{"_id":"62cb3409061e615d1d3d9009","slug":"sejal-won-silver-city-news-mbd4342033106","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सेजल ने जीती चांदी, अर्पिता ने कांस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सेजल ने जीती चांदी, अर्पिता ने कांस्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद/मुजफ्फरनगर। स्टेट जूनियर बालिका बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में मुरादाबाद की सेजल ने 48-50 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें मेरठ की चंचल से हार का सामना करना पड़ा। वहीं सहारनपुर की संजना से सेमीफाइनल में हार के कारण मुरादाबाद की अर्पिता को कांस्य से संतोष करना पड़ा। मुजफ्फरनगर में आयोजित इस प्रतियोगिता का समापन का रविवार को हो गया।
17 अंक हासिल कर मेरठ मंडल ओवरऑल चैंपियन रहा, जबकि गोरखपुर मंडल की टीम दूसरे स्थान पर रहीं। फाइनल मुकाबलों में मेरठ को दो स्वर्ण और दो रजत पदक मिले। उप क्रीड़ाधिकारी हरफूल सिंह ने बताया कि चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को फाइनल मुकाबले खेले गए।
मुरादाबाद मंडल से इस प्रतियोगिता में तीन खिलाड़ी भेजी गई थीं। इनमें कनिष्का को कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं मिला। इसके चलते उन्हें बिना मुकाबला खेले वापस आना पड़ा। वहीं मेजबान सहारनपुर मंडल की दोनों खिलाड़ी फाइनल में हार गई। 52 किलो भार वर्ग में संजना और 57 किलो भार वर्ग में ग्रेसिका को हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
17 अंक हासिल कर मेरठ मंडल ओवरऑल चैंपियन रहा, जबकि गोरखपुर मंडल की टीम दूसरे स्थान पर रहीं। फाइनल मुकाबलों में मेरठ को दो स्वर्ण और दो रजत पदक मिले। उप क्रीड़ाधिकारी हरफूल सिंह ने बताया कि चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को फाइनल मुकाबले खेले गए।
विज्ञापन
मुरादाबाद मंडल से इस प्रतियोगिता में तीन खिलाड़ी भेजी गई थीं। इनमें कनिष्का को कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं मिला। इसके चलते उन्हें बिना मुकाबला खेले वापस आना पड़ा। वहीं मेजबान सहारनपुर मंडल की दोनों खिलाड़ी फाइनल में हार गई। 52 किलो भार वर्ग में संजना और 57 किलो भार वर्ग में ग्रेसिका को हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
विज्ञापन