Teacher Online Attendance: विरोध में शिक्षकों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, कहा- सरकार पहले मांग पूरी करे
मुरादाबाद में शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी लगाने का विरोध जताया। कहा कि सरकार इसे मनमाने तरीके से लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि नया नियम लागू करने से पहले उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने पंजिकाओं के डिजिटलीकरण व ऑनलाइन हाजिरी को लेकर विरोध जताया। संगठन ने इस व्यवस्था के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। मूंढापांडे ब्लॉक के सभी शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी पर असहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए।
संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विभाग ने स्कूलवार नेटवर्क की सूचना मांगी थी। इसके बावजूद मनमाने ढंग से एक ही कंपनी के सिम कार्ड पूरे जिले में वितरित कर दिए गए। जब तक शिक्षकों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि पहले सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था हो और उसकी समीक्षा भी हो। इसके बाद ही शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी की बात की जाए। संगठन ने कहा कि 18 रेगुलर एप और हर रोज एक नया एप डाउनलोड कर मोबाइल एवं टैबलेट पर काम करना पड़ता है।
इससे अभिभावकों में भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि हमारे बच्चों की पढ़ाई नहीं होती। सभी अध्यापक मोबाइल पर लगे रहते हैं। बैठक में इन मुद्दों पर आरपार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया।
हस्ताक्षर अभियान में सुरेंद्र सिंह, सतेंद्र कुमार सिंह, राजेश कुमार, सुमित कुमार सिंह, विनोद यादव, प्रतीक शर्मा, वेदप्रकाश, मनोज यादव, लोकेंद्र कुमार, सोमपाल, राहुल यादव, नीरज, राहुल, मयंक सैनी, हरीश कुमार, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
महिला शिक्षक संघ ने सीएम को भेजा ज्ञापन
महिला शिक्षक संघ ने ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि को सौंपा। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी व पंजिकाओं के डिजिटलीकरण का आदेश वापस लेने की मांग की।
महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष डॉ. ऋतु त्यागी ने कहा कि किसी विभाग में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ शिक्षकों पर ही यह नई व्यवस्था लादी जा रही है। शैक्षिक कार्यों के अलावा अन्य कार्यों में शिक्षकों को व्यस्त रखा जाता है।
ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी तर्कसंगत नहीं है। संगठन ने इसे रद्द करने की मांग की। इस मौके पर संघ की कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहीं।