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Moradabad News: सोर्सिंग हब के लिए जल्द जारी होगा टेंडर, प्रक्रिया शुरू

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:58 AM IST
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Tender will be issued soon for sourcing hub, process has started
मुरादाबाद। नया मुरादाबाद में 78 करोड़ रुपये की लागत से बना सोर्सिंग हब अब आखिरकार निजी हाथों में सौंपा जाएगा। वर्षों से वीरान पड़े इस हब को फिर से जिंदा करने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर संचालन की मंजूरी बोर्ड की बैठक में दे दी थी। अब इसके आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण इसी सप्ताह टेंडर जारी करने की कवायद में जुटा हुआ है। टेंडर में चुनी गई एजेंसी को भवन की मरम्मत और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला यह हब 18 साल पहले पीतल नगरी के कारीगरों और शिल्पियों के लिए एक सपने की तरह तैयार किया गया था। लेकिन वर्षों तक योजना विफल रही और यह भव्य इमारत खंडहर में बदलती चली गई। एमडीए की हालिया बोर्ड बैठक में तय किया गया कि इस संपत्ति को अब बेकार नहीं छोड़ा जा सकता।
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चार मंजिलों वाले इस हब में कुल 169 दुकानें और बेसमेंट में 114 वेयरहाउस स्टोर मौजूद हैं। प्रत्येक दुकान का क्षेत्रफल 24.20 वर्ग मीटर है जबकि बेसमेंट स्टोर 12.40 वर्ग मीटर के हैं। वर्षों तक यह हब खाली पड़ा रहा और केवल एक बार वह भी मात्र 16 दिन के लिए इसे आटिज्म केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
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प्राधिकरण का मानना है कि पीपीपी मोड में यह हब फिर से जीवंत हो सकेगा और शहर की हस्तकला को देश-दुनिया से जोड़ने में सहायक बनेगा। टेंडर प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समिति भी गठित की जा रही है जो चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी। एमडीए का यह कदम न केवल 78 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि को फिर से उपयोग में लाने की कोशिश है बल्कि इससे स्थानीय रोजगार और कारीगरों को नया मंच भी मिलेगा।

- 18 साल पहले हुआ था निर्माण
सोर्सिंग हब का निर्माण वर्ष 2007 में नया मुरादाबाद में हाईवे के पास 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में कराया गया था। इसे स्थानीय हस्तशिल्प कारीगरों के हुनर को पहचान देने और पीतल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया था। वातानुकूलित तीन मंजिला सोर्सिंग हब में लिफ्ट और स्वचलित सीढ़ियों की भी सुविधा दी गई है। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरा भवन खंडहर में तब्दील हो गया है।


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बोर्ड की बैठक में सोर्सिंग हब को पीपीपी मोड पर संचालित करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस हब और वेयरहाउस से स्थानीय कारीगरों को काफी फायदा मिलेगा। टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। - अनुभव सिंह, उपाध्यक्ष, एमडीए
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