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Moradabad News: कबाड़ी से वसूली में फंसी संभल एसओजी की पूरी टीम निलंबित
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संभल, बिलारी। बिलारी के कबाड़ी से तीस हजार रुपये की वसूली करने में फंसी एसओजी की पूरी टीम को एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने निलंबित कर दिया है। इसमें प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी ने शिकायत के आधार पर संभल के सीओ आलोक कुमार भाटी से जांच कराई। जांच में मामला सही पाया गया। अब बोबिंद्र शर्मा को एसओजी का प्रभारी बनाया गया है।
मुरादाबाद के बिलारी निवासी जफरुद्दीन कबाड़ का काम करते हैं। वह अपने बेटे आस मोहम्मद के साथ दो फरवरी की रात करीब नौ बजे मोबाइल की प्लेट का कबाड़ लेकर संभल के लाडम सराय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एसओजी की टीम ने कबाड़ी पिता-पुत्र की बाइक को रोक लिया और संभल कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चौकी चौधरी सराय ले आए। बिचौलियों के हस्तक्षेप के बाद मामला निबटाया गया।
आरोप है कि कबाड़ी पिता-पुत्र को छोड़ने के बदले में 30 हजार रुपये वसूले गए। साथ ही मोबाइल की प्लेट गलाकर जो धातु निकलती है उसको टीम ने अपने पास रोक लिया। रात के समय कबाड़ी पिता-पुत्र चले गए लेकिन तीन फरवरी को टीम से संपर्क किया और धातु लौटाने की बात कही। आरोप है कि टीम ने धातु से भरा कट्टा लौटाने की एवज में भी 40 हजार रुपये मांगे, जबकि कट्टे में 40 हजार रुपये की ही धातु थी।
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इसके बाद ही शिकायत एसपी तक पहुंची। एसपी ने बताया कि प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाई गई है। इसके चलते प्रभारी एसआई मोहित चौधरी, हेड कांस्टेबल कुलवंत, अरशद, कांस्टेबल अजनबी, आयुष, विवेक, बृजेश और हिरेश को निलंबित कर दिया है। एसपी ने बताया कि एसओजी प्रभारी बोबिंद्र शर्मा को बनाया गया है।
कई बड़े मामलों में नाकाम रही निलंबित हुई टीम
जुनावई थाना क्षेत्र में भाजपा नेता गुलफाम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी को एसओजी टीम गिरफ्तार नहीं कर पाई। बदायूं की कोर्ट में उसने सरेंडर कर दिया था। इसी तरह धनारी थाना क्षेत्र में दो भाइयों की हत्या का आरोपी लंबे समय तक फरार रहा और बाद में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कैलादेवी थाना क्षेत्र में सात वर्ष की बच्ची के लापता होने के बाद भी टीम सुराग नहीं लगा सकी।
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मुरादाबाद के बिलारी निवासी जफरुद्दीन कबाड़ का काम करते हैं। वह अपने बेटे आस मोहम्मद के साथ दो फरवरी की रात करीब नौ बजे मोबाइल की प्लेट का कबाड़ लेकर संभल के लाडम सराय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एसओजी की टीम ने कबाड़ी पिता-पुत्र की बाइक को रोक लिया और संभल कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चौकी चौधरी सराय ले आए। बिचौलियों के हस्तक्षेप के बाद मामला निबटाया गया।
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आरोप है कि कबाड़ी पिता-पुत्र को छोड़ने के बदले में 30 हजार रुपये वसूले गए। साथ ही मोबाइल की प्लेट गलाकर जो धातु निकलती है उसको टीम ने अपने पास रोक लिया। रात के समय कबाड़ी पिता-पुत्र चले गए लेकिन तीन फरवरी को टीम से संपर्क किया और धातु लौटाने की बात कही। आरोप है कि टीम ने धातु से भरा कट्टा लौटाने की एवज में भी 40 हजार रुपये मांगे, जबकि कट्टे में 40 हजार रुपये की ही धातु थी।
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इसके बाद ही शिकायत एसपी तक पहुंची। एसपी ने बताया कि प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाई गई है। इसके चलते प्रभारी एसआई मोहित चौधरी, हेड कांस्टेबल कुलवंत, अरशद, कांस्टेबल अजनबी, आयुष, विवेक, बृजेश और हिरेश को निलंबित कर दिया है। एसपी ने बताया कि एसओजी प्रभारी बोबिंद्र शर्मा को बनाया गया है।
कई बड़े मामलों में नाकाम रही निलंबित हुई टीम
जुनावई थाना क्षेत्र में भाजपा नेता गुलफाम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी को एसओजी टीम गिरफ्तार नहीं कर पाई। बदायूं की कोर्ट में उसने सरेंडर कर दिया था। इसी तरह धनारी थाना क्षेत्र में दो भाइयों की हत्या का आरोपी लंबे समय तक फरार रहा और बाद में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कैलादेवी थाना क्षेत्र में सात वर्ष की बच्ची के लापता होने के बाद भी टीम सुराग नहीं लगा सकी।