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हम अंधे, गूंगे और बहरे हैं : आजम-00
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रामपुर। सपा नेता आजम खां ने देश के मौजूदा हालात और अग्निपथ योजना के विरोध की प्रतिक्रिया में कहा कि हम लोग अंधे, गूंगे और बहरे हैं। इसलिए हमें न कुछ दिख रहा है, न सुनाई दे रहा है और न ही कुछ बोल सकते हैं।
यह बात आजम खां ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कही। देश के मौजूदा हालात और अग्निपथ योजना के विरोध से जुड़े सवाल पर कुछ कहने से इनकार करते हुए बोले कि हम लोग अंधे, गूंगे और बहरे हैं। इसलिए न तो कुछ दिख रहा है, न सुनाई दे रहा और न ही कुछ बोल सकते हैं। इस पर राय तो उनसे लें, जिनके मुंह में जुबान हो। कहा कि युवा तो सब्र कर चुका है। अब सब्र से ज्यादा तो कुछ नहीं हो सकता। शायराना अंदाज में बोले, भूखे सो गए अल्लाह तेरा शुक्र, भगवान तेरी कृपा। कहा कि अल्लाह के शुक्र और भगवान की कृपा से पूरा देश चल रहा है।
अग्निपथ योजना के विरोध में आगजनी जैसी घटना पर कहा कि इससे कोई फायदा नहीं, इससे कोई सरकार का नुकसान थोड़े ही होगा। जैसे हमसे भरपाई की है, वैसे ही इनसे भी भरपाई करें। देखना है इनसे कब भरपाई करते हैं। हम तो तीसरे दर्जे के इंसान थे तो हमसे भरपाई कर ली।
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लोकसभा उपचुनाव में उनके आजमगढ़ जाने को लेकर पार्टी में पुराने रुतबे के सवाल पर कहा कि ये वक्त इन बातों का नहीं है। यह वक्त एक होकर सही को सही और गलत को गलत कहने का है। उपचुनाव के संभावित परिणाम पर कहा कि सभी कहते हैं कि हम जीतेंगे, हम भी कह रहे हैं कि हम जीतेंगे।
रामपुर के उपचुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम और तमाम मंत्रियों के रामपुर में दौरे के सवाल पर कहा कि प्रचार करने वालों से किसी एक मोहल्ले या गांव का नाम पूछ लीजिए। सिर्फ अखबार में फोटो छपवाने से तो दौरा नहीं हो जाता। ठंडी गाड़ी से नीचे भी नहीं उतरे हैं।
दूसरी ओर रविवार की रात स्वार में एक जनसभा में आजम खां अग्निपथ पर मुखर अंदाज में रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि देश के बादशाह ने अग्निपथ योजना में युवाओं को चार साल की नौकरी देनेे का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं के गुस्से को भड़का दिया है। जैसा आठ साल पहले उन्हें 15 लाख रुपये देने का झांसा दिया गया था। अग्निपथ योजना में चार साल बाद रिटायर होकर युवा अदाणी और अंबानी के यहां नौकरी करेंगे क्योंकि सरकार उन्हीं के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विश्व के किसी भी विकसित देश ने स्वयं को विश्व गुरु बनने की बात नहीं कही। देश को बर्बादी की तरफ ले जाने वाले प्रधानमंत्री जब विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं तो हंसी आती है।
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देश बंटवारे के लिए बापू को तैयार करने वाले
हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे: आजम
- आजम खां ने अखंड भारत का नारा देने वालों से मांगा औरंगजेब का हिंदुस्तान
संवाद न्यूज एजेंसी
केमरी/बिलासपुर। सपा नेता आजम खां ने कहा कि हिंदुस्तान का बंटवारा मिस्टर जिन्ना चाहते थे, मौलाना अबुल कलाम आजाद और देश के मुसलमान नहीं चाहते थे। देश के बंटवारे के लिए बापू को उन लोगों ने तैयार किया जो हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे। आजम खां ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखंड भारत का नारा देने वाले औरंगजेब का हिंदुस्तान दें, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से लेकर रंगून तक का हिस्सा था।
