लाखों खर्च लेकिन चूहों का साम्राज्य खत्म नहीं कर पा रहा रेलवे

ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Sun, 09 Oct 2016 01:49 AM IST
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चूहे रेलवे के सबसे बड़े दुश्मन साबित हो रहे हैं। हर साल चूहों के सफाए पर लाखों रुपये खर्च होेते हैं, लेकिन उनके साम्राज्य को खत्म करना तो दूर उसे हिला भी नहीं पा रहे हैं। मुरादाबाद स्टेशन पर भी यही हाल है।
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मुरादाबाद स्टेशन पर चूहों के खात्मे के लिए रैट एंड पेस्ट कंट्रोल के लिए लाखों रुपये का कांट्रेक्ट दिया गया। लेकिन कंपनी चूहों का खात्मा तो दूर उन्हें खोज भी नहीं पा रही है। जिसके चलते मुरादाबाद के हेल्थ विभाग ने उसके कार्य को लेकर असंतोषजनक कार्य की रिपोर्ट दी है।
 
 रेलवे में चूहे बड़ी समस्या बन गए हैं। चूहों के कारण रेलवे की कई पुरानी और एतिहासिक स्टेशनों की इमारतें खतरे में आ गई हैं। स्टेशनों के नजदीक चूहे रेलवे लाइन के नीचे खुदाई कर देते हैं। इससे गाड़ियों के संचालन में भी खतरा होता है। इसके लिए लगातार कार्य कराया जाता है जिससे ट्रेनों का संचालन सुरक्षित रहे।

मुरादाबाद रेल मंडल मुख्यालय को चूहों से बचाव के लिए करीब चार लाख रुपये सालाना का कांट्रेक्ट दिया। कंपनी को चूहों के साथ ही स्टेशन पर पेस्ट कंट्रोल का भी काम करना होता है। लेकिन कंपनी का अभी तक का काम संतोषजनक नहीं रहा है। यही कारण है स्वास्थ्य विभाग ने उसके काम पर असंतोषजनक का ठप्पा लगा दिया है।

 इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है। स्टेशन और रेलवे कालोनियों में साफ सफाई और स्वास्थ्य संबंधी कार्य स्वास्थ्य विभाग ही जिम्मेदारी है। कंपनी की लापरवाही का ही नतीजा है कि स्टेशन परिसर में चूहे आसानी से घूमते हुए नजर आ जाएंगे। 
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