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शिक्षक हत्याकांड : नए सिरे से हत्याकांड की तफ्तीश, गायब मिला बाइक का एक्सीलेटर
Thu, 01 Oct 2020 02:52 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 02:52 PM IST
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उत्तर प्रदेश पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
मुरादाबाद। शिक्षक अशोक चौधरी हत्याकांड की जांच अब नए एएसपी अनिल यादव ने शुरू कर दी है। उन्होंने बुधवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और एक एक पहलू को गहनता से देखा। इसके बाद उन्होंने शिक्षक के भाई को थाने बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। अब तक पुलिस ने किन किन बिंदुओं पर काम नहीं किया है। इसकी भी जानकारी जुटाई गई। उन्होंने थाने में खड़ी शिक्षक की बाइक भी देखी। बाइक का एक्सीलेटर गायब मिला है। पुलिस को एक्सीलेटर मौके पर भी नहीं मिला था। पूरा प्रकरण जाने के बाद एएसपी ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वह इस हत्याकांड को चुनौती रूप में ले रहे हैं। घटना में जो भी नाम शामिल होंगे। वो जल्द सलाखों पीछे नजर आएंगे।
पाकबड़ा के गुरैठा गांव निवासी शिक्षक अशोक चौधरी तीन अगस्त को कैलसा रोड पर ईंट भट्ठे पर बनी दुकान में लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले थे जबकि पास में ही उनकी बाइक खड़ी मिली थी। आठ अगस्त को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अशोक चौधरी की मौत हो गई थी। पीएम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने 302 की धाराएं केस में तरमीम कर ली थीं। पुलिस ने केस की तफ्तीश शुरू की तो परतें खुली शुरू हो गईं। लेकिन पुलिस के कदम उस वक्त ठिठक कर गए। जब एक पुलिस अधिकारी और भाजपा नेता का नाम सामने आया। इस मामले की शिकायत शिक्षक के भाई ने पुलिस अफसरों भी की, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश को आगे नहीं बढ़ाया। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस हरकत में आ गई। एएसपी अनिल यादव बुधवार को पाकबड़ा थाने पहुंच गए।
उन्होंने यहां केस की विवेचक थाना प्रभारी रजनी द्विवेदी और एसओजी से अब तक की तफ्तीश के बारे में जानकारी जुटाई। एएसपी पुलिस टीम को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और देखा कि कहां शिक्षक घायल अवस्था में पड़े थे और उनकी बाइक कितनी दूरी पर भी। उस चौकीदार के बारे में जानकारी जुटाई। जो ईंट भट्ठे की दुकान उस रात सो रहा था। इसके बाद वह वापस थाने आ गए और यहां शिक्षक के भाई हरिओम चौधरी व अन्य परिजनों से बुलाकर पूछताछ की। तब शिक्षक के भाई ने बताया कि पुलिस सही दिशा में तफ्तीश कर रही थी, लेकिन भाजपा नेता और एक पुलिस अधिकारी के नाम सामने आने के बाद तफ्तीश आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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उन्होंने एएसपी को ये भी बताया कि पुलिस अगर संदिग्ध लोगों से पूछताछ करेगी तो इस हत्याकांड का खुलासा हो जाएगा। उन्होंने पुलिस अफसर को शिक्षक से जो लोग रंजिश रखते थे। उनके भी नाम बताए हैं। तब एएसपी ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वह खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं। केस से संबंधित जो भी जानकारी हों। वह तुरंत बताएं। जिन लोगों पर शक है। उनके नाम बताएं। पुलिस हर एक एंगल पर जांच करेगी। जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
एसएसपी ने आईपीएस को सौंपी जिम्मेदारी
मुरादाबाद। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पांच दिन पहले ही पाकबड़ा थाने पहुंचकर शिक्षक हत्याकांड के बारे में विवेचक से पूछताछ की थी। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया था। शिक्षक हत्याकांड व अन्य घटनाओं को देखते हुए हाईवे सर्किल की जिम्मेदारी एएसपी अनिल यादव को सौंप दी थीं। हाईवे सर्किल में ही पाकबड़ा और मूंढापांडे थाने आते हैं। मूंढापांडे में छेड़खानी के विरोध में किशोरी के पिता की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाकी आरोपी भी भी फरार चल रहे हैं।
हत्याकांड को चुनौती तरह ले रही रही पुलिस
एएसपी अनिल यादव ने बताया कि शिक्षक हत्याकांड को चुनौती की तरह ले रहे हैं। मैंने खुद घटनास्थल जाकर मुआयना किया है। परिवार से जानकारी जुटाई है। हर एक एंगल पर काम कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले में सच सामने होगा। जो भी लोग घटना में शामिल रहे होंगे। वो सलाखों में नजर आएंगे।
एक हजार नंबरों की हो चुकी है जांच
मुरादाबाद। घटना वाली रात नौ नंबर बजे से रात ग्यारह बजे के बीच करीब एक हजार नंबर एक्टिव थे। इसमें 990 नंबर ऐसे हैं। जो संदेह के घेरे से बाहर हो चुके हैं। जबकि दस नंबर ऐसे हैं। जो संदिग्ध के घेरे में अभी बाकी हैं, जबकि पांच नंबर बंद भी मिले हैं। इन नंबरों के बारे में पुलिस विस्तर से जानकारी जुटाने में जुटी है।
