{"_id":"68926773a230edff9b0ebbf5","slug":"teachers-need-new-thinking-and-digital-skills-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-702809-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: शिक्षकों को नई सोच और डिजिटल दक्षता की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: शिक्षकों को नई सोच और डिजिटल दक्षता की जरूरत
विज्ञापन
मुरादाबाद। टीएमयू में फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की ओर से एजुकेशन 5.0ः ए न्यू पैराडाइम इन ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन पर एक दिवसीय वर्चुअल नेशनल सेमिनार का आयोजन हुआ। इस सेमिनार में 40 शोध पत्र पढ़े गए। धनमंजुरी यूनिवर्सिटी मणिपुर के वीसी प्रो. डब्ल्यू सी सिंह मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा 5.0 का मूल उद्देश्य तकनीक को मानवता से जोड़ना है। यह शिक्षा प्रणाली स्टुडेंट्स को न केवल दक्ष बनाती है, बल्कि उन्हें सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक रूप से भी सजग नागरिक बनाती है। शिक्षकों को अब नई सोच, डिजिटल दक्षता, संवेदनशीलता की जरूरत है। देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, माइक्रोलर्निंग और शिक्षकों के लिए डिजिटल मंच जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए। जय मिनेेश आदिवासी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. डीपी तिवारी, डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली के प्रो. सत्यकेतु सांकृत, जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा, टीएमयू के प्रो. एमपी सिंह आदि ने विचार रखे। सेमिनार के कन्वीनर प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार जैन रहे। सेमिनार की संयोजक डॉ. सुगंधा जैन रहीं। डॉ. रूबी शर्मा ने संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिक्षा 5.0 का मूल उद्देश्य तकनीक को मानवता से जोड़ना है। यह शिक्षा प्रणाली स्टुडेंट्स को न केवल दक्ष बनाती है, बल्कि उन्हें सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक रूप से भी सजग नागरिक बनाती है। शिक्षकों को अब नई सोच, डिजिटल दक्षता, संवेदनशीलता की जरूरत है। देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, माइक्रोलर्निंग और शिक्षकों के लिए डिजिटल मंच जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए। जय मिनेेश आदिवासी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. डीपी तिवारी, डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली के प्रो. सत्यकेतु सांकृत, जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा, टीएमयू के प्रो. एमपी सिंह आदि ने विचार रखे। सेमिनार के कन्वीनर प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार जैन रहे। सेमिनार की संयोजक डॉ. सुगंधा जैन रहीं। डॉ. रूबी शर्मा ने संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन