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संडीला हादसे की जांच में एसएसई समेत सात रेल कर्मी दोषी करार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 16 Nov 2018 09:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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संडीला हादसे की जांच में सीनियर सेक्शन इंजीनियर, सहायक अभियंता हरदोई समेत सात रेल कर्मियों को दोषी पाया गया है। जांच में सामने आया है कि बिना ब्लाक लिए ही ट्रैक पर मरम्मत की जा रही थी। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी आरोपी रेल अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट जारी कर पंद्रह दिन में जवाब मांगा है।
मुरादाबाद मंडल के संडीला और उमर ताली के बीच अप लाइन पर पांच नवंबर को ट्रैक पर मरम्मत की जा रही थी। दोपहर पौने बारह बजे यहां से गुजरी अकाल तख्त एक्सप्रेस ट्रेन (अप) की चपेट में आकर चार गैंगमैन कौशलेंद्र, राजेंद्र, राजेश और रामस्वरूप की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मौके पर गैंगमैनों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया था।
डीआरएम ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। उस टीम ने मौके पर जाकर जांच की और रेलवे कर्मचारियों बयान भी दर्ज किए। सभी पहलुओं की गहराई से जांच पड़ताल की। जिसमें रेलवे अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई।
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जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिना ब्लाक लिए ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में भी नहीं दी गई थी। इसमें सीनियर सेक्शन इंजीनियर राम सजीवन, वेल्डर शरीफ, मेट पंकज यादव, अकाल तख्त एक्सप्रेस के चालक वीएस मीना और सह चालक राकेश के अलावा हरदोई के सहायक अभियंता दीपक कुमार को दोषी पाया गया है।
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मुरादाबाद मंडल के संडीला और उमर ताली के बीच अप लाइन पर पांच नवंबर को ट्रैक पर मरम्मत की जा रही थी। दोपहर पौने बारह बजे यहां से गुजरी अकाल तख्त एक्सप्रेस ट्रेन (अप) की चपेट में आकर चार गैंगमैन कौशलेंद्र, राजेंद्र, राजेश और रामस्वरूप की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मौके पर गैंगमैनों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया था।
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डीआरएम ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। उस टीम ने मौके पर जाकर जांच की और रेलवे कर्मचारियों बयान भी दर्ज किए। सभी पहलुओं की गहराई से जांच पड़ताल की। जिसमें रेलवे अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई।
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जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिना ब्लाक लिए ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में भी नहीं दी गई थी। इसमें सीनियर सेक्शन इंजीनियर राम सजीवन, वेल्डर शरीफ, मेट पंकज यादव, अकाल तख्त एक्सप्रेस के चालक वीएस मीना और सह चालक राकेश के अलावा हरदोई के सहायक अभियंता दीपक कुमार को दोषी पाया गया है।
हादसे के बाद भी अगले स्टेशन पर नहीं रोकी थी ट्रेन
संडीला हादसे की जांच में सामने आया कि चार गैंगमैनों को रौंदते हुए गुजरी अकाल तख्त एक्सप्रेस को चालक ने अगले स्टेशन पर नहीं रोका था। इस हादसे के बाद डाउन लाइन पर गुजरी किसान एक्सप्रेस के गार्डने संडीला स्टेशन पहुंचकर हादसे की जानकारी दी थी।
जांच में ये भी सामने आया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने ट्रैक मरम्मत के लिए कोई ब्लाक नहीं लिया था। बिना ब्लाक के ही कार्य शुरू करा दिया गया था। वेल्डर ने भी इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल व स्टेशन मास्टर को नहीं दी थी, जबकि मेट ट्रैक मैनों को लेकर ट्रैक पर पहुंच गया और उसने ब्लाक के बारे में कोई जानकारी नहीं की।
छुट्टी पर जाने से पहले हरदोई के सहायक अभियंता दीपक कुमार ने किसी अधिकारियों को नहीं बताया गया था कि संडीला में ट्रैक पर कार्य किया जाना है। इसके अलावा अकाल तख्त एक्सप्रेस के चालक और सह चालक ने भी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती। हादसा होने के बाद इन्होंने अगले स्टेशन पर ट्रेन नहीं रोकी तो तीसरे स्टेशन पर जाकर ट्रेन को रुकवाया गया था।
जांच में ये भी सामने आया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने ट्रैक मरम्मत के लिए कोई ब्लाक नहीं लिया था। बिना ब्लाक के ही कार्य शुरू करा दिया गया था। वेल्डर ने भी इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल व स्टेशन मास्टर को नहीं दी थी, जबकि मेट ट्रैक मैनों को लेकर ट्रैक पर पहुंच गया और उसने ब्लाक के बारे में कोई जानकारी नहीं की।
छुट्टी पर जाने से पहले हरदोई के सहायक अभियंता दीपक कुमार ने किसी अधिकारियों को नहीं बताया गया था कि संडीला में ट्रैक पर कार्य किया जाना है। इसके अलावा अकाल तख्त एक्सप्रेस के चालक और सह चालक ने भी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती। हादसा होने के बाद इन्होंने अगले स्टेशन पर ट्रेन नहीं रोकी तो तीसरे स्टेशन पर जाकर ट्रेन को रुकवाया गया था।