आजम खां ने रविवार रात बिलासपुर क्षेत्र के केमरी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमान बंटवारा नहीं चाहते थे। इस सोच में सबसे बड़ी नुमाइंदगी मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की थी। जब देश के बंटवारे पर बापू ने सहमति दे दी तो एक इतिहासकार ने लिखा कि बापू तुम भी तैयार हो गए यानी किसी पर यकीन था कि कोई शख्स यदि बंटवारे के लिए तैयार नहीं होगा तो वो बापू होंगे लेकिन बापू को तैयार कराने वाले लोग कौन थे, जो हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे।
आजम खां ने आह्वान जैसी शैली में कहा कि अखंड हिंदुस्तान का नारा देने वालों वो हिंदुस्तान दो, जो औरंगजेब का था, गाली दो उसे कोई परवाह नहीं है। कोई हमदर्दी नहीं औरंगजेब से लेकिन, औरंगजेब का हिंदुस्तान तो वापस करो। अगर वो हिंदुस्तान होता तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान रंगून का कुछ हिस्सा इस देश में होता। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि वहां के मुसलमान हिंदुस्तान में होते तो क्या नकाब का सवाल उठ सकता था, क्या लव जिहाद के नाम पर लोगों के साथ नाइंसाफी हो सकती थी, क्या इबादतगाहों के साथ ये सलूक हो सकता था, लाउडस्पीकर का बहाना लेकर बेवजह सितम के पहाड़ तोड़े जा सकते थे। आज इंसानों के बीच मजहब और जाति की जो घृणा है ऐसा नहीं होता। क्योंकि दोनों हाथ मजबूत होते और मिलकर रहते। फैसला गलत था लिहाजा नतीजा भी गलत हुआ।
आजम खां ने अपने ऊपर हुए मुकदमों को लेकर कहा कि सरकार थी हमारी और हम वजीर थे और हमने ही शराब की दुकान में चोरी की। शर्म आनी चाहिए हिंदुस्तान को चलाने वालों, यहीं चुल्लू भर बेगैरती के पानी में डूबकर मर जाना चाहिए।
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यह बात आजम खां ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कही। देश के मौजूदा हालात और अग्निपथ योजना के विरोध से जुड़े सवाल पर कुछ कहने से इनकार करते हुए बोले कि हम लोग अंधे, गूंगे और बहरे हैं। इसलिए न तो कुछ दिख रहा है, न सुनाई दे रहा और न ही कुछ बोल सकते हैं। इस पर राय तो उनसे लें, जिनके मुंह में जुबान हो। कहा कि युवा तो सब्र कर चुका है। अब सब्र से ज्यादा तो कुछ नहीं हो सकता। शायराना अंदाज में बोले, भूखे सो गए अल्लाह तेरा शुक्र, भगवान तेरी कृपा। कहा कि अल्लाह के शुक्र और भगवान की कृपा से पूरा देश चल रहा है।
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अग्निपथ योजना के विरोध में आगजनी जैसी घटना पर कहा कि इससे कोई फायदा नहीं, इससे कोई सरकार का नुकसान थोड़े ही होगा। जैसे हमसे भरपाई की है, वैसे ही इनसे भी भरपाई करें। देखना है इनसे कब भरपाई करते हैं। हम तो तीसरे दर्जे के इंसान थे तो हमसे भरपाई कर ली।
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लोकसभा उपचुनाव में उनके आजमगढ़ जाने को लेकर पार्टी में पुराने रुतबे के सवाल पर कहा कि ये वक्त इन बातों का नहीं है। यह वक्त एक होकर सही को सही और गलत को गलत कहने का है। उपचुनाव के संभावित परिणाम पर कहा कि सभी कहते हैं कि हम जीतेंगे, हम भी कह रहे हैं कि हम जीतेंगे।
रामपुर के उपचुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम और तमाम मंत्रियों के रामपुर में दौरे के सवाल पर कहा कि प्रचार करने वालों से किसी एक मोहल्ले या गांव का नाम पूछ लीजिए। सिर्फ अखबार में फोटो छपवाने से तो दौरा नहीं हो जाता। ठंडी गाड़ी से नीचे भी नहीं उतरे हैं।
