{"_id":"5f29cba48ebc3e3cfb2afe51","slug":"railway-acm-selected-in-civils-city-news-mbd358116599","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरादाबाद में तैनात रेलवे के एसीएम अभिषेक भाल का यूपीएससी में चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरादाबाद में तैनात रेलवे के एसीएम अभिषेक भाल का यूपीएससी में चयन
विज्ञापन
मुरादाबाद। महानगर में तैनात रेलवे के असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर अभिषेक भाल ने संघ लोक सेवा आयोग-2019 की परीक्षा में 255 वीं रैंक हासिल की है। यूपीएससी की परीक्षा में यह उनका पांचवां प्रयास था। जबकि इससे पहले वर्ष 2017 की परीक्षा में वह 380 वां स्थान प्राप्त कर चुके हैं। जिसके बाद उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस के लिए चुना गया।
2 साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 3 जून 2020 को अभिषेक ने मुरादाबाद रेल मंडल के एसीएम पद का कार्यभार संभाला। वह मूल रूप से शामली के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 12वीं की परीक्षा सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद 2013 में आईआईटी वाराणसी से स्नातक किया। इसके बाद दिल्ली जाकर एक निजी कोचिंग संस्थान से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। वर्ष 2015 से वह लगातार इस परीक्षा में बैठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में तीसरे प्रयास में यूपीएससी में 380 वां स्थान पाया। जिससे रेलवे में नौकरी पाई लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन न होने की कसक मन में रह गई। इसलिए उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और रेलवे की ट्रेनिंग करते हुए 2019 की परीक्षा दी। अब अभिषेक को 255 वां स्थान मिला है।
पिता हैं किसान
एसीएम अभिषेक भाल शामली के एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा कि पिता जी ने पढ़ाई में कभी बाधा नहीं आने दी। उन्होंने हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। आठवीं कक्षा के बाद उन्हें पढ़ाई के लिए कुरुक्षेत्र भेजा गया। उसके बाद आईआईटी में दाखिला पाने के लिए कड़ी मेहनत की। जिसमें पिता ने भरपूर सहयोग किया।
विज्ञापन
दादा जी का सपना था कि मैं आईएएस बनूं
अभिषेक भाल ने कहा कि उनके दादा जी चाहते थे कि वह एक आईएएस अफसर बनें। दादा के कहने पर ही पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए कुरुक्षेत्र भेजा। अभिषेक ने कहा कि उन्हें दुख है कि उनके दादा जी अब इस दुनिया में नहीं हैं। दादा का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने अब भी अपनी मेहनत को बरकरार रखा है।
यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों को मेहनत के साथ स्मार्ट वर्क करना चाहिए। कक्षा 6 से 12वीं तक की एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें। लगातार अखबार पढ़कर करेंट अफेयर्स के नोट्स बनाएं। पिछले पांच सालों के प्रश्न पत्रों को हल करें। टेस्ट सीरीज को हल करने की आदत डालें। कोचिंग संस्थान की मदद ले सकते हैं लेकिन ज्यादा से ज्यादा सेल्फ स्टडी करें। - एसीएम अभिषेक भाल
विज्ञापन
2 साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 3 जून 2020 को अभिषेक ने मुरादाबाद रेल मंडल के एसीएम पद का कार्यभार संभाला। वह मूल रूप से शामली के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 12वीं की परीक्षा सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद 2013 में आईआईटी वाराणसी से स्नातक किया। इसके बाद दिल्ली जाकर एक निजी कोचिंग संस्थान से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। वर्ष 2015 से वह लगातार इस परीक्षा में बैठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में तीसरे प्रयास में यूपीएससी में 380 वां स्थान पाया। जिससे रेलवे में नौकरी पाई लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन न होने की कसक मन में रह गई। इसलिए उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और रेलवे की ट्रेनिंग करते हुए 2019 की परीक्षा दी। अब अभिषेक को 255 वां स्थान मिला है।
विज्ञापन
पिता हैं किसान
एसीएम अभिषेक भाल शामली के एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा कि पिता जी ने पढ़ाई में कभी बाधा नहीं आने दी। उन्होंने हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। आठवीं कक्षा के बाद उन्हें पढ़ाई के लिए कुरुक्षेत्र भेजा गया। उसके बाद आईआईटी में दाखिला पाने के लिए कड़ी मेहनत की। जिसमें पिता ने भरपूर सहयोग किया।
विज्ञापन
दादा जी का सपना था कि मैं आईएएस बनूं
अभिषेक भाल ने कहा कि उनके दादा जी चाहते थे कि वह एक आईएएस अफसर बनें। दादा के कहने पर ही पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए कुरुक्षेत्र भेजा। अभिषेक ने कहा कि उन्हें दुख है कि उनके दादा जी अब इस दुनिया में नहीं हैं। दादा का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने अब भी अपनी मेहनत को बरकरार रखा है।
यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों को मेहनत के साथ स्मार्ट वर्क करना चाहिए। कक्षा 6 से 12वीं तक की एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें। लगातार अखबार पढ़कर करेंट अफेयर्स के नोट्स बनाएं। पिछले पांच सालों के प्रश्न पत्रों को हल करें। टेस्ट सीरीज को हल करने की आदत डालें। कोचिंग संस्थान की मदद ले सकते हैं लेकिन ज्यादा से ज्यादा सेल्फ स्टडी करें। - एसीएम अभिषेक भाल