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सावन की कांवड़ यात्रा शुरू: 35 लीटर से अधिक जल भरी कांवड़ लेकर आए अमेठी के दो कांवड़िये
Sat, 18 Jul 2026 02:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:32 AM IST
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कांठ (मुरादाबाद)। सावन के लिए कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। शुक्रवार को हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए अमेठी के दो युवा कांवड़िये 35 लीटर से अधिक गंगाजल भरी कांवड़ लेकर कांठ नगर से होते हुए निकले तो वातावरण शिवमय हो गया।
सावन माह में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा चलती है। इस बार भी 28 जुलाई से सावन माह शुरू हो रहा है। ऐसे में कांवड़ यात्रा को सकुशल कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है। उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे अमेठी के महावतपुर निवासी युवा कांवड़िया अमन वर्मा और कृष्णा वर्मा शुक्रवार की शाम कांठ नगर से होकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए निकले। कांवड़िया कृष्णा वर्मा ने बताया कि वह हरिद्वार से कलश कांवड़ लेकर 13 जुलाई की शाम चले थे। कांवड़ में 35 लीटर से अधिक गंगाजल है। बताया कि हरिद्वार से प्रतापगढ़ के घोषश्वेरनाथ मंदिर तक की 670 किलोमीटर की पैदल यात्रा को उन्हें 10 अगस्त पूरा करना है। 11 अगस्त को वह घोषश्वेरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। बताया कि करीब 130 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर चुके हैं, रास्ते में उन्हें कोई भी दिक्कत नहीं हुई है। नगरवासियों ने दोनों कांवड़ियों का कांठ नगर से होकर निकलने पर स्वागत भी किया।
आगामी सावन माह की कांवड़ यात्रा के मद्देनजर वन विभाग के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग में खड़े पेड़ों की कटाई-छंटाई का कार्य तेजी के साथ कराया जा रहा है। कांठ क्षेत्र में सहसपुर बॉर्डर से लेकर छजलैट तक और छजलैट से अगवानपुर तक। वहीं कांठ के नयागांव से लेकर अगवानपुर तक कांवड़ पथ मार्ग पर भी दोनों ओर झुके पेड़ों की कटाई-छंटाई का कार्य तेजी से चल रही है। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा को मार्गों को दुरुस्त कराने के निर्देश भी संबंधितों को दिए हैं।
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सावन माह में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा चलती है। इस बार भी 28 जुलाई से सावन माह शुरू हो रहा है। ऐसे में कांवड़ यात्रा को सकुशल कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है। उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे अमेठी के महावतपुर निवासी युवा कांवड़िया अमन वर्मा और कृष्णा वर्मा शुक्रवार की शाम कांठ नगर से होकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए निकले। कांवड़िया कृष्णा वर्मा ने बताया कि वह हरिद्वार से कलश कांवड़ लेकर 13 जुलाई की शाम चले थे। कांवड़ में 35 लीटर से अधिक गंगाजल है। बताया कि हरिद्वार से प्रतापगढ़ के घोषश्वेरनाथ मंदिर तक की 670 किलोमीटर की पैदल यात्रा को उन्हें 10 अगस्त पूरा करना है। 11 अगस्त को वह घोषश्वेरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। बताया कि करीब 130 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर चुके हैं, रास्ते में उन्हें कोई भी दिक्कत नहीं हुई है। नगरवासियों ने दोनों कांवड़ियों का कांठ नगर से होकर निकलने पर स्वागत भी किया।
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आगामी सावन माह की कांवड़ यात्रा के मद्देनजर वन विभाग के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग में खड़े पेड़ों की कटाई-छंटाई का कार्य तेजी के साथ कराया जा रहा है। कांठ क्षेत्र में सहसपुर बॉर्डर से लेकर छजलैट तक और छजलैट से अगवानपुर तक। वहीं कांठ के नयागांव से लेकर अगवानपुर तक कांवड़ पथ मार्ग पर भी दोनों ओर झुके पेड़ों की कटाई-छंटाई का कार्य तेजी से चल रही है। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा को मार्गों को दुरुस्त कराने के निर्देश भी संबंधितों को दिए हैं।
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