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Moradabad News: फर्जी आयुष्मान कार्ड मामले में पटल प्रभारी से मांगी रिपोर्ट
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मुरादाबाद। जनसेवा केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड में हो रहे फर्जीवाड़े की सीएमओ ने पटल प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि फर्जीवाड़े से बचने के लिए लाभार्थी कार्ड को आधार से लिंक करा लें।
सीएमओ कार्यालय में लोगों ने जन सेवा केंद्र संचालकों की शिकायत की है। उनका कहना है कि जब वह आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका कार्ड पहले ही बन चुका है। जन सेवा केंद्र संचालक 12 सौ से 15 सौ रुपये लेकर आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। असल में वह आयुष्मान कार्ड मिलते-जुलते नाम वाले किसी अन्य व्यक्ति का होता है। इसी तरह जिन लोगों के नाम सूची में न होने के बावजूद पैसे लेकर जन सेवा केंद्र संचालक ने उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर दिया, वे भी परेशान हैं, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने पर पता चलता है कि वह आयुष्मान कार्ड उनका नहीं है।
इस मामले के सामने आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि लखनऊ से आयुष्मान के पटल प्रभारी से लिखित में रिपोर्ट मांगी है। पहले आयुष्मान कार्ड गड़बड़ बनाए जाते थे, लेकिन जब से यह आधार से लिंक हुए हैं, तब से समस्या नहीं आई है। केवाईसी करने पर जो दूसरे के परिवार से लिंक पाए गए थे, उनको रद्द कर दिया गया था। यदि फिर भी शिकायत आ रही हैं तो इस मामले की जांच करवाऊंगा।
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सीएमओ कार्यालय में लोगों ने जन सेवा केंद्र संचालकों की शिकायत की है। उनका कहना है कि जब वह आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका कार्ड पहले ही बन चुका है। जन सेवा केंद्र संचालक 12 सौ से 15 सौ रुपये लेकर आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। असल में वह आयुष्मान कार्ड मिलते-जुलते नाम वाले किसी अन्य व्यक्ति का होता है। इसी तरह जिन लोगों के नाम सूची में न होने के बावजूद पैसे लेकर जन सेवा केंद्र संचालक ने उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर दिया, वे भी परेशान हैं, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने पर पता चलता है कि वह आयुष्मान कार्ड उनका नहीं है।
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इस मामले के सामने आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि लखनऊ से आयुष्मान के पटल प्रभारी से लिखित में रिपोर्ट मांगी है। पहले आयुष्मान कार्ड गड़बड़ बनाए जाते थे, लेकिन जब से यह आधार से लिंक हुए हैं, तब से समस्या नहीं आई है। केवाईसी करने पर जो दूसरे के परिवार से लिंक पाए गए थे, उनको रद्द कर दिया गया था। यदि फिर भी शिकायत आ रही हैं तो इस मामले की जांच करवाऊंगा।
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