फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Railway elections: The battle is not for recognition, but for coming first.

रेलवे चुनाव : जंग मान्यता की नहीं, अव्वल आने की

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 02:28 AM IST
विज्ञापन
Railway elections: The battle is not for recognition, but for coming first.
मुरादाबाद। 10 वर्ष से अधिक समय के बाद आखिरकार रेलवे में ट्रेड यूनियन के चुनाव की घड़ी आ गई। इस बार 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी मुरादाबाद मंडल में ट्रेड यूनियनों का भविष्य तय करेंगे। चार से छह दिसंबर तक वर्चस्व की जंग में वोटिंग होगी। प्रमुख यूनियनों के पदाधिकारियों का कहना है कि मान्यता मिलनी तो तय है, देखना यह है कि अव्वल कौन आएगा।
विज्ञापन

नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन, उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन, उत्तरी रेलवे कर्मचारी यूनियन समेत चार संगठन चुनावी मैदान में हैं। 12 दिसंबर को मतगणना होगी। उरमू व नरमू अपने अपने मुद्दों को लेकर कर्मचारियों को रिझाने के प्रयास में लगी हैं। उरमू की मुख्य मांग पुरानी पेंशन है तो नरमू आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग कर रही है। पोस्टल बैलेट का वितरण शुरू हो गया है। कर्मचारी भी चतुराई से काम ले रहे हैं। दोनों के मुद्दों को स्वीकार कर हामी भर रहे हैं। उनका रुख स्पष्ट है कि वोटिंग से पहले यह नहीं बताएंगे कि किसके साथ हैं।
विज्ञापन

हाल ही में उरमू ने महामंत्री बीसी शर्मा की अगुवाई में डीआरएम दफ्तर के बाहर जनसभा हुई थी। तीन दिन बाद नरमू ने भी जोर शोर से रैली निकाली और जनसभा की। दोनों अपने-अपने मुद्दों को लेकर व कर्मचारियों के पुराने मुद्दों का समाधान कराने का रिकॉर्ड सबके सामने रख रही हैं। कोई ट्रैक मेंटेनरों से टीटीई स्टाफ तक हर वर्ग के बीच जाकर संपर्क साध रहा है तो कोई खामोशी से अपनी योजना को अंजाम दे रहा है। अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------

इस तरह होगा विजेता का फैसला
शत प्रतिशत वोटिंग में 35 प्रतिशत वोट पाने वाली यूनियन को ही ट्रेड यूनियन की मान्यता दी जाएगी। यदि वोटिंग 90 प्रतिशत या उससे कम रहती है तो 30 प्रतिशत वोट पाने वाली यूनियन मान्य होगी। वोटिंग प्रतिशत ज्यादा कम होने पर कुल वोट का 20 प्रतिशत पाने वाली यूनियन को मान्यता दी जाएगी। मान्यता प्राप्त यूनियन को ही डीआरएम कार्यालय सहित अन्य शाखाओं में दफ्तर व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्हें रेल प्रशासन के साथ पीएनएम करने का अधिकार होगा। 15 प्रतिशत से अधिक वोट पाने वाली यूनियन को गेट मीटिंग करने का अधिकार होगा लेकिन पीएनएम करने की अनुमति नहीं होगी।

-----------
उरमू के प्रमुख मुद्दे
- सैनिकों की तरह रेलकर्मियों को भी पुरानी पेंशन मिले।
- रनिंग कर्मचारियों का माइलेज रेट बढ़ाया जाए।
- सीनियर ड्राइवर, सहायक ड्राइवर व शंटर को जोखिम भत्ता दिया जाए।
- सेंक्शन स्ट्रेंथ के 10 प्रतिशत कर्मियों का हर वर्ष दूसरे विभाग में समायोजन हो।
- आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर बने।
-----------

नरमू के प्रमुख मुद्दे
- आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए।
- एलडीसी ओपन टू ऑल लागू हो।
- सभी को रात्रि भत्ते का भुगतान किया जाए।
- लेवल वन के कर्मियों को 4200 ग्रेड पे दिया जाए।
- आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर जारी हो।

------------
पिछले कई दशकों में नरमू ने रेलकर्मचारियों के हित में जो कार्य किए हैं, उनसे कर्मचारियों का विश्वास जीता है। इसी के बल पर हम चुनाव लड़ेंगे। हमें उम्मीद है कि नरमू के कार्यों के प्रति कर्मचारियों का विश्वास हमारे साथ रहेगा। एकतरफा जीत मिलने के आसार हैं। - राजेश चौबे, मंडल मंत्री, नरमू

--------

मैं 2018 में मंडल मंत्री बना। इसके बाद से मंडल के सभी 26 जिलों में ट्रैक पर काम करने वाले सभी गैंगमैनों के बीच जाकर समस्याएं पूछीं और समाधान कराने का प्रयास किया है। तमाम रेल कर्मचारी इसके गवाह हैं। चुनाव में अव्वल आने के लिए लड़ रहे हैं।
- शलभ सिंह, मंडल मंत्री, उरमू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed