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खुशियां-शादी और मातम: लहंगा खरीदने के दौरान बस ने मारी थी टक्कर, दोनों पैर गवाएं; इलाज के दौरान एम्स में मौत

Wed, 21 Jun 2023 06:33 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 21 Jun 2023 06:33 PM IST
सार

सिम्मी अपने तहेरे भाई के साथ लहंगा चुनरी खरीदने के लिए मुरादाबाद जा रही थी। इसी दौरान बस ने उसे टक्कर मार दी। घायल सिम्मी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद दिल्ली एम्स में रेफर किया गया।

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Simmi died during treatment at delhi AIIMS who was injured in bus accident
मृतक सिम्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोजपुर में दुल्हन बनकर डोली में विदा होने के सपने सजाए सिम्मी अपनों की आंखों में आंसू देकर इस दुनिया से विदा हो गई। बारात आने से पांच दिन पहले हुए हादसे के बाद डॉक्टरों को उसके दोनों पैर काटने पड़े थे। वह पिछले 14 दिन से दिल्ली के एम्स में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। लाख कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उसे बचा न सके। मंगलवार दोपहर बाद उसका शव घर लाया गया तो परिवार के लोग फफक पड़े।

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बस हादसे में घायल हुई लड़की को किया गया था दिल्ली एम्स रेफर
भोजपुर के सिरसवां गौड निवासी रामचंद्र यादव की बेटी सिम्मी यादव की 11 जून को बरात आनी थी। छह जून को सिम्मी अपने तहेरे भाई के साथ लहंगा चुनरी खरीदने के लिए मुरादाबाद जा रही थी। सिरसवां दोराहे के पास सड़क पार करते समय मुरादाबाद से भोजपुर की ओर जा रही बस ने सिम्मी को टक्कर मार दी थी। उसके पैरों के ऊपर से बस के पहिए उतर गए थे। गंभीर रूप से घायल सिम्मी को परिजन कॉसमॉस अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया था। 

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इलाज के दौरान एम्स में मौत
सड़क हादसे में सिम्मी के दोनों पैरों की हड्डियां चकनाचूर हो गई थी। दिल्ली एम्स चिकित्सकों ने सिम्मी को बचाने के लिए उसके दोनों पैर भी काट दिए थे, लेकिन चिकित्सकों की लाख कोशिश के बाद भी सिम्मी जिंदगी की जंग हार गई। 

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रोते परिवार ने बेटी का किया अंतिम संस्कार
इसके बाद मंगलवार उसका शव घर आया गया। तो परिजन फफक पड़े। माता, पिता रामचंद्र यादव, बहन स्वाति, भाई प्रदीप व दीपक का रो-रोकर बुरा हाल था। शाम को गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन घर में रखे दहेज के सामान को देखकर बार-बार बेटी को याद कर रहे थे।

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