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Moradabad News: देखिए जनआरोग्य मेले का हाल...डॉक्टर पहुंचते नहीं फिर कैसे हो उपचार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:25 AM IST
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See the condition of the public health fair...doctors do not reach, then how will the treatment be done?
मुरादाबाद। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में अव्यवस्था का बोलबाला रहा। अवकाश के दिन भी ग्रामीण इलाकों में लगने वाले इस मेले में कहीं डाॅक्टर नहीं पहुंचे तो फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स ने ही मरीजों का इलाज किया। वहीं प्रचार प्रसार के अभाव में मेले में मरीजों की संख्या कम रही है। हालांकि इसके पीछे चिकित्सा प्रभारियों ने रमजान होने का तर्क दिया।
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सरकारी अस्पतालों में सप्ताह में छह दिन ओपीडी चलती है। रविवार को ओपीडी बंद रहती है। अवकाश के दिन भी मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए ग्रामीण इलाकों की पीएचसी और शहरी क्षेत्र की अरबन पीएचसी में प्रत्येक रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चलता है। लेकिन मेले में अव्यवस्थाएं हावी होने लगी हैं। ड्यूटी में डाॅक्टर और स्टाफ भी दिलचस्पी कम ही लेते हैं। कहीं डाॅक्टर नहीं पहुंचते तो कहीं स्टाफ नहीं आते हैं। जहां डाॅक्टर नहीं पहुंचते वहां फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स मरीजों का इलाज करतीं है और दवाइयां देतीं हैं।
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कहीं नहीं आए डाॅक्टर, कहीं दोपहर में ही चले गए

ठाकुरद्वारा। क्षेत्र में रविवार को चार स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जहां कुल 125 मरीज पहुंचे। अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के रहे।
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पीएचसी केंद्र नन्हूवाला में संविदा पर तैनात डॉ. आगाज खान दोपहर 12 बजे तक मौजूद बताए गए। इसके बाद वह इमरजेंसी ड्यूटी के लिए सीएचसी चले गए। यहां आए मरीज कमलेश देवी, भूपेंद्र सिंह, ऋषिपाल सिंह, अबरार को फार्मासिस्ट ने देखा और दवाइयां दीं। मेल में 30 मरीज पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र के सामने रास्ते में पानी भरा मिला। इससे मरीजों को परेशानी हुई।

ठाकुरद्वारा नगर के मोहल्ला वाल्मीकि बस्ती में अरबन पीएचसी में तैनात डॉ. तानिया मौजूद नहीं मिलीं। उन्हें अवकाश पर होना बताया गया। यहां कोई मरीज नहीं दिखा। स्टाफ नर्स राधा पाल ने बताया कि उन्होंने ही मरीजों को देखा है। यहां 21 मरीजों के आने की जानकारी दी गई।

पीएचसी शरीफनगर में तैनात डॉ. रीता यहां सिर्फ रविवार को आती हैं। बाकी दिन उनकी ड्यूटी सीएचसी ठाकुरद्वारा में रहती है। मेले में रविवार को 42 मरीज पहुंचे। जबकि पीएचसी राजूपुर मिलक में 32 मरीज आए।

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मेला छोड़कर चली गईं आशा वर्कर, फार्मासिस्ट-वार्ड बाॅय नहीं पहुंचे

बिलारी। इब्राहीमपुर पीएचसी पर लगे मेले में 25 के स्थान पर केवल 11 आशा वर्कर पहुंचीं और वह भी दोपहर साढ़े बारह बजे मेला छोड़कर चली गईं। दोपहर करीब एक बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. मुनाजिर इमाम अपने कक्ष में बैठे मिले। मेले में वार्ड बॉय आकाशदीप शर्मा नहीं पहुंचे।

मेले में 58 मरीजों में से 50 इब्राहीमपुर गांव के रहे। जबकि इस पीएचसी से दस गांव जुड़े हैं। यहां मरीजों के लिए एआरवी की व्यवस्था नहीं थी। पीएचसी नवैनी गद्दी में आयोजित मेले में फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय नहीं पहुंचे। स्टाफ नर्स आशु चौहान ने मरीजों का पंजीकरण और दवाइयां बांटीं। यहां मरीजों के बैठने के लिए अतिरिक्त इंतजाम नहीं मिला। पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. आदित्य शीतल ने बताया कि यहां पहले से ही फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय तैनात नहीं हैं।

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मेले का नहीं हो रहा प्रचार प्रसार

कुंदरकी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में उचित प्रचार प्रसार के अभाव में कम संख्या में मरीज लाभ उठा पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों के बारे में जानकारी नहीं है। रविवार को पीएचसी हरियाना पर लगे मेले में मात्र 27 मरीज ही इलाज कराने पहुंचे। जबकि इस पीएचसी पर सामान्य दिनों में ओपीडी में 40 से अधिक मरीज आते हैं। स्वास्थ्य मेले में डॉ. अब्दुल रब, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन के अलावा स्वास्थ्य कर्मी माैजूद मिले।

वहीं पीएचसी डींगरपुर और पीएचसी मैनाठेर में 40 से 50 के बीच ही मरीजों की संख्या बताई गई है। दोपहर बाद अस्पतालों में सन्नाटा पसर गया।

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कहीं डाॅक्टर नहीं आए तो कहीं देरी से पहुंचेे
कांठ। कांठ तहसील क्षेत्र में चार स्थानों पर लगे हेल्थ मेलों में एक जगह डॉक्टर देरी से तो दो स्थानों पर पहुंचे ही नहीं। कांठ के कोठी खिदमतपुर पीएचसी पर मेले के पर्यवेक्षक सेक्टर नोडल अधिकारी यासिर अली 11:30 बजे तक नहीं पहुंचे। डॉ. मोहम्मद अर्श व अन्य स्टाफ मौजूद मिले। वहीं पीएचसी उमरी कलां में डॉ. नितिन आनंद पंत और पर्यवेक्षक सेक्टर नोडल अधिकारी नवी हसन दोपहर 12 बजे तक नहीं पहुंचे। यहां वार्ड बॉय राकेश और एलटी मुस्कान मिले। दोपहर 12:45 बजे पीएचसी मतलबपुर में डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके शर्मा और सीएचएसी चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव सिंह निरीक्षण को पहुंचे तो यहां डॉ. अशोक बरबड नहीं मिले। इधर पीएचसी मूंडाखेड़ी में भी डॉक्टर और पर्यवेक्षक सेक्टर नोडल अधिकारी नहीं पहुंचे। हांलाकि विभागीय आंकड़ों के अनुसार चारों स्थानों पर 98 रोगी देखे जाने का दावा किया गया है।

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छुट्टी पर रहे चिकित्सा अधिकारी

अगवानपुर। पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेले में 40 मरीज पहुंचे। चिकित्सा अधिकारी छ्ट्टी पर रहे। मेले में पहुंचे दंत रोग विशेषज्ञ अंकित गर्ग ने मरीज को देखा। इसमें बुखार, एलर्जी व खांसी जुकाम के मरीज अधिक रहे। मेले में गर्भवती महिलाएं भी पहुंची। लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं मिलीं। इससे गर्भवतियों को परेशानी हुईं।

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मेले में मरीज की संख्या रही कम

डिलारी। क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र सिहाली खद्दर पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। केंद्र प्रभारी डॉक्टर आशीष कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या कम रही। यहां 61 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।


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पीएचसी पीपलसाना में पहुंचे 63 मरीज

सिरसवां दोराहा। पीएचसी पीपलसाना में आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद अशरफ और डॉ. सुधीर कुमार ने 63 मरीजों का इलाज किया गया। दवाइयां भी दीं।
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