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श्रमजीवी एक्सप्रेस में पकड़ी गई 25 बोतल शराब, जीआरपी के पास पहुंचीं 12, आरपीएफ कंट्रोल को सूचना भी नहीं
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श्रमजीवी एक्सप्रेस में मंगलवार शाम को शाहजहांपुर के आरपीएफ स्क्वाड ने 25 बोतलें शराब की पकड़ीं, जबकि जीआरपी के मुताबिक उनके थाने में केवल 12 बोतलें सौंपी गईं हैं। साथ ही मंडल की सारी सूचनाएं रखने वाले आरपीएफ कंट्रोल रूम को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। इस तरह मुरादाबाद आरपीएफ स्टाफ, जीआरपी और आरपीएफ कंट्रोल घटना को लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
मंगलवार को नई दिल्ली से राजगीर जाने वाली (12392) श्रमजीवी एक्सप्रेस शाम तकरीबन चार बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन में शाहजहांपुर का आरपीएफ स्क्वाड तैनात था। स्क्वाड को ट्रेन के स्लीपर कोच एस-9 में एक सीट पर तीन बैग रखे मिले। आरपीएफ ने यात्रियों से पूछा लेकिन किसी ने बैगों को अपना नहीं बताया। खोलकर देखा तो तीनों बैगों में अंग्रेजी शराब की कुल 25 बोतलें थीं।
आरपीएफ के मुताबिक इनमें से सिग्नेचर की नौ, रॉयल स्टैग की सात, मैजिक मोमेंट की चार और एक अन्य ब्रांड की पांच बोतलें मिलीं। इसकी सूचना मुरादाबाद आरपीएफ पोस्ट को दी गई। रेलवे के नियमानुसार ऐसी सूचना कंट्रोल के माध्यम से पहुंचाई जाती हैं। इसके बावजूद कंट्रोल रूम स्टाफ घटना से अंजान है।
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मुरादाबाद के आरपीएफ स्टाफ ने शराब की बोतलों वाले तीनों बैग जब्त कर मुरादाबाद जीआरपी थाने को सौंप दिए। अब जीआरपी का कहना है कि उन्हें जो बैग मिले हैं उनमें कुल 12 बोतलें हैं। बाकी बोतलें कहां गायब हो गईं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जीआरपी ने ये बैग आर्मी स्टाफ के होने के की संभावना जताई है। जीआरपी का कहना है कि होली के मौके पर आर्मी स्टाफ छुट्टी लेकर घर जा रहे होंगे और ये बोतलें ट्रेन में छूट गईं। हालांकि सच जानने के लिए राजगीर (बिहार) तक श्रमजीवी एक्सप्रेस के ठहराव वाले हर स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ से पड़ताल करने के लिए कहा गया है।
अलग-अलग बयान
श्रमजीवी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ स्क्वाड को तीन बैग मिले, जिनमें शराब की 25 बोतलें थीं। तीनों बैग स्टाफ ने कब्जे में लेकर जीआरपी मुरादाबाद को सौंप दिए। आगे की कार्रवाई जीआरपी को करनी है।- मनोज कुमार, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त
हमें आरपीएफ ने तीन बैग दिए हैं। इन बैगों में शराब की 12 बोतलें हैं। ये बैग आर्मी स्टाफ के हो सकते हैं, हालांकि पड़ताल के लिए सभी जीआरपी थानों में सूचना पहुंचा दी गई है।
- सुधीर कुमार, थाना प्रभारी जीआरपी
क्या कहते हैं रेलवे के नियम
रेलवे के नियमानुसार एक यात्री अपने साथ 35 किलो लगेज ले जा सकता है। विस्फोटक सामग्री या मादक पदार्थ साथ ले जाने पर पाबंदी है। अगर किसी यात्री के पास शराब की खुली बोतल मिलती है तो शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर आरपीएफ चालान कर सकती है। यदि बोतल बंद है तो कार्रवाई नहीं होगी। बोतल की संख्या कितनी होगी, इस पर कोई नियम फिलहाल नहीं है। अगर ट्रेन एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाती है तो टैक्स चोरी का मामला बन सकता है। आरपीएफ ऐसा माल पकड़ कर जीआरपी को सौंपेगी और फिर आबकारी विभाग को सौंपेगी। लेकिन एक ही राज्य में ट्रेन जाती है तो कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी। श्रमजीवी एक्सप्रेस दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच चलती है।
