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Sambhal Violence: जहां स्थापित की गई थी चौकी... वहीं हुआ पथराव; इसलिए दिया था चौकी का यह नाम
Tue, 26 Nov 2024 02:07 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 26 Nov 2024 02:07 PM IST
सार
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर इसका नाम एकता चौकी रखा था। इस क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से अच्छे माहौल के चलते उन्होंने ऐसा किया था। लेकिन रविवार को शहर के साथ-साथ यहां भी बवाल हुआ।
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Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नखासा क्षेत्र में एकता पुलिस चौकी संभल में सौहार्द की मिसाल के रूप में स्थापित की गई थी। 2022 से पहले इसका नाम नखासा पुलिस चौकी ही था। 2022 में तत्कालीन एसपी चक्रेश मिश्र ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर इसका नाम एकता चौकी रखा था। इस क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से अच्छे माहौल के चलते उन्होंने ऐसा किया था।
रविवार को शहर में बवाल हुआ तो यह चौकी शर्मसार हो गई। चूंकि इस क्षेत्र में भी पथराव हुआ। जहां आम नागरिकों के साथ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। एकता पुलिस चौकी के पास मो. कदीर फलों का ठेला लगाते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से यहां शांति रहती है। सब लोग मिलकर रहते हैं। इस क्षेत्र में ज्यादातर फलों के ठेले लगते हैं और भीड़ के कारण बाइक सवारों का निकलना भी मुश्किल रहता है, लेकिन रविवार को हुई घटना के बाद सड़क पर सन्नाटा पसरा था।
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अकेले कदीर का ठेला ही वहां नजर आ रहा था। एकता पुलिस चौकी के पास से हर साल रामलीला के दौरान श्रीराम राजगद्दी शोभायात्रा निकलती है। क्षेत्र के लोग उसका स्वागत करते हैं। लोगों के आपसी प्रेम को देखते हुए पुलिस चौकी का नामकरण किया गया था, लेकिन रविवार की घटना ने इस पर तोहमत लगा दी।
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रविवार को शहर में बवाल हुआ तो यह चौकी शर्मसार हो गई। चूंकि इस क्षेत्र में भी पथराव हुआ। जहां आम नागरिकों के साथ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। एकता पुलिस चौकी के पास मो. कदीर फलों का ठेला लगाते हैं।
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उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से यहां शांति रहती है। सब लोग मिलकर रहते हैं। इस क्षेत्र में ज्यादातर फलों के ठेले लगते हैं और भीड़ के कारण बाइक सवारों का निकलना भी मुश्किल रहता है, लेकिन रविवार को हुई घटना के बाद सड़क पर सन्नाटा पसरा था।
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अकेले कदीर का ठेला ही वहां नजर आ रहा था। एकता पुलिस चौकी के पास से हर साल रामलीला के दौरान श्रीराम राजगद्दी शोभायात्रा निकलती है। क्षेत्र के लोग उसका स्वागत करते हैं। लोगों के आपसी प्रेम को देखते हुए पुलिस चौकी का नामकरण किया गया था, लेकिन रविवार की घटना ने इस पर तोहमत लगा दी।
संभल में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी जफर इकबाल ने बताया कि रोजाना की तरह मंडी से वह अपने साथियों के संग फल लेकर लौटे। रविवार को भी ठेला लगाने की तैयारी थी। इसी बीच शहर में जामा मस्जिद के पास तनाव की खबर फैल गई। बवाल की आशंका को देखते हुए उन्होंने ठेला नहीं लगाया। लोगों का डर सही साबित हुआ और दोपहर से पहले क्षेत्र में पथराव हो गया।
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से एकता चौकी के पास भारी पुलिस बल तैनात है। इक्का-दुक्का लोग ही घरों से बाहर निकले रहे हैं। सोमवार को क्षेत्र में लोगों ने दुकानें नहीं लगाईं। लोगों की जमघट से भरी रहने वाली चाय की दुकानें भी खामोश रहीं। लोगों ने बताया कि 31 अक्तूबर 2022 को एसपी ने चौकी में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था।
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले पटेल से उन्होंने लोगों की एकता को जोड़ा था। रविवार को हुए पथराव के बाद से आम नागरिक भी दुखी हैं। उनका कहना है कि इससे कारोबार पर असर पड़ा है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।