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Moradabad News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों का फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले महफूज का नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ
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मुरादाबाद। लॉरेंस बिश्नोई और गोगी गैंग से जुड़े बदमाशों के लिए फर्जी पहचान के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले अगवानपुर के महफूज का नेटवर्क खंगालने में यूपी एसटीएफ भी जुट गई है। एसटीएफ ने इस संबंध में मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया है। इसके अलावा मुकेश शर्मा, आकाश और पवन के बारे में जानकारी जुटाई है। पुलिस के अलावा एसटीएफ इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
कटघर थाने की पुलिस ने आठ अक्तूबर 2026 को सिविल लाइंस के अगवानपुर निवासी महफूज और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी आकाश को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों से फर्जी दस्तावेज, ग्राम प्रधान और पार्षदों के लेटर पैड, मोहरें, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, चेकबुक और बिजली के बिल बरामद किए थे।
महफूज ने पुलिस पूछताछ में कबूला था कि वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। उसकी मुलाकात तिहाड़ जेल में आकाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने विदेश जाने के लिए फर्जी पहचान पत्र पर पासपोर्ट बनवाने के लिए महफूज से संपर्क किया था। इसके एवज में उसने महफूज को साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे।
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आकाश ने मथुरा निवासी अपने फुफेरे भाई रवि पुत्र प्रेम स्वरूप का आधार कार्ड महफूज को दिया था। इसी पहचान के आधार पर आकाश का पासपोर्ट बनवाने के लिए कटघर क्षेत्र के ताजपुर माफी गांव का पता दिया गया था। पुलिस ने जब पते का सत्यापन किया तो रवि नाम का कोई व्यक्ति वहां नहीं मिला। आवेदन संदिग्ध मिलने पर उसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी आरोपियों ने दोबारा पासपोर्ट बनवाने की तैयारी शुरू कर दी थी। इससे पहले आरोपी पवन नाम के एक युवक का भी पासपोर्ट बनवा चुका है। इस मामले में अब पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस महफूज और उससे जुड़े लोगों का नेटवर्क खंगाल रही है। एसटीएफ ने कटघर थाने में दर्ज मामले की जानकारी पुलिस से ली है। एसटीएफ इस मामले में जेल में बंद महफूज, आकाश और गुरुग्राम की जेल में बंद बरेली निवासी मुकेश से भी पूछताछ कर सकती है। एसपी सिटी कुमार रण विजयसिंह ने बताया कि इस मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस के अलावा अन्य एजेंसी भी इस मामले में अपने-अपने स्तर से जांच कर रही हैं।
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कटघर थाने की पुलिस ने आठ अक्तूबर 2026 को सिविल लाइंस के अगवानपुर निवासी महफूज और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी आकाश को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों से फर्जी दस्तावेज, ग्राम प्रधान और पार्षदों के लेटर पैड, मोहरें, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, चेकबुक और बिजली के बिल बरामद किए थे।
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महफूज ने पुलिस पूछताछ में कबूला था कि वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। उसकी मुलाकात तिहाड़ जेल में आकाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने विदेश जाने के लिए फर्जी पहचान पत्र पर पासपोर्ट बनवाने के लिए महफूज से संपर्क किया था। इसके एवज में उसने महफूज को साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे।
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आकाश ने मथुरा निवासी अपने फुफेरे भाई रवि पुत्र प्रेम स्वरूप का आधार कार्ड महफूज को दिया था। इसी पहचान के आधार पर आकाश का पासपोर्ट बनवाने के लिए कटघर क्षेत्र के ताजपुर माफी गांव का पता दिया गया था। पुलिस ने जब पते का सत्यापन किया तो रवि नाम का कोई व्यक्ति वहां नहीं मिला। आवेदन संदिग्ध मिलने पर उसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी आरोपियों ने दोबारा पासपोर्ट बनवाने की तैयारी शुरू कर दी थी। इससे पहले आरोपी पवन नाम के एक युवक का भी पासपोर्ट बनवा चुका है। इस मामले में अब पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस महफूज और उससे जुड़े लोगों का नेटवर्क खंगाल रही है। एसटीएफ ने कटघर थाने में दर्ज मामले की जानकारी पुलिस से ली है। एसटीएफ इस मामले में जेल में बंद महफूज, आकाश और गुरुग्राम की जेल में बंद बरेली निवासी मुकेश से भी पूछताछ कर सकती है। एसपी सिटी कुमार रण विजयसिंह ने बताया कि इस मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस के अलावा अन्य एजेंसी भी इस मामले में अपने-अपने स्तर से जांच कर रही हैं।