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मंगलवार को नई दिल्ली से राजगीर जाने वाली (12392) श्रमजीवी एक्सप्रेस शाम तकरीबन चार बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन में शाहजहांपुर का आरपीएफ स्क्वाड तैनात था। स्क्वाड को ट्रेन के स्लीपर कोच एस-9 में एक सीट पर तीन बैग रखे मिले। आरपीएफ ने यात्रियों से पूछा लेकिन किसी ने बैगों को अपना नहीं बताया। खोलकर देखा तो तीनों बैगों में अंग्रेजी शराब की कुल 25 बोतलें थीं।
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आरपीएफ के मुताबिक इनमें से सिग्नेचर की नौ, रॉयल स्टैग की सात, मैजिक मोमेंट की चार और एक अन्य ब्रांड की पांच बोतलें मिलीं। इसकी सूचना मुरादाबाद आरपीएफ पोस्ट को दी गई। रेलवे के नियमानुसार ऐसी सूचना कंट्रोल के माध्यम से पहुंचाई जाती हैं। इसके बावजूद कंट्रोल रूम स्टाफ घटना से अंजान है।
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मुरादाबाद के आरपीएफ स्टाफ ने शराब की बोतलों वाले तीनों बैग जब्त कर मुरादाबाद जीआरपी थाने को सौंप दिए। अब जीआरपी का कहना है कि उन्हें जो बैग मिले हैं उनमें कुल 12 बोतलें हैं। बाकी बोतलें कहां गायब हो गईं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जीआरपी ने ये बैग आर्मी स्टाफ के होने के की संभावना जताई है। जीआरपी का कहना है कि होली के मौके पर आर्मी स्टाफ छुट्टी लेकर घर जा रहे होंगे और ये बोतलें ट्रेन में छूट गईं। हालांकि सच जानने के लिए राजगीर (बिहार) तक श्रमजीवी एक्सप्रेस के ठहराव वाले हर स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ से पड़ताल करने के लिए कहा गया है।
अलग-अलग बयान
श्रमजीवी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ स्क्वाड को तीन बैग मिले, जिनमें शराब की 25 बोतलें थीं। तीनों बैग स्टाफ ने कब्जे में लेकर जीआरपी मुरादाबाद को सौंप दिए। आगे की कार्रवाई जीआरपी को करनी है।- मनोज कुमार, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त
हमें आरपीएफ ने तीन बैग दिए हैं। इन बैगों में शराब की 12 बोतलें हैं। ये बैग आर्मी स्टाफ के हो सकते हैं, हालांकि पड़ताल के लिए सभी जीआरपी थानों में सूचना पहुंचा दी गई है।
- सुधीर कुमार, थाना प्रभारी जीआरपी
क्या कहते हैं रेलवे के नियम
रेलवे के नियमानुसार एक यात्री अपने साथ 35 किलो लगेज ले जा सकता है। विस्फोटक सामग्री या मादक पदार्थ साथ ले जाने पर पाबंदी है। अगर किसी यात्री के पास शराब की खुली बोतल मिलती है तो शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर आरपीएफ चालान कर सकती है। यदि बोतल बंद है तो कार्रवाई नहीं होगी। बोतल की संख्या कितनी होगी, इस पर कोई नियम फिलहाल नहीं है। अगर ट्रेन एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाती है तो टैक्स चोरी का मामला बन सकता है। आरपीएफ ऐसा माल पकड़ कर जीआरपी को सौंपेगी और फिर आबकारी विभाग को सौंपेगी। लेकिन एक ही राज्य में ट्रेन जाती है तो कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी। श्रमजीवी एक्सप्रेस दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच चलती है।