संभल। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर डाक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में डाक्टरों पर देशभर में हो रहे जानलेवा हमले, अस्पतालों में तोड़फोड़ की निंदा की गई। साथ ही सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की गई।
शुक्रवार को संभल पहुंचे जिलाधिकारी संजीव रंजन को आईएमए की अध्यक्ष डा. ऋतु सक्सेना के नेतृत्व में डाक्टरों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें लिखा है कि कोविड-19 में जान गंवा देने वाले डाक्टरों को शहीद का दर्जा दिया जाए। अस्पताल में यदि कोई तोड़फोड़ की घटना को अंजाम देता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। डा. ऋतु सक्सेना ने बताया कि वर्ष-2019 में इस तरह का विधेयक लाया गया था। कोरोना काल में भी सरकार ने अस्पताल में तोड़फोड़ और डाक्टरों के साथ अभद्रता या फिर मारपीट जैसी घटना को दंडनीय अपराध बताया था। इस कानून की स्थायी तौर पर जरूरत है, ताकि अस्पतालों में न तो तोड़फोड़ की घटना हो और न ही डाक्टरों के प्रति हिंसा। असम और छत्तीसगढ़ में डाक्टरों के प्रति हिंसा हुई लेकिन कोई कानून न होने से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शहर और देहात क्षेत्र में कोरोना वैक्सीनेेशन को लेकर भ्रम फैलाने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में डा. विनीत, डा. वसीम, डा. उवैस, डा. राजेश, डा. उस्मान, डा. संजय आदि रहे।