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कृषि विभाग के खिलाफ भाकियू का विकास भवन गेट पर धरना
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कृषि विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विकास भवन गेट पर अनिश्चितकालीन धरना दिया। भाकियू के इस धरने से जिले के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के आदेश पर सीडीओ व डीडी समेत कई अधिकारी शाम होते ही धरना स्थल पहुंच गए। सीडीओ के आश्वासन पर भाकियू ने रात आठ बजे धरना समाप्त कर दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज सिंह की अगुवाई में तमाम भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर से विकास भवन परिसर गेट पर धरना देना शुरू कर दिया। इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिला कृषि अधिकारी और उनके स्टाफ के संरक्षण में जिले में खाद कई कई दुकानों अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं। नकली बीज व दवाओं की बिक्री चरम पर है। खाद की अधिकांश दुकानों पर ओवररेट पर खाद किसानों को मिल रही है।
भाकियू युवा जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि कृषि महकमे के अधिकारी और कर्मचारी अपने चंद चहेते किसानों को ही योजनाओं का लाभ दिलाते हैं। चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के मौके पर अधिकांश तौर पर ऐसे ही चहेते किसानों को सम्मानित करने का आरोप लगाते हुए सभी की जांच उच्चस्तरीय समिति गठित कर करवाने की मांग की।
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प्रदेश महासचिव डॉ. नो सिंह ने कहा कि किसानों का धान समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसा कर किसानों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर किया जा रहा है। सभा को महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह, नरेंद्र प्रताप, राधेश्याम, रचीपाल सिंह, नरेंद्र प्रपात सिंह, वीर सिंह, राधेश्याम, दीपक चौधरी, अमित, गौरव सिंह तोमर आदि लोगों, जयवीर सिंह ने संबोधित किया।
विकास भवन गेट पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरने देने के साथ ही दोपहर में एलान कर दिया था कि अगर उनकी मांग शाम तक नहीं मानी गई तो वह अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर देंगे, लेकिन शाम तक अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी। शाम होते ही अनिश्चित कालीन धरने का एलान कर दिया। इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे। आनन-फानन उप निदेशक (कृषि) सीएल यादव, एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार, एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने मौके पर पहुंच कर किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी आनंदवर्धन मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों से वार्ता की। सीडीओ ने किसानों की मांगें मानते हुए दो जनवरी को वार्ता के लिए अधिकारियों और किसान नेताओं की बैठक बुलाई है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज सिंह की अगुवाई में तमाम भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर से विकास भवन परिसर गेट पर धरना देना शुरू कर दिया। इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिला कृषि अधिकारी और उनके स्टाफ के संरक्षण में जिले में खाद कई कई दुकानों अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं। नकली बीज व दवाओं की बिक्री चरम पर है। खाद की अधिकांश दुकानों पर ओवररेट पर खाद किसानों को मिल रही है।
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भाकियू युवा जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि कृषि महकमे के अधिकारी और कर्मचारी अपने चंद चहेते किसानों को ही योजनाओं का लाभ दिलाते हैं। चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के मौके पर अधिकांश तौर पर ऐसे ही चहेते किसानों को सम्मानित करने का आरोप लगाते हुए सभी की जांच उच्चस्तरीय समिति गठित कर करवाने की मांग की।
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प्रदेश महासचिव डॉ. नो सिंह ने कहा कि किसानों का धान समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसा कर किसानों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर किया जा रहा है। सभा को महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह, नरेंद्र प्रताप, राधेश्याम, रचीपाल सिंह, नरेंद्र प्रपात सिंह, वीर सिंह, राधेश्याम, दीपक चौधरी, अमित, गौरव सिंह तोमर आदि लोगों, जयवीर सिंह ने संबोधित किया।
विकास भवन गेट पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरने देने के साथ ही दोपहर में एलान कर दिया था कि अगर उनकी मांग शाम तक नहीं मानी गई तो वह अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर देंगे, लेकिन शाम तक अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी। शाम होते ही अनिश्चित कालीन धरने का एलान कर दिया। इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे। आनन-फानन उप निदेशक (कृषि) सीएल यादव, एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार, एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने मौके पर पहुंच कर किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी आनंदवर्धन मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों से वार्ता की। सीडीओ ने किसानों की मांगें मानते हुए दो जनवरी को वार्ता के लिए अधिकारियों और किसान नेताओं की बैठक बुलाई है।