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एनजीटी से प्रदेश सरकार को फिर नहीं मिली राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:15 AM IST
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- फोटो : ngt
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रामगंगा में डाले जा रहे ई-कचरे के खिलाफ एनजीटी का शुक्रवार को भी सख्त रुख रहा। एनजीटी ने प्रदेश सरकार के वकील के अनुरोध पर किसी भी तरह की राहत नहीं दी और कहा कि नदी से कचरा नहीं हटा तो प्रदेश सरकार और डीएम पर पूर्व में निर्धारित किए गए जुर्माने की राशि में वृद्धि भी की जा सकती है।
प्रदेश सरकार के एडीशनल अटार्नी जनरल ने एनजीटी के न्यायमूर्ति ज्वार रहीम, बागड़ी और एन. नंदा की बैंच के समक्ष प्रदेश सरकार और डीएम पर लगाए गए जुर्माने पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। उसी दौरान सफाई के फोटो और वीडियो भी प्रस्तुत किए। इस मामले में बैंच ने साफ-साफ कहा कि नदी में सफाई होने पर ही पुनर्विचार हो सकता है। यदि ठीक से सफाई नहीं हुई तो जुर्माने की राशि में वृद्धि की जा सकती है।
एनजीटी की बैंच वीडियो और फोटो देखकर सफाई से संतुष्ट नहीं है। बैंच का कहना है कि ई-कचरे के ब्लैक पाउडर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर डंप कराना समस्या का समाधान नहीं है। इस तरह प्रदूषण खत्म नहीं होगा। बल्कि इस ब्लैक पाउडर को आधुुनिक पद्धति से पूरी तरह से निस्तारित किया जाना चाहिए।
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सरकार इस ब्लैक पाउडर को स्थायी रूप से निस्तारित करने की योजना बताए। साथ में यह भी स्पष्ट हो कि इसे कब तक निस्तारित किया जा सकेगा। दो सप्ताह पहले एनजीटी ने रामगंगा नदी से ई-कचरा का ठीक से निस्तारण न होने के कारण प्रदेश सरकार पर दो लाख रुपये और जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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प्रदेश सरकार के एडीशनल अटार्नी जनरल ने एनजीटी के न्यायमूर्ति ज्वार रहीम, बागड़ी और एन. नंदा की बैंच के समक्ष प्रदेश सरकार और डीएम पर लगाए गए जुर्माने पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। उसी दौरान सफाई के फोटो और वीडियो भी प्रस्तुत किए। इस मामले में बैंच ने साफ-साफ कहा कि नदी में सफाई होने पर ही पुनर्विचार हो सकता है। यदि ठीक से सफाई नहीं हुई तो जुर्माने की राशि में वृद्धि की जा सकती है।
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एनजीटी की बैंच वीडियो और फोटो देखकर सफाई से संतुष्ट नहीं है। बैंच का कहना है कि ई-कचरे के ब्लैक पाउडर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर डंप कराना समस्या का समाधान नहीं है। इस तरह प्रदूषण खत्म नहीं होगा। बल्कि इस ब्लैक पाउडर को आधुुनिक पद्धति से पूरी तरह से निस्तारित किया जाना चाहिए।
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सरकार इस ब्लैक पाउडर को स्थायी रूप से निस्तारित करने की योजना बताए। साथ में यह भी स्पष्ट हो कि इसे कब तक निस्तारित किया जा सकेगा। दो सप्ताह पहले एनजीटी ने रामगंगा नदी से ई-कचरा का ठीक से निस्तारण न होने के कारण प्रदेश सरकार पर दो लाख रुपये और जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।