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Moradabad News: ऑनलाइन शॉपिंग से छोटे दुकानदारों को हर महीने लग रहा 25 करोड़ का झटका
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मुरादाबाद। ऑनलाइन शॉपिंग के चलन तेजी से बढ़ने के कारण हर महीने शहर के दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसमें कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स, कॉस्मेटिक्स समेत अन्य घरेलू सामान के व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हर महीने व्यापारियों को 25 करोड़ रुपये नुकसान होने का अनुमान है।
शहर में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स की करीब दो हजार दुकानें हैं। शहर के बुध बाजार, बर्तन बाजार, चौमुखा पुल समेत अन्य बाजारों में पहले ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन अब सड़कों और दुकानों में पहले जैसी रौनक नहींं दिखती। लोग अब बाजारों में जाने के बजाय मोबाइल पर ही अपनी जरूरतों की खरीदारी कर लेते हैं जिससे बाजारों में ग्राहक कम होते जा रहे हैं। संयुक्त व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि करीब चार साल में ग्राहकों की संख्या घटकर आधी हो गई। आज के दौर में छोटे व्यापारी मंदी से परेशान हैं। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त सचिव सुप्रीत खन्ना ने बताया कि करीब चार साल पहले छोटे दुकानों पर प्रतिदिन 20 हजार रुपये की बिक्री और बड़े दुकानों पर करीब दो लाख रुपये की बिक्री होती थी। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण अब दुकानदारों की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है।
ऑनलाइन शॉपिंग के कारण कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर और घरेलू सामान की बिक्री पर गहरा असर पड़ा है। बड़े ई-कामर्स प्लेटफार्म पर डिस्काउंट और ऑफर के कारण ग्राहक बाजारों की बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे दुकानदारों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि उनका काम भी प्रभावित हुआ है।
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आलू से लेकर ज्वैलरी तक हो रही ऑनलाइन शॉपिंग
- ऑनलाइन खरीदारी की ओर ग्राहकों का झुकाव बढ़ता जा रहा है। लोग आलू, प्याज से लेकर कपड़ा, ज्वैलरी तक ऑनलाइन खरीद रहे हैं। गौर ग्रेसियस सोसायटी में रहने वाली रेखा गुप्ता ने बताया कि अब मोबाइल से खरीदारी करना न केवल आसान हो गया है, बल्कि समय और पैसे दोनों की बचत होती है। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ब्रांडेड कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान आसानी से उपलब्ध होते हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग के कारण व्यापारियों को हर महीने हो रहा नुकसान
- इलेक्ट्रानिक्स व्यापार- सात करोड़ रुपये
- कपड़ा व्यापार- पांच करोड़ रुपये
- कॉस्मेटिक्स व्यापार- 3.5 करोड़ रुपये
- फुटवियर व्यापार- तीन करोड़ रुपये
- गिफ्ट व्यापारी- एक करोड़ रुपये
- खाद्य व अन्य सामग्री- 5.5 करोड़ रुपये
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रोजाना शहर में आते हैं 15 कंटेनर सामान
- उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त सचिव सुप्रीत खन्ना ने बताया कि ऑनलाइन बिक्री के लिए रोजाना शहर में 15 कंटेनर सामान लाए जाते हैं। ऑनलाइन सामान बेचने के लिए 500 से 700 कर्मचारी हैं। इनके माध्यम से रोज करीब एक करोड़ रुपये का सामान बेच दिया जाता है।
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- जिले में पांच हजार व्यापारी हैं। पहले की अपेक्षा व्यापारियों की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है। पहले की तुलना में अब कपड़ों पर कम मार्जिन की बचत होती है। ऑनलाइन शापिंग ने पूरा मार्केट चौपट कर दिया है।- गिरीश भंडूला, जिला अध्यक्ष, मुरादाबाद होलसेल कपड़ा कमेटी
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- अब व्यापार करना आसान नहीं है। ई-कामर्स कंपनियों द्वारा ग्राहकों को भारी छूट और कैशबैक की सुविधा देने से बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। बाजार में कंपटीशन बढ़ गया है।-सुप्रीत खन्ना, प्रदेश सचिव, उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल
