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Moradabad News: प्रबंधक के नहीं आने से प्राचार्य के निलंबन आदेश के खिलाफ नहीं हुई सुनवाई
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मुरादाबाद। केजीके कॉलेज के निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी ने निलंबन आदेश के खिलाफ कुलपति के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसकी शुक्रवार को सुनवाई थी। इसमें केजीके कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना और निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को शामिल होना था। लेकिन प्रबंधक विवेक खन्ना विवि नहीं पहुंचे। इसलिए सुनवाई नहीं हो सकी है।
केजीके कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने दो मई को प्रो. सुनील चौधरी को प्राचार्य के पद से निलंबित कर दिया था। क्योंकि प्रो. सुनील चौधरी प्रबंधक के किसी भी आदेश को नहीं मानते थे। इसके बाद प्रो. विनोद कुमार पांडेय को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया। प्रबंधक ने पत्र जारी कर कहा था कि कार्यवाहक प्राचार्य के बिना अनुमति के निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी कॉलेज में प्रवेश नहीं करेंगे। जबकि प्रबंधक ने 12 मई को एक और पत्र जारी किया और कहा कि निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को महाविद्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि निलंबन के 20 दिन बाद भी प्रो. सुनील चौधरी कॉलेज नहीं आए। केजीके कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना का कहना है कि व्यक्तिगत कारण की वजह से सुनवाई में नहीं पहुंच सकें। वहीं प्रो. सुनील चौधरी का कहना है कि दोनों पक्ष के आने पर ही सुनवाई हो सकेगी। ब्यूरो
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केजीके कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने दो मई को प्रो. सुनील चौधरी को प्राचार्य के पद से निलंबित कर दिया था। क्योंकि प्रो. सुनील चौधरी प्रबंधक के किसी भी आदेश को नहीं मानते थे। इसके बाद प्रो. विनोद कुमार पांडेय को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया। प्रबंधक ने पत्र जारी कर कहा था कि कार्यवाहक प्राचार्य के बिना अनुमति के निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी कॉलेज में प्रवेश नहीं करेंगे। जबकि प्रबंधक ने 12 मई को एक और पत्र जारी किया और कहा कि निलंबित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को महाविद्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि निलंबन के 20 दिन बाद भी प्रो. सुनील चौधरी कॉलेज नहीं आए। केजीके कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना का कहना है कि व्यक्तिगत कारण की वजह से सुनवाई में नहीं पहुंच सकें। वहीं प्रो. सुनील चौधरी का कहना है कि दोनों पक्ष के आने पर ही सुनवाई हो सकेगी। ब्यूरो
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