{"_id":"6935db100723b36ba2080916","slug":"the-only-option-left-for-registering-52-of-properties-is-the-tribunal-moradabad-news-c-354-1-mo11014-106715-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: 52 फीसदी संपत्तियों को पंजीकृत कराने के लिए अब ट्रिब्यूनल का बचा विकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: 52 फीसदी संपत्तियों को पंजीकृत कराने के लिए अब ट्रिब्यूनल का बचा विकल्प
विज्ञापन
मुरादाबाद। शहर की 52 फीसदी वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है जिससे इन संपत्तियों पर संकट गहरा गया है। छह महीने के समयसीमा के अंतराल के बावजूद इन संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर पंजीकृत नहीं कराया गया है जिसके पीछे दस्तावेज न होने की वजह प्रमुख रही है। शहर में सुन्नी और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की कुल पांच हजार वक्फ संपत्तियों वक्फ बोर्ड में पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से उम्मीद पोर्टल पर केवल 2418 संपत्ति का ही पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर लोगों ने कराया है।
वहीं अगर मंडल की बात की जाए तो मुरादाबाद मंडल में 10501 सुन्नी वक्फ संपत्ति और 1044 शिया वक्फ संपत्ति का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है। इनमें सबसे ज्यादा पंजीकरण बिजनौर जिले में हुए हैं जहां कुल 2993 संपत्तियों का पंजीकरण कराया गया है। रामपुर में 2878 और अमरोहा में 1219 वक्फ संपत्ति का पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा संभल जिले में कुल 1219 संपत्ति का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है।
अभी भी इन जिलों में हजारों की संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं जिनका पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाया है। उम्मीद पोर्टल के बंद हो जाने के बाद अब इन संपत्तियों के मुतवल्लियों के पास मात्र ट्रिब्यूनल कोर्ट का ही विकल्प बचा रह गया है। केंद्र सरकार की ओर से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाए जाने से इनकार के बाद पंजीकरण न कराने वालों को ट्रिब्यूनल कोर्ट की शरण में जाने के लिए कहा गया है। वहीं ऐसे लोग जिन्होंने पंजीकरण के लिए कोशिश की है और अपने दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाए हैं वह अपना पंजीकरण कैसे पूरा करा पाएंगे इसके लिए अभी कोई गाइडलाइन न आने के चलते भ्रम की स्थिति बन रही है।
विज्ञापन
नायब सदर मुफ्ती दानिश कादरी का कहना है कि समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए थी लेकिन कोई इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लोग अपनी संपत्ति पंजीकृत जरूर कराएं। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के जिला कॉर्डिनेटर मुफ्ती बाकर अली नईमी का कहना है कि पुरानी संपत्तियों का कागज जुटाने में काफी समय लगा जिससे बड़ी संख्या में लोग अपना पंजीकरण नहीं करा सके। जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है वह ट्रिब्यूनल का रुख जरूर करें।
- वर्जन
उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों को पंजीकृत कराने की समयसीमा खत्म हो गई है। जिन्होंने संपत्तियों को पंजीकृत नहीं किया है उन्हें अब वक्फ ट्रिब्यूनल में जाकर अनुमति लेनी होगी। - जगमोहन सिंह, उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, मुरादाबाद मंडल
मंडल में वक्क संपत्तियों की स्थिति
जिले - पंजीकृत सुन्नी वक्फ संपत्ति - पंजीकृत शिया वक्फ संपत्ति
मुरादाबाद - 2307 - 111
रामपुर - 2852 - 26
संभल - 1161 - 58
अमरोहा - 1528 - 509
बिजनौर - 2653 - 340
कुल - 10501 - 1044
विज्ञापन
वहीं अगर मंडल की बात की जाए तो मुरादाबाद मंडल में 10501 सुन्नी वक्फ संपत्ति और 1044 शिया वक्फ संपत्ति का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है। इनमें सबसे ज्यादा पंजीकरण बिजनौर जिले में हुए हैं जहां कुल 2993 संपत्तियों का पंजीकरण कराया गया है। रामपुर में 2878 और अमरोहा में 1219 वक्फ संपत्ति का पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा संभल जिले में कुल 1219 संपत्ति का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है।
विज्ञापन
अभी भी इन जिलों में हजारों की संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं जिनका पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाया है। उम्मीद पोर्टल के बंद हो जाने के बाद अब इन संपत्तियों के मुतवल्लियों के पास मात्र ट्रिब्यूनल कोर्ट का ही विकल्प बचा रह गया है। केंद्र सरकार की ओर से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाए जाने से इनकार के बाद पंजीकरण न कराने वालों को ट्रिब्यूनल कोर्ट की शरण में जाने के लिए कहा गया है। वहीं ऐसे लोग जिन्होंने पंजीकरण के लिए कोशिश की है और अपने दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाए हैं वह अपना पंजीकरण कैसे पूरा करा पाएंगे इसके लिए अभी कोई गाइडलाइन न आने के चलते भ्रम की स्थिति बन रही है।
विज्ञापन
नायब सदर मुफ्ती दानिश कादरी का कहना है कि समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए थी लेकिन कोई इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लोग अपनी संपत्ति पंजीकृत जरूर कराएं। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के जिला कॉर्डिनेटर मुफ्ती बाकर अली नईमी का कहना है कि पुरानी संपत्तियों का कागज जुटाने में काफी समय लगा जिससे बड़ी संख्या में लोग अपना पंजीकरण नहीं करा सके। जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है वह ट्रिब्यूनल का रुख जरूर करें।
- वर्जन
उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों को पंजीकृत कराने की समयसीमा खत्म हो गई है। जिन्होंने संपत्तियों को पंजीकृत नहीं किया है उन्हें अब वक्फ ट्रिब्यूनल में जाकर अनुमति लेनी होगी। - जगमोहन सिंह, उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, मुरादाबाद मंडल
मंडल में वक्क संपत्तियों की स्थिति
जिले - पंजीकृत सुन्नी वक्फ संपत्ति - पंजीकृत शिया वक्फ संपत्ति
मुरादाबाद - 2307 - 111
रामपुर - 2852 - 26
संभल - 1161 - 58
अमरोहा - 1528 - 509
बिजनौर - 2653 - 340
कुल - 10501 - 1044