दूसरी ओर रविवार की रात स्वार में एक जनसभा में आजम खां अग्निपथ पर मुखर अंदाज में रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि देश के बादशाह ने अग्निपथ योजना में युवाओं को चार साल की नौकरी देनेे का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं के गुस्से को भड़का दिया है। जैसा आठ साल पहले उन्हें 15 लाख रुपये देने का झांसा दिया गया था। अग्निपथ योजना में चार साल बाद रिटायर होकर युवा अदाणी और अंबानी के यहां नौकरी करेंगे क्योंकि सरकार उन्हीं के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विश्व के किसी भी विकसित देश ने स्वयं को विश्व गुरु बनने की बात नहीं कही। देश को बर्बादी की तरफ ले जाने वाले प्रधानमंत्री जब विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं तो हंसी आती है।
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देश बंटवारे के लिए बापू को तैयार करने वाले
हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे: आजम
- आजम खां ने अखंड भारत का नारा देने वालों से मांगा औरंगजेब का हिंदुस्तान
संवाद न्यूज एजेंसी
केमरी/बिलासपुर। सपा नेता आजम खां ने कहा कि हिंदुस्तान का बंटवारा मिस्टर जिन्ना चाहते थे, मौलाना अबुल कलाम आजाद और देश के मुसलमान नहीं चाहते थे। देश के बंटवारे के लिए बापू को उन लोगों ने तैयार किया जो हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे। आजम खां ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखंड भारत का नारा देने वाले औरंगजेब का हिंदुस्तान दें, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से लेकर रंगून तक का हिस्सा था।
आजम खां ने रविवार रात बिलासपुर क्षेत्र के केमरी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमान बंटवारा नहीं चाहते थे। इस सोच में सबसे बड़ी नुमाइंदगी मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की थी। जब देश के बंटवारे पर बापू ने सहमति दे दी तो एक इतिहासकार ने लिखा कि बापू तुम भी तैयार हो गए यानी किसी पर यकीन था कि कोई शख्स यदि बंटवारे के लिए तैयार नहीं होगा तो वो बापू होंगे लेकिन बापू को तैयार कराने वाले लोग कौन थे, जो हिंदुस्तान की सबसे बड़ी गद्दी पर बैठे।
आजम खां ने आह्वान जैसी शैली में कहा कि अखंड हिंदुस्तान का नारा देने वालों वो हिंदुस्तान दो, जो औरंगजेब का था, गाली दो उसे कोई परवाह नहीं है। कोई हमदर्दी नहीं औरंगजेब से लेकिन, औरंगजेब का हिंदुस्तान तो वापस करो। अगर वो हिंदुस्तान होता तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान रंगून का कुछ हिस्सा इस देश में होता। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि वहां के मुसलमान हिंदुस्तान में होते तो क्या नकाब का सवाल उठ सकता था, क्या लव जिहाद के नाम पर लोगों के साथ नाइंसाफी हो सकती थी, क्या इबादतगाहों के साथ ये सलूक हो सकता था, लाउडस्पीकर का बहाना लेकर बेवजह सितम के पहाड़ तोड़े जा सकते थे। आज इंसानों के बीच मजहब और जाति की जो घृणा है ऐसा नहीं होता। क्योंकि दोनों हाथ मजबूत होते और मिलकर रहते। फैसला गलत था लिहाजा नतीजा भी गलत हुआ।
आजम खां ने अपने ऊपर हुए मुकदमों को लेकर कहा कि सरकार थी हमारी और हम वजीर थे और हमने ही शराब की दुकान में चोरी की। शर्म आनी चाहिए हिंदुस्तान को चलाने वालों, यहीं चुल्लू भर बेगैरती के पानी में डूबकर मर जाना चाहिए।
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