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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Shahnoor encounter: full story of Imani worth Rs 1 lakh, sisters cried bitterly after he was killed

शाहनूर मुठभेड़: एक लाख के इनामी की कहानी, मारे जाने के बाद फूट-फूटकर रोई बहनें, कहा- गलत संगत ने बनाया अपराधी

Fri, 19 Jul 2024 06:42 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 19 Jul 2024 06:42 PM IST
सार

संभल निवासी एक लाख के इनामी बदमाश शाहनूर को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसके खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज थे। संभल में हुए एक हत्या के मामले में सबसे पहले उसका नाम आया था। इसके बाद उसने मुरादाबाद जिले के कई घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद उस पर इनाम रखा गया। 

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Shahnoor encounter: full story of Imani worth Rs 1 lakh, sisters cried bitterly after he was killed
शाहनूर के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद विलाप करतीं बहनें - फोटो : संवाद

विस्तार

शाहजहांपुर जनपद के तिलहर थाना क्षेत्र में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए संभल निवासी एक लाख इनामी बदमाश शाहनूर उर्फ शानू मैनाठेर थाने के चार मुकदमों में फरार था। उस पर बरेली जोन के एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 

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मैनाठेर थाना क्षेत्र के ग्राम मिलक कठेर निवासी श्यामवीर सिंह ने सात नवंबर 2022 चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि चोरों ने उसके और उसके भाई के घर में नकब लगाकर चोरी कर ली है। 18 नंवबर 2022 को गांव खजरा निवासी अकबर अली ने मैनाठेर थाने में केस दर्ज कराया था।
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जिसमें अकबर ली ने बताया था कि चोर घर में घुसे और सोने चांदी के आभूषण, नकदी समेत लाखाें का माल निकाल कर ले गए थे। इन घटनाओं में पुलिस की विवेचना में शाहनूर उर्फ शानू निवासी सरायतरीन भूड़ संभल का नाम भी प्रकाश में आया था। तब वह वांछित चल रहा था।
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शाहनूर पकड़ में नहीं आने पर तत्कालीन मैनाठेर कोतवाल तेजवीर सिंह ने वांछित शाहनूर की गिरप्तारी को दाबिश दी थी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। चार अक्तूबर 2023 को मिलक कठेर की चोरी में औ 24 नवंबर 2023 को खजरा की चोरी में कोर्ट ने हाजिर होने की उद्घोषणा जारी की थी।

पुलिस ने घर पर जाकर नोटिस भी चस्पा किए थे, लेकिन निर्धारित अवधि में शाहनूर उर्फ शानू कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद कोतवाल ने अदालत के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में मुकदमे दर्ज कराए थे। अभी भी चाराें मुकदमा में वह वांछित चल रहा था।

मैनाठेर पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी थी। मुरादाबाद के एसएसपी ने उस पर 25 हजार इनाम घोषित किया था। जबकि डीआईजी ने 50 हजार और एडीजी  इनाम की धनराशि बढ़ाकर एक लाख कर दी थी।

एक लाख के इनामी बदमाश शाहनूर पर मुरादाबाद, संभल, बदायूं में हत्या, चोरी, लूट, डकैती समेत 45 मुकदमे दर्ज हैं। मैनाठेर की चोरी के मामले में शाहनूर फरार चल रहा था।  -मुनिराज जी, डीआईजी, मुरादाबाद रेंज

2013 में हत्या के मामले में सामने आया था नाम

एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर संभल निवासी शाहनूर उर्फ शानू पर हत्या, डकैती, चोरी और गैंगस्टर के कई मामले दर्ज हैं। कुख्यात पर संभल के थाना हयातनगर में छह और बनियाठेर थाने में एक मामला दर्ज है। पुलिस अन्य थानों में भी रिकॉर्ड को खंगाल रही है। 

हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव सीतापुरी में वर्ष 2013 में सीतापुरी निवासी मोहनलाल की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसमें छानबीन के दौरान शाहनूर उर्फ शानू भी आरोपी के रूप में प्रकाश में आया था। हयातनगर थाने में यह पहला मामला दर्ज हुआ था।

इसके बाद बनियाठेर थाना क्षेत्र के कस्बा नरौली में वर्ष 2017 में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। कस्बा नरौली के काजी टोला मोहल्ला निवासी रियासत के परिवार को बंधकर बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस की जांच में शाहनूर का नाम प्रकाश में आया था।

हयातनगर थाना क्षेत्र में भी वर्ष 2017 में ही एक अन्य डकैती की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने डकैती के मामले में आरोपी को जेल भेज दिया था।  

भाई बोला-दस साल संपर्क में नहीं था शाहनूर 

शाहनूर उर्फ शानू के सबसे छोटे भाई फैसल ने बताया कि दस साल से उनके परिवार को बड़े भाई शाहनूर से कोई संपर्क नहीं था। बताया कि किसी आरोप में जेल में कई साल से बंद था, वह जेल से कब छूटा था, उन्हें या परिवार को इसकी भी जानकारी नहीं है। जेल से छूटने के बाद भी शाहनूर ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया था।  

शव लेकर रात दस बजे घर पहुंचे परिजन 

बृहस्पतिवार की सुबह एनकाउंटर की सूचना मिलने के बाद ही परिजन शव लेने के लिए शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गए थे। शाम को शाहनूर का भाई व चाचा आदि पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने शव उनके सुपुर्द कर दिया। देर रात शाहनूर का शव लेकर परिजन संभल पहुंच गए।

बहनें बोलीं, गलत संगत ने बनाया अपराधी

शानू की मुठभेड़ में ढेर होने की सूचना मिलने पर बहनें फूट-फूटकर रोने लगीं। बहनों ने बताया कि उनका भाई शाहनूर गलत संगत की वजह से अपराधी बन गया। बताया कि पुलिस के बार-बार घर आने की वजह से शाहनूर ने कई साल पहले घर छोड़ दिया था।

तब से आज तक उसने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया। उसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की वजह से परिजनों ने भी कभी उसे संपर्क करने का प्रयास नहीं किया।

एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि शाहनूर उर्फ शानू प्रदेश के कुख्यात अपराधियों में शुमार था। आरोपी के खिलाफ हयातनगर और बनियाठेर थाने में हत्या, डकैती व अन्य मामले दर्ज हैं। इसके अलावा भी आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

 

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