फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   railway guard got heart attack due to negligence of officials

अफसरों की अनदेखी का शिकार हुआ रेलवे का गार्ड, आया हार्टअटैक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 02:51 AM IST
विज्ञापन
railway guard got heart attack due to negligence  of officials
मुरादाबाद। रेल महकमे के कर्मचारी अनदेखी व प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। हाल ही में इस अनदेखी के चलते रेलवे के एक गार्ड की जान जाते जाते बची। तबीयत खराब होने पर उसने फोन करके पावर केबिन को सूचित किया लेकिन उसे ड्यूटी से आराम नहीं दिया गया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ती गई और हार्टअटैक आ गया। गार्ड को गंभीर हालत में रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत कुछ ठीक होने पर विवेकानंद अस्पताल में रेफर किया गया है।
विज्ञापन

गार्ड मोहम्मद शरीफ (55) ने बताया कि एक सितंबर को सुबह 6 बजे सहरानपुर से मालगाड़ी में उनकी ड्यूटी लगाई गई। रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। दोपहर ढाई बजे मालगाड़ी मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंची। मंडल मुख्यालय होने के कारण यहां से गार्ड की ड्यूटी बदली जाती है। गार्ड ने बताया कि तबीयत खराब होने के कारण कंट्रोल रूम को फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पावर केबिन को सूचित किया कि उसकी ड्यूटी बदली जाए क्योंकि उसकी हालत खराब हो रही है पर किसी ने नहीं सुनी। वहां से आदेश मिला कि मालगाड़ी को रोजा तक पहुंचाना ही होगा। इसके बाद ही ड्यूटी आफ होगी। इस बीच रास्ते में तबीयत और ज्यादा बिगड़ गयी। उसने बताया कि रात 11 बजे मालगाड़ी रोजा पहुंची। उस वक्त सिर में दर्द व चक्कर आ रहे थे। साथ ही ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था। शुक्र था कि साथ में दूसरे गार्ड भी थे। साथी गार्ड ने सहारा देकर रनिंग रूम तक पहुंचाया। 2 सिंतबर की सुबह साथी गार्डों ने उसे मुरादाबाद के लिए दूसरी ट्रेन में बैठाया। मुरादाबाद पहुंचने पर गंभीर हालत में गार्ड को रेलवे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां पता चला कि उसे हार्टअटैक हुआ था। कुछ उपचार देने के बाद गार्ड मोहम्मद शरीफ को विवेकानंद अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। गार्ड ने बताया कि यदि मुरादाबाद में ही ड्यूटी आफ करने देते तो हार्टअटैक की नौबत नहीं आती।
विज्ञापन

उरमू ने जताई नाराजगी
गार्ड के साथ यह घटना होने पर उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने रेल प्रशासन से नाराजगी जताई है। संगठन के मंडल मंत्री शलभ सिंह ने कहा कि परिचालन में ड्राइवर व गार्ड की अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं। कोचिंग टीएनसी को गार्ड रोस्टर पर लगाया हुआ है। जबकि पैसेंजर गार्डों को मालगाड़ियों पर तैनात किया जा रहा है। मंडल मंत्री ने कहा कि इसकी शिकायत सीनियर डीओएम से की गई है। यदि जल्द ही अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो संगठन संघर्ष को बाध्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
गार्ड ने पावर केबिन को सूचित किया था यह बात संज्ञान में नहीं है। मालगाड़ी में और भी गार्ड तैनात थे साथ ही ड्राइवर ने भी इतना समय ही ड्यूटी में दिया जितना कि गार्ड ने। हालत बिगड़ने की सूचना मिलने पर गार्ड को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यात्री गाड़ियों की संख्या कम होने के कारण अधिकांश गार्डों को मालगाड़ियों पर ड्यूटी दी जा रही है। यदि किसी गार्ड या ड्राइवर को कोई शिकायत है तो वह इसकी सूचना लिखित में दे सकता है। - नवीन कुमार, सीनियर डीओएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed