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आजम खां को बड़ा झटका: अब इस मामले में दस साल की सजा, पांच लाख जुर्माना; केस के कागजात जुटाने में लगे थे दो साल

Sun, 24 May 2026 01:07 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 24 May 2026 01:07 PM IST
सार

अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सपा नेता आजम खां की सजा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी है। साथ ही जुर्माना भी 50 हजार से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। 

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samajwadi party Azam Khan now faces 10 years in jail in two PAN card cases
Azam Khan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान सपा नेता अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र को लेकर उठा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उस समय यह मामला सामने आया था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट हैं। 

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मामला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चित रहा था और विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए थे। बताया जाता है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन मंत्री आजम खां ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र को सील करा दिया था।
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आरोप है कि उस समय किसी को भी नामांकन पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया था। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना का कहना है कि जब शहर में इस मामले की चर्चा शुरू हुई तो उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

इसके बाद उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी जुटाने का प्रयास किया। आकाश सक्सेना के अनुसार, पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज और सूचनाएं एकत्र करने में करीब दो साल लगे थे।

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सात माह छह दिन से रामपुर जेल में बंद हैं आजम
दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद 17 नवंबर 2025 से सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर की जेल में बंद हैं। वह फिलहाल सात-सात साल की सजा काट रहे हैं, लेकिन अब आजम की सजा बढ़ गई है। फिलहाल दोनों ही पिता-पुत्र सात माह छह दिन से जेल में हैं।

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे
एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट द्वारा अपील पर सुनाए गए फैसले के खिलाफ सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। अधिवक्ता नासिर सुल्तान के अनुसार सेशन कोर्ट ने अपील पर फैसला सुनाया है। इस अपील के फैसले के खिलाफ अब हाईकोर्ट में रिवीजन दायर की जाएगी।

54 पेज में दर्ज है अपील का फैसला
सपा नेता आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की अपील पर फैसला 54 पेज में दर्ज किया गया है। अपील पर आए फैसले में 54 पेज में मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले से लेकर सेशन कोर्ट में हुई कार्रवाई का जिक्र किया गया है।

नवेद मियां की अपील का भी हुआ निस्तारण
इस मामले में पूर्व मंत्री नवेद मियां की ओर से भी अपील दायर की गई थी। हालांकि रामपुर की कोर्ट ने पहले उनके प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी अपील को अभियोजन की ओर से दायर अपील में शामिल कर लिया गया।

दो पैन कार्ड मामले में आजम को झटका, अब दस साल की सजा
अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सपा नेता आजम खां की सजा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी है। साथ ही जुर्माना भी 50 हजार से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि जुर्माना की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दी है।

दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 में सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से सजा के खिलाफ और अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाने को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी। मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट डॉ. विजय कुमार ने सपा नेता आजम खां की सात साल की सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 50 हजार रुपये के जुर्माना की राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने के आदेश दिए हैं।

एडीजीसी ने बताया कि इस मामले में कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा को बरकरार रखा है, लेकिन 50 हजार रुपये के जुर्माना की राशि को बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया है।

यह है मामला
भाजपा के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने छह दिसंबर 2019 को सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज दर्ज कराई थी। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। एक दस्तावेज में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 बताई गई थी। आरोप यह भी था कि चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज किया था।

एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को फैसला सुनाया था। अदालत ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम दोनों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। कोर्ट के फैसले के बाद से आजम खां और अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल में बंद हैं।

अपराधियों के लिए नजीर साबित होगा फैसला
यह ऐतिहासिक फैसला देशभर में अपराधियों के लिए नजीर साबित होगा। कोर्ट का फैसला कानून के प्रति न्यायपालिका की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में अदालत द्वारा आजम खां की सजा को सात वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष करना और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाना यह स्पष्ट संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। -आकाश सक्सेना, प्राथमिकी दर्ज के वादी एवं शहर विधायक

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