चौकीदार जानता है राज
मुरादाबाद। घटनास्थल के पास ही चौकीदार सो रहा था। पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ कर चुकी है। लेकिन वह कोई राज नहीं बता पाया है। जहां चौकीदार सो रहा था। उससे चंद कदमों की दूरी पर बाइक खड़ी मिल है। जबकि कुछ ही दूरी पर शिक्षक घायल अवस्था में पड़े थे, लेकिन उसने अब तक पूछताछ में बताया है कि उसे पता नहीं कौन बाइक खड़ी करके गया है।
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पाकबड़ा के गुरैठा गांव निवासी शिक्षक अशोक चौधरी तीन अगस्त को कैलसा रोड पर ईंट भट्ठे पर बनी दुकान में लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले थे जबकि पास में ही उनकी बाइक खड़ी मिली थी। आठ अगस्त को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अशोक चौधरी की मौत हो गई थी। पीएम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने 302 की धाराएं केस में तरमीम कर ली थीं। पुलिस ने केस की तफ्तीश शुरू की तो परतें खुली शुरू हो गईं। लेकिन पुलिस के कदम उस वक्त ठिठक कर गए। जब एक पुलिस अधिकारी और भाजपा नेता का नाम सामने आया। इस मामले की शिकायत शिक्षक के भाई ने पुलिस अफसरों भी की, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश को आगे नहीं बढ़ाया। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस हरकत में आ गई। एएसपी अनिल यादव बुधवार को पाकबड़ा थाने पहुंच गए।
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उन्होंने यहां केस की विवेचक थाना प्रभारी रजनी द्विवेदी और एसओजी से अब तक की तफ्तीश के बारे में जानकारी जुटाई। एएसपी पुलिस टीम को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और देखा कि कहां शिक्षक घायल अवस्था में पड़े थे और उनकी बाइक कितनी दूरी पर भी। उस चौकीदार के बारे में जानकारी जुटाई। जो ईंट भट्ठे की दुकान उस रात सो रहा था। इसके बाद वह वापस थाने आ गए और यहां शिक्षक के भाई हरिओम चौधरी व अन्य परिजनों से बुलाकर पूछताछ की। तब शिक्षक के भाई ने बताया कि पुलिस सही दिशा में तफ्तीश कर रही थी, लेकिन भाजपा नेता और एक पुलिस अधिकारी के नाम सामने आने के बाद तफ्तीश आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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उन्होंने एएसपी को ये भी बताया कि पुलिस अगर संदिग्ध लोगों से पूछताछ करेगी तो इस हत्याकांड का खुलासा हो जाएगा। उन्होंने पुलिस अफसर को शिक्षक से जो लोग रंजिश रखते थे। उनके भी नाम बताए हैं। तब एएसपी ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वह खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं। केस से संबंधित जो भी जानकारी हों। वह तुरंत बताएं। जिन लोगों पर शक है। उनके नाम बताएं। पुलिस हर एक एंगल पर जांच करेगी। जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
एसएसपी ने आईपीएस को सौंपी जिम्मेदारी
मुरादाबाद। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पांच दिन पहले ही पाकबड़ा थाने पहुंचकर शिक्षक हत्याकांड के बारे में विवेचक से पूछताछ की थी। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया था। शिक्षक हत्याकांड व अन्य घटनाओं को देखते हुए हाईवे सर्किल की जिम्मेदारी एएसपी अनिल यादव को सौंप दी थीं। हाईवे सर्किल में ही पाकबड़ा और मूंढापांडे थाने आते हैं। मूंढापांडे में छेड़खानी के विरोध में किशोरी के पिता की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाकी आरोपी भी भी फरार चल रहे हैं।
हत्याकांड को चुनौती तरह ले रही रही पुलिस
एएसपी अनिल यादव ने बताया कि शिक्षक हत्याकांड को चुनौती की तरह ले रहे हैं। मैंने खुद घटनास्थल जाकर मुआयना किया है। परिवार से जानकारी जुटाई है। हर एक एंगल पर काम कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले में सच सामने होगा। जो भी लोग घटना में शामिल रहे होंगे। वो सलाखों में नजर आएंगे।
एक हजार नंबरों की हो चुकी है जांच
मुरादाबाद। घटना वाली रात नौ नंबर बजे से रात ग्यारह बजे के बीच करीब एक हजार नंबर एक्टिव थे। इसमें 990 नंबर ऐसे हैं। जो संदेह के घेरे से बाहर हो चुके हैं। जबकि दस नंबर ऐसे हैं। जो संदिग्ध के घेरे में अभी बाकी हैं, जबकि पांच नंबर बंद भी मिले हैं। इन नंबरों के बारे में पुलिस विस्तर से जानकारी जुटाने में जुटी है।
चौकीदार जानता है राज
मुरादाबाद। घटनास्थल के पास ही चौकीदार सो रहा था। पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ कर चुकी है। लेकिन वह कोई राज नहीं बता पाया है। जहां चौकीदार सो रहा था। उससे चंद कदमों की दूरी पर बाइक खड़ी मिल है। जबकि कुछ ही दूरी पर शिक्षक घायल अवस्था में पड़े थे, लेकिन उसने अब तक पूछताछ में बताया है कि उसे पता नहीं कौन बाइक खड़ी करके गया है।