{"_id":"691f81a38c96e7244c0b4ff8","slug":"soil-testing-is-not-being-done-due-to-the-closure-of-the-soil-testing-lab-bilari-news-c-276-1-smbd1006-109991-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: मृदा परीक्षण लैब बंद होने से नहीं हो रही मिट्टी की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: मृदा परीक्षण लैब बंद होने से नहीं हो रही मिट्टी की जांच
Fri, 21 Nov 2025 02:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:31 AM IST
विज्ञापन
बिलारी। तहसील मुख्यालय पर दोनों सरकारी मृदा परीक्षण लैब काफी दिनों से बंद पड़ी हैं। क्षेत्र के किसानों को अपने खेतों की मिट्टी जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय पर जाना पड़ रहा है। किसानों की समस्या के समाधान को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी के बागवानी उद्यान वैज्ञानिक डाॅ. सौरभ तोमर के अनुसार यदि किसान अपने खेत की जरूरत के हिसाब से फसल की बेहतर पैदावार लेने के लिए निर्धारित उर्वरक डालेंगे तब परिणाम अच्छा आएगा यह तभी संभव है जब किसान को अपने खेत की मिट्टी के बारे में यह जानकारी हो कि उसके खेत में कौन से पोषक तत्व कितनी मात्रा में हैं। एडीओ कृषि मोहित गंगवार ने बताया कि खेत की मिट्टी की जांच कराने पर किसान को यह पता चल जाता है कि उसके खेत में जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटास,केल्शियम,मैग्निशियम, सल्फर, बोरोन, निकिल, आयरन, जिंक, मोली और बिडलम कितनी मात्रा में हैं। यह जानकारी होने पर ही खेत में जरूरत के अनुसार उवर्रक का उपयोग किया जा सकेंगा।
क्षेत्र के सहसपुर स्थित राजकीय कृषि फार्म परिसर में कृषि विभाग का तहसील स्तर का उपसंभागीय कृषि प्रसार कार्यालय भवन बना हुआ है। इसी भवन में कृषि विभाग की मृदा परीक्षण लैब संचालित होती है। यह लैब कई माह से बंद पड़ी हुई है। कृषि विभाग के सूत्रों से जानकारी करने पर पता चला कि लैब संचालन में जो संविदा कृषि कर्मी लगे हुए थे। वह बीते तीन माह से फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आइडी का काम देखने की वजह से उप संभाग कार्यालय नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन
सहसपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अलग से बने कक्ष में केंद्र सरकार की ओर से मृदा परीक्षण लैब संचालित है। यह लैब भी बीते लगभग एक साल से बंद पड़ी है। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा. हसन तनवीर ने बताया कि लैब संचालन का काम देखने वाले वैज्ञानिक डा. मोहन सिंह का एक साल पहले स्थानांतरण हो गया है उनके स्थान पर अभी तक दूसरे वैज्ञानिक न आने की वजह से लैब का संचालन बंद पड़ा है।
भाकियू टिकैत के बिलारी तहसील अध्यक्ष रनवीर सिंह यादव और बिलारी ब्लॉक अध्यक्ष हाजी माजिद अंसारी ने बताया कि दोनों सरकारी मृदा परीक्षण लैब बंद होने से बिलारी क्षेत्र के किसानों को अपने खेतों की मिटटी की जांच कराने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। भाकियू अराजनैतिक के बिलारी तहसील अध्यक्ष विक्की चौधरी ने बताया कि दोनों बंद पड़ी लैब का संचालन शुरू कराने के लिए वह शीघ्र ही उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी से मिलेंगे।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी के बागवानी उद्यान वैज्ञानिक डाॅ. सौरभ तोमर के अनुसार यदि किसान अपने खेत की जरूरत के हिसाब से फसल की बेहतर पैदावार लेने के लिए निर्धारित उर्वरक डालेंगे तब परिणाम अच्छा आएगा यह तभी संभव है जब किसान को अपने खेत की मिट्टी के बारे में यह जानकारी हो कि उसके खेत में कौन से पोषक तत्व कितनी मात्रा में हैं। एडीओ कृषि मोहित गंगवार ने बताया कि खेत की मिट्टी की जांच कराने पर किसान को यह पता चल जाता है कि उसके खेत में जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटास,केल्शियम,मैग्निशियम, सल्फर, बोरोन, निकिल, आयरन, जिंक, मोली और बिडलम कितनी मात्रा में हैं। यह जानकारी होने पर ही खेत में जरूरत के अनुसार उवर्रक का उपयोग किया जा सकेंगा।
विज्ञापन
क्षेत्र के सहसपुर स्थित राजकीय कृषि फार्म परिसर में कृषि विभाग का तहसील स्तर का उपसंभागीय कृषि प्रसार कार्यालय भवन बना हुआ है। इसी भवन में कृषि विभाग की मृदा परीक्षण लैब संचालित होती है। यह लैब कई माह से बंद पड़ी हुई है। कृषि विभाग के सूत्रों से जानकारी करने पर पता चला कि लैब संचालन में जो संविदा कृषि कर्मी लगे हुए थे। वह बीते तीन माह से फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आइडी का काम देखने की वजह से उप संभाग कार्यालय नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन
सहसपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अलग से बने कक्ष में केंद्र सरकार की ओर से मृदा परीक्षण लैब संचालित है। यह लैब भी बीते लगभग एक साल से बंद पड़ी है। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा. हसन तनवीर ने बताया कि लैब संचालन का काम देखने वाले वैज्ञानिक डा. मोहन सिंह का एक साल पहले स्थानांतरण हो गया है उनके स्थान पर अभी तक दूसरे वैज्ञानिक न आने की वजह से लैब का संचालन बंद पड़ा है।
भाकियू टिकैत के बिलारी तहसील अध्यक्ष रनवीर सिंह यादव और बिलारी ब्लॉक अध्यक्ष हाजी माजिद अंसारी ने बताया कि दोनों सरकारी मृदा परीक्षण लैब बंद होने से बिलारी क्षेत्र के किसानों को अपने खेतों की मिटटी की जांच कराने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। भाकियू अराजनैतिक के बिलारी तहसील अध्यक्ष विक्की चौधरी ने बताया कि दोनों बंद पड़ी लैब का संचालन शुरू कराने के लिए वह शीघ्र ही उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी से मिलेंगे।