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Moradabad News: घर में जिंदा जलकर सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर की मौत
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मुरादाबाद। मझोला क्षेत्र के बुद्धि विहार में आग में जलकर कमरे में सो रहे सेवानिवृत्त सीनियर बैंक मैनेजर सुधीर कुमार अग्रवाल (72) की मौत हो गई। मकान की पहली मंजिल पर सो रहा उनका बेटा अनिमेश शुक्रवार सुबह पाैने पांच बजे जागा तो धुआं देखकर नीचे आया। पिता के कमरे से लपटें निकलती देख शोर मचाया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। जब तक आग बुझाई गई तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। घर में धुआं भरने से पालतू कुत्ते की दम घुटने से माैत हो गई। पुलिस ने शाॅर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई।
इंडियन ओवरसीज बैंक से करीब 12 साल पहले सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए सुधीर कुमार अग्रवाल का बुद्धि विहार में आर्यंस इंटर नेशनल स्कूल के सामने दो मंजिला मकान है। बृहस्पतिवार रात सुधीर अग्रवाल मकान के भूतल पर कमरे में सोए थे। उनका इकलौता बेटा अनिमेश अग्रवाल पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रहा था।
नोएडा में रहने वाले सुधीर अग्रवाल के दामाद अनुज बंसल ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब पौने पांच बजे अनिमेश जागे तब उनके कमरे में धुआं भरा था। उन्होंने नीचे आकर देखा तो पिता के कमरे से आग की लपटें निकल रही थीं। दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन अंदर से बंद था। अनिमेश के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए।
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सूचना मिलने पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाई। दरवाजा खोलकर पुलिस जब अंदर पहुंची तब तक सुधीर अग्रवाल की जलकर मौत हो चुकी थी। सारा सामान भी राख हो गया था। घर में धुआं भरने से पहली मंजिल के जाल पर सो रहे कुत्ते की भी दम घुटने से जान जा चुकी थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि शाॅर्ट सर्किट से कमरे में आग लगने की आशंका है। जांच की जा रही है।
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छह माह पहले हुई थी पत्नी की माैत
सुधीर अग्रवाल की पत्नी नीना अग्रवाल की इसी साल 14 मई को माैत हो गई थी। इसके बाद से पिता-पुत्र ही घर में रहते थे। सुधीर अग्रवाल की दो बेटियां नीतू और मीतू हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। हादसे की जानकारी मिलने पर बेटी और दामाद भी आ गए। दामाद ने बताया कि अनिमेश अग्रवाल नोएडा में निजी कंपनी में नौकरी करते थे लेकिन कोरोनाकाल में नौकरी छोड़कर मुरादाबाद आ गए थे। इसके बाद से वह अपने माता-पिता के साथ रहे रहे थे। अनिमेश ने छह माह के अंदर अपने माता-पिता को खो दिया। नीना भी एक निजी कंपनी में नाैकरी करती थीं। अनिमेश की 2016 में शादी हुई थी लेकिन कुछ दिन बाद ही पत्नी मायके चली गई थी।
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एक-एक सामान हुआ राख, काली हुईं दीवारें
सुधीर अग्रवाल ने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर उसे बेड पर ही रख लिया था। इसके बाद वह सो गए थे। रात में किसी समय बिजली के बोर्ड में शार्ट सर्किट हुआ और चिंगारी निकले से आग लग गई। आग धीरे-धीरे बेड पर फैल गई। कमरे में एक-एक सामान जलता रहा। जिस कमरे में सुधीर अग्रवाल सो रहे थे। वह मकान में सबसे अंदर है। इसके कारण मेन गेट तक धुआं नहीं आया। धुआं जाल से दूसरी मंजिल तक पहुंच गया था। इसके कारण आसपास के लोगों को भी जानकारी नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि जलने से पहले ही सुधीर अग्रवाल की धुआं के कारण दम घुटने से मौत हो चुकी थी। कमरे की सभी दीवारें बिल्कुल काली हो गईं।
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इंडियन ओवरसीज बैंक से करीब 12 साल पहले सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए सुधीर कुमार अग्रवाल का बुद्धि विहार में आर्यंस इंटर नेशनल स्कूल के सामने दो मंजिला मकान है। बृहस्पतिवार रात सुधीर अग्रवाल मकान के भूतल पर कमरे में सोए थे। उनका इकलौता बेटा अनिमेश अग्रवाल पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रहा था।
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नोएडा में रहने वाले सुधीर अग्रवाल के दामाद अनुज बंसल ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब पौने पांच बजे अनिमेश जागे तब उनके कमरे में धुआं भरा था। उन्होंने नीचे आकर देखा तो पिता के कमरे से आग की लपटें निकल रही थीं। दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन अंदर से बंद था। अनिमेश के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए।
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सूचना मिलने पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाई। दरवाजा खोलकर पुलिस जब अंदर पहुंची तब तक सुधीर अग्रवाल की जलकर मौत हो चुकी थी। सारा सामान भी राख हो गया था। घर में धुआं भरने से पहली मंजिल के जाल पर सो रहे कुत्ते की भी दम घुटने से जान जा चुकी थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि शाॅर्ट सर्किट से कमरे में आग लगने की आशंका है। जांच की जा रही है।
छह माह पहले हुई थी पत्नी की माैत
सुधीर अग्रवाल की पत्नी नीना अग्रवाल की इसी साल 14 मई को माैत हो गई थी। इसके बाद से पिता-पुत्र ही घर में रहते थे। सुधीर अग्रवाल की दो बेटियां नीतू और मीतू हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। हादसे की जानकारी मिलने पर बेटी और दामाद भी आ गए। दामाद ने बताया कि अनिमेश अग्रवाल नोएडा में निजी कंपनी में नौकरी करते थे लेकिन कोरोनाकाल में नौकरी छोड़कर मुरादाबाद आ गए थे। इसके बाद से वह अपने माता-पिता के साथ रहे रहे थे। अनिमेश ने छह माह के अंदर अपने माता-पिता को खो दिया। नीना भी एक निजी कंपनी में नाैकरी करती थीं। अनिमेश की 2016 में शादी हुई थी लेकिन कुछ दिन बाद ही पत्नी मायके चली गई थी।
एक-एक सामान हुआ राख, काली हुईं दीवारें
सुधीर अग्रवाल ने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर उसे बेड पर ही रख लिया था। इसके बाद वह सो गए थे। रात में किसी समय बिजली के बोर्ड में शार्ट सर्किट हुआ और चिंगारी निकले से आग लग गई। आग धीरे-धीरे बेड पर फैल गई। कमरे में एक-एक सामान जलता रहा। जिस कमरे में सुधीर अग्रवाल सो रहे थे। वह मकान में सबसे अंदर है। इसके कारण मेन गेट तक धुआं नहीं आया। धुआं जाल से दूसरी मंजिल तक पहुंच गया था। इसके कारण आसपास के लोगों को भी जानकारी नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि जलने से पहले ही सुधीर अग्रवाल की धुआं के कारण दम घुटने से मौत हो चुकी थी। कमरे की सभी दीवारें बिल्कुल काली हो गईं।