{"_id":"6acbfac5a88a001e0802bad5","slug":"sharadiya-navratri-special-worship-of-goddess-shailaputri-performed-on-the-first-day-moradabad-news-c-277-1-smbd1007-115869-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदीय नवरात्र : पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई विशेष पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदीय नवरात्र : पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई विशेष पूजा
विज्ञापन
कांठ। रविवार को पहले शारदीय नवरात्र पर विधिविधान से घर-घर कलश की स्थापित की गई। मां शैलपुत्री की आराधना पूरी आस्था से की गई। दिन भर मंदिरों पर भजन-कीर्तन चलते रहे। पहले नवरात्र पर किसी ने मां को पोशाक चढ़ाई तो कोई चांदी का छत्र लेकर मां के दरबार में पहुंचा।
पहले नवरात्र पर घरों में कलश स्थापित कर विधि-विधान से माता शैलपुत्री की पूजा की गई। भक्तों ने उपवास रखकर मां का जतन किया। सुबह से ही देवी के मंदिरों में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। कांठ कस्बे में पुरानी गुड़मंडी स्थित प्राचीन माता महाकाली मंदिर (माता के थान) पर भक्तों की भीड़ रही। माता के इस दरबार में माथा टेका तो रामलीला परिसर स्थित देवी काली के मंदिर पर भी पूजा-अर्चना की गई।
दोपहर तक मंदिरों पर पूजा-अर्चना जारी रही। इसके अलावा श्री रामलीला परिसर स्थित काली मंदिर, माता महाकाली मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर पट्टीवाला, शिव मोनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, संत रविदास मंदिर, विशनपुरा शिव मंदिर, माहेश्वरी मंदिर पट्टीवाला, श्री रामज्योति मंदिर सहित नगर के मंदिरों में महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर महामाई का गुणगान किया। ग्रामीण अंचलों में भी देवी के मंदिरों और चामुंडा स्थलों पर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने शाम को विधिवत पूजन के पश्चात अपने उपवास को खोला।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले नवरात्र पर घरों में कलश स्थापित कर विधि-विधान से माता शैलपुत्री की पूजा की गई। भक्तों ने उपवास रखकर मां का जतन किया। सुबह से ही देवी के मंदिरों में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। कांठ कस्बे में पुरानी गुड़मंडी स्थित प्राचीन माता महाकाली मंदिर (माता के थान) पर भक्तों की भीड़ रही। माता के इस दरबार में माथा टेका तो रामलीला परिसर स्थित देवी काली के मंदिर पर भी पूजा-अर्चना की गई।
विज्ञापन
दोपहर तक मंदिरों पर पूजा-अर्चना जारी रही। इसके अलावा श्री रामलीला परिसर स्थित काली मंदिर, माता महाकाली मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर पट्टीवाला, शिव मोनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, संत रविदास मंदिर, विशनपुरा शिव मंदिर, माहेश्वरी मंदिर पट्टीवाला, श्री रामज्योति मंदिर सहित नगर के मंदिरों में महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर महामाई का गुणगान किया। ग्रामीण अंचलों में भी देवी के मंदिरों और चामुंडा स्थलों पर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने शाम को विधिवत पूजन के पश्चात अपने उपवास को खोला।
विज्ञापन