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आबादी तक पहुंचा पानी, प्रशासन बोला कोई नहीं परेशानी
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काफियाबाद में रामगंगा का जलस्तर पढ़ने से गांव में पहुचने वाला है पानी
मुरादाबाद। कालागढ़ डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते रामगंगा चेतावनी स्तर को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। शुक्रवार को खतरे से 75 सेंटीमीटर नीचे बह रही रामगंगा शनिवार को महज 52 सेंटीमीटिर नीचे रह गई। इससे लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। करीब 12 से ज्यादा गांवों में रामगंगा का पानी पहुंचने लगा है। कई गांवों में सड़क मार्ग पर पानी आ जाने की वजह से आवागमन में दिक्कत हुई। काफिया, अक्का-भीकनपुर समेत करीब 10 से ज्यादा गांवों में दिक्कत बढ़ने लगी है।
रामगंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 22 सेंटीमीटर बढ़कर 190.08 मीटर पर पहुंच गया। इसके चलते पिछले दो दिनों से चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही रामगंगा का जल स्तर यहां खतरे के निशान 190.60 से मात्र 52 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। उफनाई रामगंगा का पानी काफियाबाद, भीकनपुर व उसके आसपास करीब आधा दर्जन गांवों के निकट तक पहुंच गया है। इन गांव के लोगों की सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसलों में बाढ़ का पानी भर गया है। काफियाबाद, भीकनपुर आदि गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर शनिवार को भी पानी भरा रहने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत हुई। शहर से सटे ग्राम ताजपुर व रसूलपुर के पास तक लोगों के घरों के करीब रामगंगा का पानी पहुंच गया। इस्लामनगर से घोंघरपुर जाने वाले मार्ग के करीब तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अक्का भीकनपुर मार्ग पर नदी का पानी बहने के कारण वहां भी लोगों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल भी बाढ़ के पानी से घिर गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि कालागढ़ डैम से रामगंगा में शुक्रवार को 15724 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया था। शनिवार को मात्र 6022 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को जिले में बारिश भी नहीं हुई। इन सबके चलते नदी का जल स्तर अब घटेगा। एडीएम प्रीति जायसवाल ने भी दावा किया कि जिले के किसी भी गांव में बाढ़ का पानी नहीं भरा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर घटेगा जिससे बाढ़ की संभावना नहीं है। इसके बावजूद ऐहतियात के तौर पर तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक सतर्क है। तहसीलकर्मी नदी किनारे बसे सभी गांवों का भ्रमणकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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रामगंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 22 सेंटीमीटर बढ़कर 190.08 मीटर पर पहुंच गया। इसके चलते पिछले दो दिनों से चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही रामगंगा का जल स्तर यहां खतरे के निशान 190.60 से मात्र 52 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। उफनाई रामगंगा का पानी काफियाबाद, भीकनपुर व उसके आसपास करीब आधा दर्जन गांवों के निकट तक पहुंच गया है। इन गांव के लोगों की सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसलों में बाढ़ का पानी भर गया है। काफियाबाद, भीकनपुर आदि गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर शनिवार को भी पानी भरा रहने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत हुई। शहर से सटे ग्राम ताजपुर व रसूलपुर के पास तक लोगों के घरों के करीब रामगंगा का पानी पहुंच गया। इस्लामनगर से घोंघरपुर जाने वाले मार्ग के करीब तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अक्का भीकनपुर मार्ग पर नदी का पानी बहने के कारण वहां भी लोगों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल भी बाढ़ के पानी से घिर गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि कालागढ़ डैम से रामगंगा में शुक्रवार को 15724 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया था। शनिवार को मात्र 6022 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को जिले में बारिश भी नहीं हुई। इन सबके चलते नदी का जल स्तर अब घटेगा। एडीएम प्रीति जायसवाल ने भी दावा किया कि जिले के किसी भी गांव में बाढ़ का पानी नहीं भरा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर घटेगा जिससे बाढ़ की संभावना नहीं है। इसके बावजूद ऐहतियात के तौर पर तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक सतर्क है। तहसीलकर्मी नदी किनारे बसे सभी गांवों का भ्रमणकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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