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Moradabad News: एसपी देहात और एसडीएम ने सीएचसी पहुंचकर परिजनों को समझाया
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बिलारी। पुलिस अधीक्षक देहात कुंवर आकाश सिंह और एसडीएम विनय कुमार सिंह बुधवार सुबह सीएचसी बिलारी पहुंचकर मृतक महिलाओं के परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाया। एक मृतका सुनीता के पति श्रीराम उत्तराखंड के रामनगर में मजदूरी करते हैं। सुनीता के शव के पास परिवार का कोई सदस्य नहीं था। पुलिस ने समाथल के वर्तमान और पूर्व प्रधान से बात की तथा उन्हें विश्वास में लेकर सुनीता के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका मालदेई के परिजनों को एसपी देहात और एसडीएम ने पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी समझाया लेकिन जब वह पोस्टमार्टम को तैयार नहीं हुए तब मालदेई का शव अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने सुनीता का शव तो पहले ही भेज दिया बाद में जब मालदेई का शव पोस्टमार्टम को भेजने के लिए दूसरे वाहन में रखा तब उसके बेटे यशकुमार ने काफी हंगामा शुरू कर दिया। अंत में पुलिस को भी मालदेई का शव पोस्टमार्टम को भेजने की बजाए परिजनों को देना पड़ गया।
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सीएचसी बिलारी पहुंचे ग्रामीण
बिलारी। समाथल गांव में गिरी ढांग के मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत हो जाने और एक महिला की हालत गंभीर होने की खबर मिलते ही पूर्व ग्राम प्रधान वीरसिंह यादव समेत समाथल के अनेक ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी पहुंच गए। ग्रामीणों ने महिलाओं के परिजनों से उनके बारे में जानकारी ली। रामवती के परिजन तो उसे लेकर उपचार कराने जिला अस्पताल चले गए। मालदेई के पति ब्रजपाल और उसका बेटा यशकुमार सीएचसी में ही शव पर दहाड़ें मारकर रोने लगे। हादसे की सूचना पर थाना बिलारी पुलिस भी सीएचसी पहुंच गई और ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
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दैवीय आपदा में नहीं आती घटना, नहीं मिलेगा मुआवजा-तहसीलदार
बिलारी। स्थानीय तहसीलदार बिलारी आदित्य कुमार ने बताया कि ढांग गिरकर मिटटी में दबकर समाथल गांव में दो महिलाओं की मौत की घटना दैवीय आपदा में नहीं आती है इसलिए मृतकों के आश्रितों को शासन स्तर से दैवीय आपदा के तहत मुआवजा नहीं मिल पाएगा। तहसीलदार के अनुसार घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। समाथल में हुए हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। तहसीलदार ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर इस बात के लिए जागरुक किया ऐसे किसी तालाब में जहां ढांग बनी हो वहां पर महिलाएं मिट्टी खोदने न जाएं।
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पति ब्रजपाल ने मालदेई से कहा था अब काम लायक मिट्टी हो गई
बिलारी। समाथल गांव निवासी ब्रजपाल ने बताया कि बुधवार सुबह वह उसकी पत्नी मालदेई दोनों गांव के तालाब में पीली मिट्टी खोदने गए थे। मालदेई ढांग के नीचे मिट्टी खोद रही थी और वह खोदी हुई मिट्टी को परात में भरकर घर पहुंचाकर आ रहा था। मिट्टी की दो परातें घर पहुंचाने के बाद उसने पत्नी मालदेई से कहा कि अब काम लायक मिट्टी हो गई तुम घर चलो बाद में खोद लेंगे। मालदेई ने कहा कि एक परात मिट्टी और ले जाना। जब वह तीसरी परात मिट्टी लेने जा रहा था तभी रास्ते में खबर मिल गई कि ढांग गिरने से उसकी पत्नी समेत तीनों महिलाएं दब गई हैं। ब्रजपाल किसान है, परिवार में पत्नी मालदेई के अलावा बेटा यश कुमार और बेटी सुमन है। ब्रजपाल के घर जब यह खबर पहुंची कि बिलारी अस्पताल में चिकित्सक ने मालदेई को मृत घोषित कर दिया है तब परिवार की ओर रिश्तेदार महिलाओं की भीड़ लग गई और रोने लगीं।
फोटो परिचय-03,04
दोनों बेटियों से मिट्टी लाकर साथ चाय पीने को कहकर गई थी सुनीता
बिलारी। समाथल गांव निवासी मृतका सुनीता गरीब परिवार की थी। सुनीता के घर के आंगन में धूप से बचने को पॉलिथीन पड़ी हुई है। सुनीता के पति श्रीराम कश्यप उत्तराखंड के रामनगर में ठेकेदार के अधीन मजदूरी करने गए हुए हैं। सुनीता को अपने घर की कच्ची दीवारों और कच्चे फर्श पर पीली मिट्टी से लेपाई करनी थी। सुनीता के साथ समाथल गांव में केवल उसकी दोनों बेटियां पूजा नौ वर्ष और माधुरी छह वर्ष रहती हैं। दोनों बेटियों ने बताया कि मां सुनीता उनसे यह कहकर गई थी कि में एक परात पीली मिट्टी लेने जा रही हूं उसके बाद चाय बनाकर एक साथ पिएंगे।
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ग्रामीणों की मांग पर जेसीबी से हुई ढांग के मलबे की खोदाई
