भविष्य की खुशियों को ध्यान में रखकर करें पढ़ाई
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विद्यार्थियों को समझना चाहिए कि वर्तमान हालात तो बदल जाएंगे, लेकिन इसकी चिंता की वजह से अंकों पर जो दुष्प्रभाव पड़ेगा, वह हमेशा ऐसा ही रहेगा। इसलिए सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करें और परीक्षा दें। ये जानकारी विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करते हुए मंडलीय मनोविज्ञान विभाग के अधिकारी डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत ने दी। ब्यूरो
केस एक : रामतलैया निवासी निवासी 12वीं के छात्र ने बताया कि मेरे पिताजी की तबीयत खराब है। उनकी देखभाल करने में समय निकल जाता है। इसकी वजह से पढ़ाई के लिए समय नहीं मिल पाता है। जिसके कारण मैं अपनी पढ़ाई को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हूं। पेपर भी नजदीक हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं कैसे तैयारी करूं, जिससे अच्छे नंबर ला सकूं।
सुझाव :समस्या का अपने परिजनों की सहायता से शीघ्र समाधान करने का प्रयास करें g थोड़ी बहुत कठिनाइयां और समस्याएं जीवन का एक हिस्सा होती हैं g शैक्षिक और व्यक्तिगत जीवन में सामंजस्य बनाकर चलें
पढ़ाई का स्थान और माहौल बदलने का प्रयास करें
तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें।
केस दो : गांव हसनपुर के कक्षा 12वीं के छात्र का कहना है कि मैं सीबीएसई से आर्ट संकाय का छात्र हूं। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि पाठ्यक्रम का अभ्यास कैसे करुं। मम्मी-पापा की अपेक्षाओं को लेकर भी डर लगता है। हमेशा महसूस होता है कि कुछ न कुछ छूट रहा है। इन नकारात्मक विचारों को कैसे दूर करूं।
सुझाव : रिवीजन करने के लिए समय सारणी बनाएं और उसका पालन करें
अपने अध्ययन कक्ष में चार्ट पेपर पर महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखकर लगाएं
लंबे और कठिन विषयों को छोटे बिंदुओं में लिखकर दोहराएं
मित्रों के साथ ग्रुप में भी रिवाइज किया जा सकता है
रिविजन करते समय प्रत्येक घंटे के बाद 5 से 7 मिनट का ब्रेक अवश्य लें
रिवीजन सदैव शांतिपूर्ण वातावरण में ही करें। केस तीन : जिला रामपुर ग्राम ककरहवा निवासी कक्षा 12 के छात्र ने कहा कि हमारे गांव में सुबह शाम लाउडस्पीकर की आवाज इतनी तेज होती है कि पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। इसकी वजह से परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। इसका क्या समाधान हो सकता है।
सुझाव : रोजमर्रा की मामूली कठिनाइयों से न तो घबराए और नहीं परेशान हों
अपनी पढ़ाई का समय थोड़ा परिवर्तित करें
शोरगुल या व्यवधान के समय अपने अन्य कार्य निपटाने का प्रयास करें
समस्या अधिक होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों से मिलकर लाउडस्पीकर की आवाज थोड़ा कम करने का आग्रह करें।