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मंडल के तीन मंत्रियों की कुर्सी बरकरार, एक दरकिनार
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मुरादाबाद। योगी सरकार-दो में भी मुरादाबाद मंडल की हनक कायम है। मंडल के तीन मंत्रियों की कुर्सी बरकरार रही। चौधरी भूपेंद्र सिंह, गुलाब देवी और बलदेव सिंह औलख को मंत्रिमंडल में जगह मिली है, जबकि बिजनौर के अशोक कटारिया को मंत्रिमंडल में इस बार जगह नहीं मिल पाई है।
शुक्रवार को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम के साथ 52 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्यमंत्री शामिल हैं। इस मंत्रिमंडल में मुरादाबाद मंडल के तीन नेताओं को भी जगह मिली है। हालांकि पिछली सरकार में मंडल के चार मंत्री शामिल थे। मंत्रिमंडल में मुरादाबाद के चौधरी भूपेंद्र सिंह, संभल जिले के चंदौसी से विधायक गुलाब देवी और रामपुर के बिलासपुर से विधायक बलदेव सिंह औलख को दोबारा मंत्री बनाया गया है। भूपेंद्र सिंह पिछली सरकार में पंचायतीराज मंत्री थे, जबकि गुलाब देवी माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री थीं। वहीं बलदेव सिंह औलख जल शक्ति राज्यमंत्री थे। इस बार गुलाब देवी का कद बढ़ा है। उन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। वहीं बिजनौर के अशोक कटारिया मंत्रिमंडल से बाहर हैं। वह पिछली सरकार में परिवहन राज्यमंत्री थे। इस बार उन्हें दरकिनार कर दिया गया है।
31 साल में कार्यकर्ता से कैबिनेट मंत्री तक का सफर
मुरादाबाद। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 31 साल की राजनीतिक पारी में कार्यकर्ता से दूसरी बार कैबिनेट तक का सफर तय किया है। वह वर्ष 1991 में भाजपा के सदस्य बने। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। संगठन में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें पहले राज्यमंत्री बनाया गया। बाद में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। योगी सरकार-2 में भी भूपेंद्र सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
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राजनीतिक सफर
- वर्ष 1991 में भाजपा से जुड़े
- वर्ष 1993 में जिला कार्यकारिणी के सदस्य बने
- वर्ष 1996 में जिला कोषाध्यक्ष बने
- वर्ष 1998 में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली
- वर्ष 2002 में भाजपा के विभाग संयोजक बने
- वर्ष 2006 व 2009 में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री बने
- वर्ष 2012 में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष बने
- वर्ष 2016 में एमएलसी बने
- वर्ष 2017 में पंचायती राज्यमंत्री बने
- वर्ष 2019 में कैबिनेट मंत्री बने
- वर्ष 2022 में दोबारा कैबिनेट बने
मुलायम खिलाफ लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव
चौधरी भूपेंद्र सिंह सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ वर्ष 1999 में संभल से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद भी वह संगठन के लिए काम करते रहे। संगठन में उनका कद बढ़ता ही गया। वहीं 2007 में मुरादाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन वह चुनाव हार गए।
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शुक्रवार को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम के साथ 52 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्यमंत्री शामिल हैं। इस मंत्रिमंडल में मुरादाबाद मंडल के तीन नेताओं को भी जगह मिली है। हालांकि पिछली सरकार में मंडल के चार मंत्री शामिल थे। मंत्रिमंडल में मुरादाबाद के चौधरी भूपेंद्र सिंह, संभल जिले के चंदौसी से विधायक गुलाब देवी और रामपुर के बिलासपुर से विधायक बलदेव सिंह औलख को दोबारा मंत्री बनाया गया है। भूपेंद्र सिंह पिछली सरकार में पंचायतीराज मंत्री थे, जबकि गुलाब देवी माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री थीं। वहीं बलदेव सिंह औलख जल शक्ति राज्यमंत्री थे। इस बार गुलाब देवी का कद बढ़ा है। उन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। वहीं बिजनौर के अशोक कटारिया मंत्रिमंडल से बाहर हैं। वह पिछली सरकार में परिवहन राज्यमंत्री थे। इस बार उन्हें दरकिनार कर दिया गया है।
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31 साल में कार्यकर्ता से कैबिनेट मंत्री तक का सफर
मुरादाबाद। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 31 साल की राजनीतिक पारी में कार्यकर्ता से दूसरी बार कैबिनेट तक का सफर तय किया है। वह वर्ष 1991 में भाजपा के सदस्य बने। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। संगठन में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें पहले राज्यमंत्री बनाया गया। बाद में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। योगी सरकार-2 में भी भूपेंद्र सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
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राजनीतिक सफर
- वर्ष 1991 में भाजपा से जुड़े
- वर्ष 1993 में जिला कार्यकारिणी के सदस्य बने
- वर्ष 1996 में जिला कोषाध्यक्ष बने
- वर्ष 1998 में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली
- वर्ष 2002 में भाजपा के विभाग संयोजक बने
- वर्ष 2006 व 2009 में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री बने
- वर्ष 2012 में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष बने
- वर्ष 2016 में एमएलसी बने
- वर्ष 2017 में पंचायती राज्यमंत्री बने
- वर्ष 2019 में कैबिनेट मंत्री बने
- वर्ष 2022 में दोबारा कैबिनेट बने
मुलायम खिलाफ लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव
चौधरी भूपेंद्र सिंह सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ वर्ष 1999 में संभल से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद भी वह संगठन के लिए काम करते रहे। संगठन में उनका कद बढ़ता ही गया। वहीं 2007 में मुरादाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन वह चुनाव हार गए।