{"_id":"67896b308b52ea61dc0f019f","slug":"sdm-inspected-college-building-repair-work-and-asked-for-estimate-bilari-news-c-276-1-smbd1006-106421-2025-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: एसडीएम ने कॉलेज भवन मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर मांगा एस्टीमेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: एसडीएम ने कॉलेज भवन मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर मांगा एस्टीमेट
Fri, 17 Jan 2025 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 17 Jan 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
बिलारी। नगर में स्टेशन रोड स्थित रामरतन इंटर कॉलेज के पुराने भवन की मरम्मत कार्य में मानक के अनुसार सामग्री न लगने की प्रधानाचार्य की शिकायत पर बृहस्पतिवार दोपहर एसडीएम ने कॉलेज पहुंचकर जांच की। एसडीएम ने मरम्मत कार्य कराने वाली संस्था से शुक्रवार एस्टीमेट मांगा है।
रामरतन इंटर कॉलेज की स्थापना सन् 1948 में हुई थी। उस समय कॉलेज भवन परिसर में पूरब की ओर जो पुराने नौ कक्ष बनाए गए थे वह अब काफी जर्जर हो गए हैं। शासन द्वारा शुरू की गई नई अलंकार योजना में यह व्यवस्था की गई है कि कॉलेज के पुराने भवन मरम्मत के लिए खर्च होने वाली धनराशि में से बीस प्रतिशत धनराशि कॉलेज प्रबंधन द्वारा जमा करने पर भवन की मरम्मत को स्वीकृति मिल जाती है। रामरतन इंटर कॉलेज में भी इसी योजना के तहत पुराने नौ कक्षों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।
कॉलेज प्रधानाचार्य रामकिशन ने बीती नौ जनवरी को एसडीएम को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि पुराने कमरों की मरम्मत के दौरान लिंटर में जो सरिया लगाई जा रही है वह मानक के अनुसार नहीं है। लिंटर का वजन रोकने के लिए लोहे के बनाए गए बीम में भी सरियों की संख्या कम है। प्रधानाचार्य की शिकायत के बाद एसडीएम ने निर्माण करा रही संस्था के अधिकारियों को मानक के अनुसार मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को पुन: जब प्रधानाचार्य ने एसडीएम से मौखिक शिकायत की तब एसडीएम विनय कुमार सिंह दोपहर बाद कॉलेज में मरम्मत कार्य की जांच करने पहुंचे।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि निर्माण कराने वाली संस्था के अवर अभियंता मौके पर नहीं मिले। उन्हें फोन कर शुक्रवार सुबह निर्माण कार्य का एस्टीमेट दिखाने और मौके पर मानक के अनुसार ही निर्माण कराने को कहा गया है। उधर ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता पवन बाबू ने बताया कि मौके पर मानक के अनुसार मरम्मत कार्य चल रहा है। कॉलेज प्रधानाचार्य के आरोप गलत हैं।
--
विज्ञापन
रामरतन इंटर कॉलेज की स्थापना सन् 1948 में हुई थी। उस समय कॉलेज भवन परिसर में पूरब की ओर जो पुराने नौ कक्ष बनाए गए थे वह अब काफी जर्जर हो गए हैं। शासन द्वारा शुरू की गई नई अलंकार योजना में यह व्यवस्था की गई है कि कॉलेज के पुराने भवन मरम्मत के लिए खर्च होने वाली धनराशि में से बीस प्रतिशत धनराशि कॉलेज प्रबंधन द्वारा जमा करने पर भवन की मरम्मत को स्वीकृति मिल जाती है। रामरतन इंटर कॉलेज में भी इसी योजना के तहत पुराने नौ कक्षों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।
विज्ञापन
कॉलेज प्रधानाचार्य रामकिशन ने बीती नौ जनवरी को एसडीएम को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि पुराने कमरों की मरम्मत के दौरान लिंटर में जो सरिया लगाई जा रही है वह मानक के अनुसार नहीं है। लिंटर का वजन रोकने के लिए लोहे के बनाए गए बीम में भी सरियों की संख्या कम है। प्रधानाचार्य की शिकायत के बाद एसडीएम ने निर्माण करा रही संस्था के अधिकारियों को मानक के अनुसार मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को पुन: जब प्रधानाचार्य ने एसडीएम से मौखिक शिकायत की तब एसडीएम विनय कुमार सिंह दोपहर बाद कॉलेज में मरम्मत कार्य की जांच करने पहुंचे।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि निर्माण कराने वाली संस्था के अवर अभियंता मौके पर नहीं मिले। उन्हें फोन कर शुक्रवार सुबह निर्माण कार्य का एस्टीमेट दिखाने और मौके पर मानक के अनुसार ही निर्माण कराने को कहा गया है। उधर ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता पवन बाबू ने बताया कि मौके पर मानक के अनुसार मरम्मत कार्य चल रहा है। कॉलेज प्रधानाचार्य के आरोप गलत हैं।