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Moradabad News: बंगला गांव के लोगों ने खुद पैदा कर लीं दुश्वारियां
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मुरादाबाद। नगर निगम के वार्ड 31 में कई गलियों में स्थानीय लोगों ने ही अपने खुद के लिए समस्याएं पैदा कर लीं। यहां हर तीसरे व्यक्ति ने गली में शौचालय बनाना शुरू कर दिया। परिणाम यह हुआ कि दोनों और शौचालय बन जाने से गली में रिक्शा जाना भी मुश्किल हो गया। दूसरी ओर यहां की सड़कें भी बदहाल हैं, नालियां बन नहीं पा रही हैं, जिससे गंदगी व्याप्त रहती है।
शहर के वार्ड 31 में बंगला गांव बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कई गलियों में सड़कों की हालत बदहाल है लेकिन शिव मंदिर के आसपास की गलियों को देखने से लगता है कि आवागमन की समस्याओं के लिए स्थानीय लोग भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। यहां घर के सामने चौड़ी गली थी लेकिन दोनों ओर से गृह स्वामियों ने गली पर अतिक्रमण करके शौचालय बना लिए, जिससे दोनों ओर से गली घिर गई। अब निकलना दुश्वार हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले एक व्यक्ति ने अपना शौचालय गली में बनाया, उसे देखकर हर कोई गली में शौचालय बनाने लगा। अब स्थिति यह हो गई कि यदि अपने घर के लिए किसी को रिक्शे पर कूलर या वाटर कूलर लाना हो तो गली के बाहर की उतारकर किसी तरह हाथों से उठाकर ही लाना पड़ता है। दोनों किनारों पर स्थान रिक्त न होने के कारण नालियां भी नहीं बन पा रही है, जिसके कारण बीच में खुली नालियां हैं। इसी के अंदर के पेयजल के लिए भी खुले पाइप पड़े हुए हैं, जो अक्सर टूट जाते हैं।
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नाम भले ही बंगला गांव है लेकिन यह महानगर की कॉलोनी है, यहां पर गलियों में स्ट्रीट लाइटें है ही नहीं, मुख्य मार्ग पर भी कम ही जलती हैं।
जमुना प्रसाद
- पहले किसी एक व्यक्ति ने गली में शौचालय बना लिया, लोगों ने एतराज भी जताया लेकिन नहीं माना। फिर सभी बाहर गली में ही शौचालय बनाने लगे।
भगवान दास
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- कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती है, गलियां भी संकरी हो गई है लेकिन रोजाना सफाई तो होनी ही चाहिए, गलियों में गंदगी भरी रहती है।
आशा देवी
- कॉलोनी में सीवर लाइन तो पड़ी है, उसके मैनहोल भी बनाए गए हैं लेकिन घरेलू जल निकासी को उस सीवर लाइन से जोडा ही नहीं गया है। जिस कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा।
लाला लक्ष्मण
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- सीवर लाइन डालकर नगर निगम के कर्मचारी चले गए लेकिन अधिकारियों ने यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि इसका उपयोग हो रहा है या नहीं।
विजय कुमार
- लंबे समय से इस कॉलोनी की सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है, कई बार पार्षद से भी कहा है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
ओम प्रकाश
- सड़कें अस्त व्यस्त हैं, नालियां भी सभी टूट चुकी है, जिसके कारण घरेलू जल निकासी प्रभावित हो रही है। नालियों की मरम्मत तो कराई जानी चाहिए।
नरेश यादव
- नगर निगम कर्मचारी कभी कभार ही आते हैं, वह भी जहां-तहां झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। यहां के लोगों को तो खुद ही सफाई करनी पड़ती है।
पूनम यादव
-जिस गली में मैं रहता हूं, वह काफी पतली है, दिन में भी अंधेरा रहता है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं, मुझे तो घर से निकलना भी दुश्वार है।
नरेश भारद्वाज
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- पेयजल तो आता है लेकिन कभी कभी गंदा आता है। यहां तो पाइप लाइन भी ऊपर ही नालियों में ही पड़ी है, जो कभी भी टूट जाती है।
अनिल कुमार
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- नगर निगम को निष्पक्ष होकर गलत करने वालों के साथ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
श्याम सिंह
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कॉलोनी की सभी गलियों में नालियां व सड़कें खराब हो चुकी हैं, नगर निगम को सर्वे करके व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि आगे किसी को दिक्कत न हो।
