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‘नेता गैंग’ पड़ा भारी, सप्लाई इंस्पेक्टर को हटाया
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:12 AM IST
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netaji
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कांठ में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर को गुरुवार को हटा दिया गया। बताया जाता है कि ‘नेता गैंग’ द्वारा राशन की दुकान में कार्ड बढ़ाने का काफी दिन से दबाव बनाया जा रहा है, जिस पर इंस्पेक्टर ने यह कहते हुए ध्यान नहीं दिया कि तय कोटे के अनुसार ही राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
इस पर शासन स्तर से भी दबाव बनाया गया। जब ध्यान नहीं दिया तो गुरुवार को लखनऊ से आए एक फोन के बाद इंस्पेक्टर को हटा दिया गया। कांठ का एक राशन डीलर काफी समय से प्रयास कर रहा था कि उसकी दुकान में कार्ड बढ़ाए जाएं। इसके लिए एक नेता भी प्रयास रत था।
इसके लिए सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश कुमार से भी कहा गया। लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। नेता ने इस मामले को लखनऊ पहुंचाया तो वहां से भी इसके लिए प्रयास शुरू हुए। पूर्ति विभाग के एक अधिकारी के पास भी लखनऊ से फोन आए।
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बताया जाता है कि हाल ही में खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर जब मुरादाबाद आए तो उनके पास भी यह मामला पहुंचा। चर्चा यहां तक है कि इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत पत्र भी मंत्री को दिया गया।
गुरुवार की दोपहर लखनऊ से पूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के पास फोन आया कि तत्काल सप्लाई इंस्पेक्टर को हटा दिया जाए। इसके बाद इंस्पेक्टर को तत्काल जिला मुख्यालय पर बुला लिया गया। देर शाम तक इंस्पेक्टर को वहां से हटाने की जानकारी दे दी गई। दूसरी ओर इस मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
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इस पर शासन स्तर से भी दबाव बनाया गया। जब ध्यान नहीं दिया तो गुरुवार को लखनऊ से आए एक फोन के बाद इंस्पेक्टर को हटा दिया गया। कांठ का एक राशन डीलर काफी समय से प्रयास कर रहा था कि उसकी दुकान में कार्ड बढ़ाए जाएं। इसके लिए एक नेता भी प्रयास रत था।
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इसके लिए सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश कुमार से भी कहा गया। लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। नेता ने इस मामले को लखनऊ पहुंचाया तो वहां से भी इसके लिए प्रयास शुरू हुए। पूर्ति विभाग के एक अधिकारी के पास भी लखनऊ से फोन आए।
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बताया जाता है कि हाल ही में खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर जब मुरादाबाद आए तो उनके पास भी यह मामला पहुंचा। चर्चा यहां तक है कि इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत पत्र भी मंत्री को दिया गया।
गुरुवार की दोपहर लखनऊ से पूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के पास फोन आया कि तत्काल सप्लाई इंस्पेक्टर को हटा दिया जाए। इसके बाद इंस्पेक्टर को तत्काल जिला मुख्यालय पर बुला लिया गया। देर शाम तक इंस्पेक्टर को वहां से हटाने की जानकारी दे दी गई। दूसरी ओर इस मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं।