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बारिश ने बढ़ाया तेंदुओं का खतरा: नलकूप की कोठरी पर बैठे दिखे तीन तेंदुए, मुरादाबाद के 20 गांवों में दहशत
Sun, 27 Sep 2026 02:50 PM IST
Vimal Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Sun, 27 Sep 2026 02:50 PM IST
सार
बारिश से गन्ने के खेतों में पानी भरने के बाद कांठ-ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ गई है। समदगढ़ गांव के पास नलकूप की कोठरी पर एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद कांठ के 20 से ज्यादा गांवों में दहशत है। वन विभाग मौसम साफ होने पर जांच करेगा।
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मुरादाबाद मंडल में तेंदुए की दहशत
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
बारिश से गन्ने के खेतों में पानी भरने से कांठ-ठाकुरद्वारा के गावों में तेंदुओं की सक्रियता आबादी की ओर बढ़ गई है। कांठ के समदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद गांव के पास शुक्रवार रात एक साथ तीन तेंदुए नलकूप की कोठरी पर चढ़कर बैठ गए। नलकूप आबादी से करीब 500 मीटर दूर है। कार सवार ग्रामीणों ने तेंदुओं का वीडियो बनाया और वन विभाग को भेजा।
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काफी देर बाद तीनों तेंदुए कोठरी से उतरकर गन्ने के खेतों में चले गए। एक साथ तीन तेंदुए दिखाई देने के बाद कांठ के 20 से ज्यादा गांवों में दहशत बढ़ गई है। वहीं दोनों तहसीलों के 50 से ज्यादा गांव तेंदुआ प्रभावित हैं। कांठ निवासी सहल दिलशाद ने बताया कि वह शुक्रवार रात अपने दोस्त हुजैफा और अनस के साथ कार से समदगढ़ की ओर जा रहे थे।
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किसान जहीर की नलकूप की कोठरी पर तीन तेंदुए दिखाई दिए तो उन्होंने कार रोककर मोबाइल से वीडियो बनाया। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक मरहूम हाजी रिजवान अहमद खां के खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर तेंदुए काफी देर तक कोठरी पर बैठे रहे। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि तीन तेंदुओं का वीडियो मिला है। बारिश के कारण शुक्रवार को मौके पर जांच नहीं हो सकी। मौसम साफ होने पर टीम भेजकर मौके की स्थिति और वीडियो की पड़ताल की जाएगी।
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अब तक चार जान ले चुके हैं तेंदुए, 12 लोग घायल
तीन अगस्त से शुरू हुई घटनाओं में जिले में तेंदुओं के हमलों से चार लोगों की मौत हुई। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में खेत में काम कर रहीं संतोष देवी को तेंदुए ने मार डाला था। इसके बाद 18 अगस्त को बहापुर बलिया में खेत में काम कर रहीं विरमो देवी की जान गई। 25 अगस्त को इसी क्षेत्र में मिथिलेश देवी की मौत हुई। 29 अगस्त को बहापुर बलिया में घर के पास सो रहे जगराज सैनी को तेंदुआ उठाकर खेत में ले गया, जहां उनकी मौत हो गई। वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में 12 लोग तेंदुए के हमलों में घायल भी हुए।
तीन अगस्त से शुरू हुई घटनाओं में जिले में तेंदुओं के हमलों से चार लोगों की मौत हुई। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में खेत में काम कर रहीं संतोष देवी को तेंदुए ने मार डाला था। इसके बाद 18 अगस्त को बहापुर बलिया में खेत में काम कर रहीं विरमो देवी की जान गई। 25 अगस्त को इसी क्षेत्र में मिथिलेश देवी की मौत हुई। 29 अगस्त को बहापुर बलिया में घर के पास सो रहे जगराज सैनी को तेंदुआ उठाकर खेत में ले गया, जहां उनकी मौत हो गई। वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में 12 लोग तेंदुए के हमलों में घायल भी हुए।
अगस्त से अब तक 19 तेंदुए पकड़े, 49 जगह लगे हैं पिंजरे
तीन अगस्त के बाद से जिले में तेंदुओं को पकड़ने का अभियान लगातार चल रहा है। 26 सितंबर को कांठ के रायपुर-भरतपुर में एक और वयस्क तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ। इसके साथ जिले में अब तक 19 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। डीएफओ डॉ. विनय कुमार के मुताबिक जिले में 49 स्थानों पर पिंजरे लगे हैं।
कांठ और ठाकुरद्वारा में विशेष निगरानी की जा रही है। कैमरा ट्रैप और थर्मल ड्रोन से भी तेंदुओं की मौजूदगी की निगरानी की जा रही है। कांठ के पाइंदापुर, रामसराय और पाठंगी तथा छजलैट के सीकरी, शाहपुर अब्दुलबारी और दयानाथपुर शामिल हैं। वहीं ठाकुरद्वारा में राईभूड़, लालापुर पीपलसाना, बहापुर बलिया, मलपुर सेमली समेत 30 से अधिक गांवों में पिंजरे लगे हैं।
तीन अगस्त के बाद से जिले में तेंदुओं को पकड़ने का अभियान लगातार चल रहा है। 26 सितंबर को कांठ के रायपुर-भरतपुर में एक और वयस्क तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ। इसके साथ जिले में अब तक 19 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। डीएफओ डॉ. विनय कुमार के मुताबिक जिले में 49 स्थानों पर पिंजरे लगे हैं।
कांठ और ठाकुरद्वारा में विशेष निगरानी की जा रही है। कैमरा ट्रैप और थर्मल ड्रोन से भी तेंदुओं की मौजूदगी की निगरानी की जा रही है। कांठ के पाइंदापुर, रामसराय और पाठंगी तथा छजलैट के सीकरी, शाहपुर अब्दुलबारी और दयानाथपुर शामिल हैं। वहीं ठाकुरद्वारा में राईभूड़, लालापुर पीपलसाना, बहापुर बलिया, मलपुर सेमली समेत 30 से अधिक गांवों में पिंजरे लगे हैं।
बरसात में आबादी के पास आ सकते हैं तेंदुए, वन विभाग सतर्क
बरसात के दौरान खेतों में पानी भरने से तेंदुए आबादी के नजदीक आ सकते हैं। वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की रिपोर्ट के अनुसार मानसून और सर्दियों में खेतों में व आबादी के नजदीक तेंदुओं की मौजूदगी बढ़ सकती है, क्योंकि खेत की गीली जमीन के कारण उन्हें बैठने व सोने के लिए सूखे स्थान की तलाश होती है।
मानव-तेंदुआ संघर्ष के अध्ययन में भी मानसून के दौरान ऐसे मामलों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। मुरादाबाद में लगातार बारिश से गन्ने के खेतों में पानी भरने के बीच तेंदुओं के आबादी के नजदीक दिखाई देने की घटनाएं सामने आ रही हैं। डीएफओ डॉ. विनय कुमार के मुताबिक वन विभाग प्रभावित गांवों में गश्त और निगरानी बढ़ा रहा है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसे घेरने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है।
बरसात के दौरान खेतों में पानी भरने से तेंदुए आबादी के नजदीक आ सकते हैं। वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की रिपोर्ट के अनुसार मानसून और सर्दियों में खेतों में व आबादी के नजदीक तेंदुओं की मौजूदगी बढ़ सकती है, क्योंकि खेत की गीली जमीन के कारण उन्हें बैठने व सोने के लिए सूखे स्थान की तलाश होती है।
मानव-तेंदुआ संघर्ष के अध्ययन में भी मानसून के दौरान ऐसे मामलों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। मुरादाबाद में लगातार बारिश से गन्ने के खेतों में पानी भरने के बीच तेंदुओं के आबादी के नजदीक दिखाई देने की घटनाएं सामने आ रही हैं। डीएफओ डॉ. विनय कुमार के मुताबिक वन विभाग प्रभावित गांवों में गश्त और निगरानी बढ़ा रहा है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसे घेरने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है।