बिलारी। समाथल के ग्रामीणों की मांग पर पुलिस प्रशासन द्वारा तालाब में ढांग के गिरे हुए मलबे की जेसीबी से खोदाई कराई गई। समाथल गांव निवासी समाजसेवी नरेंद्र सिंह यादव आदि ने पुलिस प्रशासन से मांग उठाई कि जेसीबी मंगाकर ढांग के मलबे की खोदाई कराकर ग्रामीणों के शक को दूर कराया जाए। एसडीएम के निर्देश पर अनेक पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर पहुंची जेसीबी मशीन ने सतर्कता के साथ ढांग के पूरे मलबे की खोदाई की और खतरा नजर आ रही शेष बची ढांग को जेसीबी ने नीचे गिरा दिया। मौजूद ग्रामीणों को जब यह पुख्ता यकीन हो गया कि मलबे में अब कुछ नहीं है उसके बाद ही जेसीबी मशीन को मौके से हटाया गया।
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सीएचसी बिलारी पहुंचे ग्रामीण
बिलारी। समाथल गांव में गिरी ढांग के मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत हो जाने और एक महिला की हालत गंभीर होने की खबर मिलते ही पूर्व ग्राम प्रधान वीरसिंह यादव समेत समाथल के अनेक ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी पहुंच गए। ग्रामीणों ने महिलाओं के परिजनों से उनके बारे में जानकारी ली। रामवती के परिजन तो उसे लेकर उपचार कराने जिला अस्पताल चले गए। मालदेई के पति ब्रजपाल और उसका बेटा यशकुमार सीएचसी में ही शव पर दहाड़ें मारकर रोने लगे। हादसे की सूचना पर थाना बिलारी पुलिस भी सीएचसी पहुंच गई और ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
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दैवीय आपदा में नहीं आती घटना, नहीं मिलेगा मुआवजा-तहसीलदार
बिलारी। स्थानीय तहसीलदार बिलारी आदित्य कुमार ने बताया कि ढांग गिरकर मिटटी में दबकर समाथल गांव में दो महिलाओं की मौत की घटना दैवीय आपदा में नहीं आती है इसलिए मृतकों के आश्रितों को शासन स्तर से दैवीय आपदा के तहत मुआवजा नहीं मिल पाएगा। तहसीलदार के अनुसार घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। समाथल में हुए हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। तहसीलदार ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर इस बात के लिए जागरुक किया ऐसे किसी तालाब में जहां ढांग बनी हो वहां पर महिलाएं मिट्टी खोदने न जाएं।
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पति ब्रजपाल ने मालदेई से कहा था अब काम लायक मिट्टी हो गई
बिलारी। समाथल गांव निवासी ब्रजपाल ने बताया कि बुधवार सुबह वह उसकी पत्नी मालदेई दोनों गांव के तालाब में पीली मिट्टी खोदने गए थे। मालदेई ढांग के नीचे मिट्टी खोद रही थी और वह खोदी हुई मिट्टी को परात में भरकर घर पहुंचाकर आ रहा था। मिट्टी की दो परातें घर पहुंचाने के बाद उसने पत्नी मालदेई से कहा कि अब काम लायक मिट्टी हो गई तुम घर चलो बाद में खोद लेंगे। मालदेई ने कहा कि एक परात मिट्टी और ले जाना। जब वह तीसरी परात मिट्टी लेने जा रहा था तभी रास्ते में खबर मिल गई कि ढांग गिरने से उसकी पत्नी समेत तीनों महिलाएं दब गई हैं। ब्रजपाल किसान है, परिवार में पत्नी मालदेई के अलावा बेटा यश कुमार और बेटी सुमन है। ब्रजपाल के घर जब यह खबर पहुंची कि बिलारी अस्पताल में चिकित्सक ने मालदेई को मृत घोषित कर दिया है तब परिवार की ओर रिश्तेदार महिलाओं की भीड़ लग गई और रोने लगीं।
फोटो परिचय-03,04
दोनों बेटियों से मिट्टी लाकर साथ चाय पीने को कहकर गई थी सुनीता
बिलारी। समाथल गांव निवासी मृतका सुनीता गरीब परिवार की थी। सुनीता के घर के आंगन में धूप से बचने को पॉलिथीन पड़ी हुई है। सुनीता के पति श्रीराम कश्यप उत्तराखंड के रामनगर में ठेकेदार के अधीन मजदूरी करने गए हुए हैं। सुनीता को अपने घर की कच्ची दीवारों और कच्चे फर्श पर पीली मिट्टी से लेपाई करनी थी। सुनीता के साथ समाथल गांव में केवल उसकी दोनों बेटियां पूजा नौ वर्ष और माधुरी छह वर्ष रहती हैं। दोनों बेटियों ने बताया कि मां सुनीता उनसे यह कहकर गई थी कि में एक परात पीली मिट्टी लेने जा रही हूं उसके बाद चाय बनाकर एक साथ पिएंगे।
ग्रामीणों की मांग पर जेसीबी से हुई ढांग के मलबे की खोदाई
बिलारी। समाथल के ग्रामीणों की मांग पर पुलिस प्रशासन द्वारा तालाब में ढांग के गिरे हुए मलबे की जेसीबी से खोदाई कराई गई। समाथल गांव निवासी समाजसेवी नरेंद्र सिंह यादव आदि ने पुलिस प्रशासन से मांग उठाई कि जेसीबी मंगाकर ढांग के मलबे की खोदाई कराकर ग्रामीणों के शक को दूर कराया जाए। एसडीएम के निर्देश पर अनेक पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर पहुंची जेसीबी मशीन ने सतर्कता के साथ ढांग के पूरे मलबे की खोदाई की और खतरा नजर आ रही शेष बची ढांग को जेसीबी ने नीचे गिरा दिया। मौजूद ग्रामीणों को जब यह पुख्ता यकीन हो गया कि मलबे में अब कुछ नहीं है उसके बाद ही जेसीबी मशीन को मौके से हटाया गया।