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Moradabad News: स्टांप की किल्लत... कस्टम बॉन्ड और बैंक एग्रीमेंट अटके
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मुरादाबाद। जिले में पिछले चार से पांच दिनों से चल रही स्टांप पेपर की समस्या ने अब आयात कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिवक्ताओं की हड़ताल और स्टांप वेंडरों के कामकाज प्रभावित होने के कारण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्टांप उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर इंपोर्ट कारोबार पर पड़ने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि स्टांप पेपर नहीं मिलने की वजह से कस्टम बॉन्ड, बैंक एग्रीमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कच्चे माल का आयात प्रभावित हो रहा है।
पीतल और एल्युमिनियम के कारोबार से जुड़े कई इंपोर्टर बताते हैं कि विदेशों से आने वाले कच्चे माल के लिए कस्टम विभाग में बॉन्ड जमा करना पड़ता है। इसके अलावा शिपिंग लाइन से कंटेनर लेने व माल खाली होने के बाद कंटेनर वापस करने की प्रक्रिया में भी स्टांप पेपर की जरूरत होती है। लेकिन कई दिनों से स्टांप उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरी आयात प्रक्रिया बाधित है। कारोबारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रशासन इसका जल्द समाधान कराए और आयात प्रक्रिया चालू हो सके।
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वर्जन...
-पिछले कई दिनों से स्टांप पेपर नहीं मिलने के कारण कस्टम बॉन्ड और जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कंटेनर क्लियरेंस में देरी हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।-नोमान मंसूरी, इंपोर्टर
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-शिपिंग लाइन से कंटेनर लेने और वापस करने के लिए जरूरी बॉन्ड नहीं बन पा रहे हैं। चार-पांच दिन से स्टांप संकट बना हुआ है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आयात कारोबार पूरी तरह प्रभावित होगा।-फहीम मंसूरी, इंपोर्टर
-शहर में हर महीने बड़े स्तर पर कच्चा माल आयात होता है। स्टांप पेपर और नोटरी कार्य बंद होने से जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे। प्रशासन को इस समस्या का समाधान कराना चाहिए।-साजिद मंसूरी, जनरल सेक्रेटरी, पीतल बस्ती दस्ताकार एसोसिएशन
-विदेशों से माल आयात करने में कई कानूनी प्रक्रियाएं स्टांप पेपर पर निर्भर हैं। मौजूदा संकट की वजह से बैंक एग्रीमेंट और कस्टम दस्तावेज अटक गए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।-आजम अंसारी, अध्यक्ष, मुरादाबाद ब्रास कारखानेदार एसोसिएशन
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पीतल और एल्युमिनियम के कारोबार से जुड़े कई इंपोर्टर बताते हैं कि विदेशों से आने वाले कच्चे माल के लिए कस्टम विभाग में बॉन्ड जमा करना पड़ता है। इसके अलावा शिपिंग लाइन से कंटेनर लेने व माल खाली होने के बाद कंटेनर वापस करने की प्रक्रिया में भी स्टांप पेपर की जरूरत होती है। लेकिन कई दिनों से स्टांप उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरी आयात प्रक्रिया बाधित है। कारोबारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रशासन इसका जल्द समाधान कराए और आयात प्रक्रिया चालू हो सके।
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-पिछले कई दिनों से स्टांप पेपर नहीं मिलने के कारण कस्टम बॉन्ड और जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कंटेनर क्लियरेंस में देरी हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।-नोमान मंसूरी, इंपोर्टर
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-शिपिंग लाइन से कंटेनर लेने और वापस करने के लिए जरूरी बॉन्ड नहीं बन पा रहे हैं। चार-पांच दिन से स्टांप संकट बना हुआ है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आयात कारोबार पूरी तरह प्रभावित होगा।-फहीम मंसूरी, इंपोर्टर
-शहर में हर महीने बड़े स्तर पर कच्चा माल आयात होता है। स्टांप पेपर और नोटरी कार्य बंद होने से जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे। प्रशासन को इस समस्या का समाधान कराना चाहिए।-साजिद मंसूरी, जनरल सेक्रेटरी, पीतल बस्ती दस्ताकार एसोसिएशन
-विदेशों से माल आयात करने में कई कानूनी प्रक्रियाएं स्टांप पेपर पर निर्भर हैं। मौजूदा संकट की वजह से बैंक एग्रीमेंट और कस्टम दस्तावेज अटक गए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।-आजम अंसारी, अध्यक्ष, मुरादाबाद ब्रास कारखानेदार एसोसिएशन