
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राजू कालरा ने बताया कि उन्होंने एमडीए के एक्सईएन से फोन पर बात की है। एक्सईएन का कहना है कि जिस रास्ते को बंद किया जा रहा है, वहीं पर सात प्लॉट खाली पड़े हैं जिनमें से चार या पांच सरकारी भूमि पर हैं। महज दो लोगों से सहमति लेकर जमीन लेंगे और लोगों के लिए रास्ता बनाएंगे। हालांकि तब तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नामित सदस्य ने कहा कि वह इस मुद्दे को मंगलवार को होने वाली बोर्ड की बैठक में भी उठाएंगे जिससे जल्दी समाधान हो सके।
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