सपा नेता ने किया सरेंडर: अपर नगर आयुक्त को धमकाने का है आरोप, पुलिस ने भाई को किया गिरफ्तार
अपर नगर आयुक्त को धमकाने और कार्यालय में घुसकर हंगामा करने के मामले में सपा नेता यूसुफ मलिक ने रामपुर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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अपर नगर आयुक्त को धमकाने और कार्यालय में घुसकर हंगामा करने के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी सपा नेता यूसुफ मलिक ने सोमवार को रामपुर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जबकि सिविल पुलिस ने सपा नेता यूूनुस मलिक के भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है विवेचना के दौरान सपा नेता के भाई का भी नाम सामने आया है। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
26 मार्च को नगर निगम की टीम ने कटघर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी स्थित जमाल के भवन को सील कर दिया था। निगम अधिकारियों ने दावा किया था कि भवन पर 23 लाख रुपये से अधिक का कर बकाया था। जमाल ने इसकी जानकारी अपने समधी सपा नेता यूसुफ मलिक को दे दी थी। इसके बाद सपा नेता यूसुफ मलिक पीलीकोठी स्थित अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह के कार्यालय में पहुंच गया था। उसने यहां जमकर हंगामा किया था और महिला अधिकारी से भी अभद्रता की थी।
फोन पर अपशब्द कहे और धमकाया
आरोप है कि बाद में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार को फोन पर अपशब्द कहे और धमकाया था। इस मामले में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह की ओर से सिविल लाइंस थाने में यूसुफ मलिक निवासी जिगर कालोनी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इसके बाद से आरोपी सपा नेता फरार चल रहा था।
सपा नेता के भाई यूनुस मलिक का भी नाम सामने आया
उसने सोमवार को रामपुर में चल रहे एक अन्य मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान सपा नेता के भाई यूनुस मलिक का भी नाम सामने आया है। आरोपी यूनुस मलिक ने भी कार्यालय में घुसकर हंगामा किया और अपर नगर आयुक्त से फोन पर अभद्रता की थी। हिमगिरी कालोनी मंगलवार का बाजार हरथला निवासी यूनुस को सोमवार सुबह उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।