{"_id":"62d4580cc858090bd86d8848","slug":"sis-abulance-carried-injured-from-bypass-moradabad-news-mbd4349300151","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामपुर बाईपास से अस्पताल तक मची रही चीख-पुकार-000","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर बाईपास से अस्पताल तक मची रही चीख-पुकार-000
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रामपुर। बाईपास पर स्लीपर बस और ट्रक की भिड़ंत से बाईपास से लेकर जिला अस्पताल तक बस में सवार यात्रियों की चीखें गूंजती रहीं। हालांकि पुलिस और एंबुलेंस हादसे की जानकारी के कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंच गई। घायल बस यात्रियों को अस्पताल तक लाने के लिए छह एंबुलेंस लगाई गईं। अस्पताल में काफी समय अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
शनिवार देर रात हादसे की जानकारी पर प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जिला अस्पताल, पटवाई, शहजादनगर, धमोरा, भोट आदि से छह एंबुलेंस मौके पर बुलाई गईं। इनके माध्यम से घायल बस यात्रियों को अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक साथ बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ में हड़कंप मच गया। हालांकि अस्पताल स्टाफ ने तेजी से स्थितियों को संभाल लिया और घायलों को प्राथमिक उपचार देने के साथ भर्ती किया गया।
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आला अधिकारियों की टीम अस्पताल भी पहुंची। वहां रोते और परेशान होते कई घायलों की फोन से उनके परिजनों से बात करवाई। कुछ घंटे बाद अस्पताल में हताहतों के परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। अस्पताल पहुंचे उन लोगों की हालत खराब हो गई, जिनका सामना अपनों के शवों से हुआ। मोर्चरी पर रविवार सुबह तक लोगों की सिसकियां गूंजती रहीं तो अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच से कराहने की आवाजें लोगों को भावुक कर रही थीं।
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शनिवार देर रात हादसे की जानकारी पर प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जिला अस्पताल, पटवाई, शहजादनगर, धमोरा, भोट आदि से छह एंबुलेंस मौके पर बुलाई गईं। इनके माध्यम से घायल बस यात्रियों को अस्पताल भेजा गया।
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अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक साथ बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ में हड़कंप मच गया। हालांकि अस्पताल स्टाफ ने तेजी से स्थितियों को संभाल लिया और घायलों को प्राथमिक उपचार देने के साथ भर्ती किया गया।
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आला अधिकारियों की टीम अस्पताल भी पहुंची। वहां रोते और परेशान होते कई घायलों की फोन से उनके परिजनों से बात करवाई। कुछ घंटे बाद अस्पताल में हताहतों के परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। अस्पताल पहुंचे उन लोगों की हालत खराब हो गई, जिनका सामना अपनों के शवों से हुआ। मोर्चरी पर रविवार सुबह तक लोगों की सिसकियां गूंजती रहीं तो अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच से कराहने की आवाजें लोगों को भावुक कर रही थीं।