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Moradabad News: प्रधानाचार्य ने परिवार सहित आत्महत्या करने की दी चेतावनी

Mon, 16 Jun 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Mon, 16 Jun 2025 02:06 AM IST
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The principal threatened to commit suicide along with the family
ठाकुरद्वारा। नगर के एसडीएच इंटर कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य और प्रबंधक के बीच चल रहे विवाद में रविवार को प्रधानाचार्य ने प्रबंधक पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। प्रधानाचार्य के सेवानिवृत होने में करीब आठ माह का समय शेष बचा है। प्रधानाचार्य ने चेतावनी दी है कि उत्पीड़न के चलते वह और उनके परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है।
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प्रबंधक उमेश चंद्र अग्रवाल ने प्रधानाचार्य डॉ विक्रम सिंह को 22 मई को कार्य में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया था। निलंबन को प्रधानाचार्य ने गलत बताया। इसकी शिकायत उन्होंने डीआईओएस से की। डीआईओएस ने प्रबंधक को 29 मई को पत्र भेज कर कहा कि विद्यालय में एक और जांच गंभीर अनियमितताओं की चल रही है जांच के बीच प्रधानाचार्य का निलंबन नियमानुसार सही नहीं है। लेकिन इसके बाद भी प्रधानाचार्य को अभी तक बहाल नहीं किया गया है। इससे परेशान प्रधानाचार्य ने रविवार को सोशल मीडिया पर और मीडिया को प्रबंधक पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए मैसेज वायरल किया। जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें परिवार के पालन पोषण के लिए गुजारा भत्ता भी नहीं दे रहे हैं। उन्हें आरोप पत्र भी नहीं दिया जा रहा है ताकि वे उसका जवाब दें। इस स्थिति के चलते उनका परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है।
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प्रधानाचार्य ने क्षेत्र के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से अपने उत्पीड़न को लेकर सहयोग और समर्थन मांगा है। कुछ शिक्षकों ने उनका सोशल मीडिया पर समर्थन भी किया है। उन्हें प्रबंधक के खिलाफ जांच में प्रबंधक पर लगे आरोप सही पाए जाने की रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक मुरादाबाद मंडल के समक्ष ले जाने का सुझाव दिया है। उधर प्रबंधक उमेश चंद्र अग्रवाल ने प्रधानाचार्य के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ हुई जांच में जांच अधिकारी श्वेता पूठिया ने एक तरफ जांच की है। कुछ सही नहीं लिखा गया है। उन्होंने बताया कि संबंध में उन्होंने को डीआईओएस को जवाब देकर उनके ऊपर लगे आरोपों की जांच किसी अन्य अधिकारी से करने की मांग की है। प्रबंधक का कहना है कि आरोप पत्र देने का समय 60 दिन का होता है। अभी प्रधानाचार्य के निलंबन को एक महीना ही हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य उन पर बहाल करने के आत्महत्या की धमकी देकर दबाब बना रहे हैं।
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