सतीश
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वर्जन
- नगर निगम की ओर से पूरे महानगर क्षेत्र की सभी वैध कॉलोनियों व वार्डों में नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है। सड़कों का निर्माण भी चल रहा है, यदि फिर भी कहीं किसी को परेशानी है तो निगम कार्यालय को बताए, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त
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शहर के वार्ड 31 में बंगला गांव बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कई गलियों में सड़कों की हालत बदहाल है लेकिन शिव मंदिर के आसपास की गलियों को देखने से लगता है कि आवागमन की समस्याओं के लिए स्थानीय लोग भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। यहां घर के सामने चौड़ी गली थी लेकिन दोनों ओर से गृह स्वामियों ने गली पर अतिक्रमण करके शौचालय बना लिए, जिससे दोनों ओर से गली घिर गई। अब निकलना दुश्वार हो रहा है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले एक व्यक्ति ने अपना शौचालय गली में बनाया, उसे देखकर हर कोई गली में शौचालय बनाने लगा। अब स्थिति यह हो गई कि यदि अपने घर के लिए किसी को रिक्शे पर कूलर या वाटर कूलर लाना हो तो गली के बाहर की उतारकर किसी तरह हाथों से उठाकर ही लाना पड़ता है। दोनों किनारों पर स्थान रिक्त न होने के कारण नालियां भी नहीं बन पा रही है, जिसके कारण बीच में खुली नालियां हैं। इसी के अंदर के पेयजल के लिए भी खुले पाइप पड़े हुए हैं, जो अक्सर टूट जाते हैं।
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नाम भले ही बंगला गांव है लेकिन यह महानगर की कॉलोनी है, यहां पर गलियों में स्ट्रीट लाइटें है ही नहीं, मुख्य मार्ग पर भी कम ही जलती हैं।
जमुना प्रसाद
- पहले किसी एक व्यक्ति ने गली में शौचालय बना लिया, लोगों ने एतराज भी जताया लेकिन नहीं माना। फिर सभी बाहर गली में ही शौचालय बनाने लगे।
भगवान दास
- कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती है, गलियां भी संकरी हो गई है लेकिन रोजाना सफाई तो होनी ही चाहिए, गलियों में गंदगी भरी रहती है।
आशा देवी
- कॉलोनी में सीवर लाइन तो पड़ी है, उसके मैनहोल भी बनाए गए हैं लेकिन घरेलू जल निकासी को उस सीवर लाइन से जोडा ही नहीं गया है। जिस कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा।
लाला लक्ष्मण
- सीवर लाइन डालकर नगर निगम के कर्मचारी चले गए लेकिन अधिकारियों ने यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि इसका उपयोग हो रहा है या नहीं।
विजय कुमार
- लंबे समय से इस कॉलोनी की सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है, कई बार पार्षद से भी कहा है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
ओम प्रकाश
- सड़कें अस्त व्यस्त हैं, नालियां भी सभी टूट चुकी है, जिसके कारण घरेलू जल निकासी प्रभावित हो रही है। नालियों की मरम्मत तो कराई जानी चाहिए।
नरेश यादव
- नगर निगम कर्मचारी कभी कभार ही आते हैं, वह भी जहां-तहां झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। यहां के लोगों को तो खुद ही सफाई करनी पड़ती है।
पूनम यादव
-जिस गली में मैं रहता हूं, वह काफी पतली है, दिन में भी अंधेरा रहता है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं, मुझे तो घर से निकलना भी दुश्वार है।
नरेश भारद्वाज
- पेयजल तो आता है लेकिन कभी कभी गंदा आता है। यहां तो पाइप लाइन भी ऊपर ही नालियों में ही पड़ी है, जो कभी भी टूट जाती है।
अनिल कुमार
- नगर निगम को निष्पक्ष होकर गलत करने वालों के साथ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
श्याम सिंह
कॉलोनी की सभी गलियों में नालियां व सड़कें खराब हो चुकी हैं, नगर निगम को सर्वे करके व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि आगे किसी को दिक्कत न हो।
सतीश
वर्जन
- नगर निगम की ओर से पूरे महानगर क्षेत्र की सभी वैध कॉलोनियों व वार्डों में नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है। सड़कों का निर्माण भी चल रहा है, यदि फिर भी कहीं किसी को परेशानी है तो निगम कार्यालय को बताए, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त