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- ऑनलाइन खरीद से छोटे व मध्यम दुकानदार तंगी का दंश झेल रहे हैं। लेकिन कभी-कभी ऑनलाइन खरीदारी से ग्राहकों को अच्छे क्वालिटी के सामान नहीं मिल पाते हैं।- विपिन गुप्ता, महामंत्री, संयुक्त व्यापार मंडल
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शहर में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स की करीब दो हजार दुकानें हैं। शहर के बुध बाजार, बर्तन बाजार, चौमुखा पुल समेत अन्य बाजारों में पहले ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन अब सड़कों और दुकानों में पहले जैसी रौनक नहींं दिखती। लोग अब बाजारों में जाने के बजाय मोबाइल पर ही अपनी जरूरतों की खरीदारी कर लेते हैं जिससे बाजारों में ग्राहक कम होते जा रहे हैं। संयुक्त व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि करीब चार साल में ग्राहकों की संख्या घटकर आधी हो गई। आज के दौर में छोटे व्यापारी मंदी से परेशान हैं। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त सचिव सुप्रीत खन्ना ने बताया कि करीब चार साल पहले छोटे दुकानों पर प्रतिदिन 20 हजार रुपये की बिक्री और बड़े दुकानों पर करीब दो लाख रुपये की बिक्री होती थी। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण अब दुकानदारों की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है।
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ऑनलाइन शॉपिंग के कारण कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर और घरेलू सामान की बिक्री पर गहरा असर पड़ा है। बड़े ई-कामर्स प्लेटफार्म पर डिस्काउंट और ऑफर के कारण ग्राहक बाजारों की बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे दुकानदारों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि उनका काम भी प्रभावित हुआ है।
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आलू से लेकर ज्वैलरी तक हो रही ऑनलाइन शॉपिंग
- ऑनलाइन खरीदारी की ओर ग्राहकों का झुकाव बढ़ता जा रहा है। लोग आलू, प्याज से लेकर कपड़ा, ज्वैलरी तक ऑनलाइन खरीद रहे हैं। गौर ग्रेसियस सोसायटी में रहने वाली रेखा गुप्ता ने बताया कि अब मोबाइल से खरीदारी करना न केवल आसान हो गया है, बल्कि समय और पैसे दोनों की बचत होती है। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ब्रांडेड कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान आसानी से उपलब्ध होते हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग के कारण व्यापारियों को हर महीने हो रहा नुकसान
- इलेक्ट्रानिक्स व्यापार- सात करोड़ रुपये
- कपड़ा व्यापार- पांच करोड़ रुपये
- कॉस्मेटिक्स व्यापार- 3.5 करोड़ रुपये
- फुटवियर व्यापार- तीन करोड़ रुपये
- गिफ्ट व्यापारी- एक करोड़ रुपये
- खाद्य व अन्य सामग्री- 5.5 करोड़ रुपये
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रोजाना शहर में आते हैं 15 कंटेनर सामान
- उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त सचिव सुप्रीत खन्ना ने बताया कि ऑनलाइन बिक्री के लिए रोजाना शहर में 15 कंटेनर सामान लाए जाते हैं। ऑनलाइन सामान बेचने के लिए 500 से 700 कर्मचारी हैं। इनके माध्यम से रोज करीब एक करोड़ रुपये का सामान बेच दिया जाता है।
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- जिले में पांच हजार व्यापारी हैं। पहले की अपेक्षा व्यापारियों की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है। पहले की तुलना में अब कपड़ों पर कम मार्जिन की बचत होती है। ऑनलाइन शापिंग ने पूरा मार्केट चौपट कर दिया है।- गिरीश भंडूला, जिला अध्यक्ष, मुरादाबाद होलसेल कपड़ा कमेटी
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- अब व्यापार करना आसान नहीं है। ई-कामर्स कंपनियों द्वारा ग्राहकों को भारी छूट और कैशबैक की सुविधा देने से बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। बाजार में कंपटीशन बढ़ गया है।-सुप्रीत खन्ना, प्रदेश सचिव, उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल
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- ऑनलाइन खरीद से छोटे व मध्यम दुकानदार तंगी का दंश झेल रहे हैं। लेकिन कभी-कभी ऑनलाइन खरीदारी से ग्राहकों को अच्छे क्वालिटी के सामान नहीं मिल पाते हैं।- विपिन गुप्ता, महामंत्री, संयुक्त व्यापार मंडल