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Moradabad News: किशोरी के अपहरण में दोषी को 10 साल की कैद
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मुरादाबाद। 17 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
संभल जनपद के नखासा थाने में पीड़िता के पिता ने 12 मई 2015 को केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ ईंट-भट्ठे पर पिछले सात माह से मजदूरी कर रहा है। इस भट्ठे पर बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के रबानी कटेरी निवासी रविंद्र सिंह भी काम करता है। आरोपी रविंद्र सिंह उसकी 17 वर्षीय बेटी को 4 मई 2015 की शाम अपने साथी छविराम निवासी केशोंपुर मंडी थाना नखासा की मदद से अपहरण कर ले गया। काफी तलाश करने के बाद भी बेटी का कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस ने नाबालिग लड़की को आरोपी के पास से बरामद कर लिया था जबकि आरोपी रविंद्र को जेल भेज दिया था।
पुलिस ने आरोपी रविंद्र के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता और अकरम खान ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रविंद्र सिंह को दोषी ठहराया और उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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संभल जनपद के नखासा थाने में पीड़िता के पिता ने 12 मई 2015 को केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ ईंट-भट्ठे पर पिछले सात माह से मजदूरी कर रहा है। इस भट्ठे पर बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के रबानी कटेरी निवासी रविंद्र सिंह भी काम करता है। आरोपी रविंद्र सिंह उसकी 17 वर्षीय बेटी को 4 मई 2015 की शाम अपने साथी छविराम निवासी केशोंपुर मंडी थाना नखासा की मदद से अपहरण कर ले गया। काफी तलाश करने के बाद भी बेटी का कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस ने नाबालिग लड़की को आरोपी के पास से बरामद कर लिया था जबकि आरोपी रविंद्र को जेल भेज दिया था।
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पुलिस ने आरोपी रविंद्र के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता और अकरम खान ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रविंद्र सिंह को दोषी ठहराया और उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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