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तीन दिन से लापता युवक का गांव में ही तालाब से बरामद हुआ शव
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कांठ। तीन दिन से लापता युवक का शव गांव के एक तालाब में पड़ा मिला है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को तालाब से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। परिजनों के अनुसार युवक मानसिक रूप से कमजोर था और उसे दौरे भी पड़ते थे। उसकी मौत से परिजनों कोहराम मचा है।
छजलैट थाना क्षेत्र के गांव ढांकी निवासी आबिर 30 मई को अपने खेत पर कृषि कार्य करने के लिए गए थे। साथ में उनका 22 वर्षीय बेटा आदिल भी था। काम करने के बाद आबिर ने बेटे आदिल को घर भेज दिया। लेकिन वह शाम तक भी अपने घर नहीं पहुंचा। जिसके बाद परिजनों ने सोचा कि वह कहीं गांव में ही होगा और आ जाएगा लेकिन जब रात को भी आदिल घर नहीं आया तो परिजनों को उसकी चिंता हुई। 31 मई को उन्होंने छजलैट पहुंचकर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
परिजनों और पुलिस के अनुसार आदिल मानसिक रूप से कमजोर था। उसे मिर्गी के दौरे भी पड़ते थे और वह चलते फिरते कहीं पर भी गिर जाता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह ढांकी निवासी किसान ओमवीर सिंह जब अपने खेत पर गए तो उन्होंने आदिल के शव को तालाब में पड़ा हुआ देखकर उसके परिवार वालों को सूचना दी। जिसके बाद वह भी मौके पर पहुंच गए।
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सूचना मिलते ही छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने जैसे तैसे ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए मुरादाबाद भिजवाया। बताया गया है कि मृतक अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से पिता आबिर, मां शायरा, छोटे भाई आकिल सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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छजलैट थाना क्षेत्र के गांव ढांकी निवासी आबिर 30 मई को अपने खेत पर कृषि कार्य करने के लिए गए थे। साथ में उनका 22 वर्षीय बेटा आदिल भी था। काम करने के बाद आबिर ने बेटे आदिल को घर भेज दिया। लेकिन वह शाम तक भी अपने घर नहीं पहुंचा। जिसके बाद परिजनों ने सोचा कि वह कहीं गांव में ही होगा और आ जाएगा लेकिन जब रात को भी आदिल घर नहीं आया तो परिजनों को उसकी चिंता हुई। 31 मई को उन्होंने छजलैट पहुंचकर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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परिजनों और पुलिस के अनुसार आदिल मानसिक रूप से कमजोर था। उसे मिर्गी के दौरे भी पड़ते थे और वह चलते फिरते कहीं पर भी गिर जाता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह ढांकी निवासी किसान ओमवीर सिंह जब अपने खेत पर गए तो उन्होंने आदिल के शव को तालाब में पड़ा हुआ देखकर उसके परिवार वालों को सूचना दी। जिसके बाद वह भी मौके पर पहुंच गए।
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सूचना मिलते ही छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने जैसे तैसे ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए मुरादाबाद भिजवाया। बताया गया है कि मृतक अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से पिता आबिर, मां शायरा, छोटे भाई आकिल सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।